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उज्जैन में युवा धर्म संसद: 24 राज्यों के युवाओं ने रंगों के माध्यम से कैनवास पर उकेरा भारत का सांस्कृतिक सार

· September 17, 2026 · 2 मिनट पढ़ें

धर्मनगरी उज्जैन में आयोजित ‘युवा धर्म संसद’ के दौरान भारतीय कला और संस्कृति का एक बेहद खूबसूरत और अद्भुत संगम देखने को मिला। इस भव्य आयोजन में देश के 24 राज्यों से पहुंचे प्रतिभागी युवाओं ने अपनी कलात्मक प्रतिभा का प्रदर्शन करते हुए कैनवास पर भारत की सांस्कृतिक आत्मा और आध्यात्मिक विविधता को रंगों के जरिए जीवंत कर दिया।

इस विशेष सत्र का मुख्य उद्देश्य देश के विभिन्न कोनों से आए युवाओं को एक मंच पर लाकर उन्हें भारतीय सांस्कृतिक धरोहर और सद्भाव के प्रति जागरूक करना था।

कैनवास पर दिखा ‘विविधता में एकता’ का रूप

चित्रकारी प्रदर्शनी में भाग ले रहे युवा कलाकारों ने अपनी-अपनी क्षेत्रीय पहचान, लोक कला, ऐतिहासिक मंदिरों और सांस्कृतिक परंपराओं को चित्रों में ढाला।

  • दक्षिण भारत के दिव्य मंदिर स्थापत्य से लेकर पूर्वोत्तर भारत की प्राकृतिक सुंदरता तक, हर चित्र में एक अलग कहानी नजर आई।
  • उत्तर भारत की धार्मिक मान्यताओं और मध्य भारत की ऐतिहासिक धरोहरों को भी युवाओं ने अपने दृष्टिकोण से चित्रित किया।

युवाओं को सांस्कृतिक जड़ों से जोड़ने की पहल

कार्यक्रम के आयोजकों ने बताया कि इस प्रकार के आयोजनों से युवा पीढ़ी न केवल अपनी कला का प्रदर्शन करती है, बल्कि एक-दूसरे के राज्यों की परंपराओं और रीति-रिवाजों को भी करीब से समझ पाती है। युवा धर्म संसद में उकेरी गई इन कलाकृतियों ने दर्शकों और कला प्रेमियों का ध्यान अपनी ओर मजबूती से खींचा।

कार्यक्रम के अंत में भाग लेने वाले कलाकारों के प्रयासों की सराहना की गई और उन्हें भारतीय संस्कृति के संरक्षण व संवर्धन का संकल्प भी दिलाया गया।

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