जल्दी अमीर बनने के लालच में नकली शराब बनाने का आरोप, अजय ने शराब दुकानों के कर्मचारियों को भी जोड़ा

देवास शराब कांड: अजय पर नकली शराब बनाने का आरोप, इंदौर से मंगाए केमिकल
इंदौर/देवास। मध्यप्रदेश के देवास जिले में कथित जहरीली शराब से मौतों के मामले की जांच में एक बड़े अवैध शराब कारोबार का खुलासा हुआ है। पुलिस के अनुसार, आरोपी अजय राठौर ने कथित तौर पर जल्दी पैसा कमाने के लिए नकली शराब तैयार करने और उसे बाजार में बेचने की योजना बनाई। इस काम में उसने शराब दुकानों से जुड़े कुछ कर्मचारियों को भी शामिल किया। जांच में इंदौर से केमिकल की खरीद और नकली शराब की आपूर्ति से जुड़े तथ्य सामने आए हैं।
नकली शराब तैयार करने की योजना बनाने का आरोप
पुलिस के मुताबिक, पूछताछ के दौरान पता चला कि अजय राठौर ने कथित तौर पर कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) की मदद से घर पर शराब तैयार करने के तरीके तलाशे थे। इसके बाद उसने अन्य लोगों के साथ मिलकर नकली शराब बनाने और उसे बेचने की योजना पर काम किया।
जांच एजेंसियों के अनुसार, इस नेटवर्क में कुछ ऐसे लोग भी शामिल थे, जिनका संबंध लाइसेंसी शराब दुकानों से था। पुलिस इस बात की जांच कर रही है कि आरोपियों ने किस तरह नकली शराब को असली शराब के साथ मिलाकर बाजार तक पहुंचाया।
इंदौर से मंगाए गए केमिकल, कई जगहों पर तैयार की शराब
जांच में सामने आया कि नकली शराब तैयार करने के लिए इंदौर से केमिकल मंगाए गए थे। पुलिस के अनुसार, आरोपियों ने देवास जिले के कुछ स्थानों पर कथित तौर पर नकली शराब तैयार की। इसके बाद उसे असली शराब की तरह दिखाकर बेचने की कोशिश की गई।
पुलिस का कहना है कि इस मामले में शराब की बोतलों और उनकी आपूर्ति से जुड़े पहलुओं की भी जांच की जा रही है। इंदौर में केमिकल की आपूर्ति से संबंधित स्थानों पर कार्रवाई की गई है, जबकि पूरे नेटवर्क की कड़ियां जोड़ने का प्रयास जारी है।
शराब दुकानों के कर्मचारियों की भूमिका भी जांच के दायरे में
इस मामले में पुलिस ने देवास और इंदौर जिलों की तीन लाइसेंसी शराब दुकानों से जुड़े कर्मचारियों सहित कुल 10 लोगों को गिरफ्तार किए जाने की जानकारी दी है। आरोपियों पर अवैध रूप से शराब की बिक्री और कथित नकली शराब के कारोबार में शामिल होने के आरोप हैं।
पुलिस के मुताबिक, कार्रवाई के दौरान देशी शराब की 54 लीटर मात्रा सहित अन्य सामान, मोबाइल फोन, एक कार और नकदी जब्त की गई। जब्त सामग्री और शराब के नमूनों की जांच कराई जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि जांच आगे बढ़ने के साथ इस कारोबार में शामिल अन्य लोगों की भूमिका भी स्पष्ट हो सकती है।
देवास में मौतों के मामले की जांच जारी
देवास जिले के चंदाना, बिंजाना और आसपास के क्षेत्रों में कथित जहरीली शराब के सेवन से कई लोगों की मौत होने की बात सामने आई थी। ग्रामीणों ने कम से कम 10 मौतों का दावा किया है, जबकि कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी ने इससे अधिक मौतों का दावा किया था। इन आंकड़ों और मौतों के वास्तविक कारणों की आधिकारिक पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी।
पुलिस ने मृतकों के विसरा नमूनों और जब्त शराब को जांच के लिए भेजा है। रिपोर्ट आने के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि मौतों का संबंध कथित नकली शराब से था या नहीं।
मामले की गंभीरता को देखते हुए राज्य सरकार ने उच्चस्तरीय जांच दल भी गठित किया है। फिलहाल पुलिस अवैध शराब की खरीद, निर्माण, आपूर्ति और बिक्री से जुड़े पूरे नेटवर्क की जांच कर रही है।




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