MP Weather: मध्य प्रदेश में दिन गर्म, रातें ठंडी क्यों? चार दिन मौसम साफ रहने के आसार, फिर बारिश के संकेत

MP Weather: दिन गर्म, रातें ठंडी; 28 अक्टूबर से बारिश के आसार

भोपाल। मध्य प्रदेश में मौसम का मिजाज एक बार फिर बदलता नजर आ रहा है। पिछले आठ दिनों से कई इलाकों में जारी आंधी और बारिश का दौर कमजोर पड़ गया है। अब प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में मौसम साफ रहने की संभावना है। दिन में धूप निकलने से गर्मी महसूस हो रही है, जबकि रात के तापमान में गिरावट के कारण सुबह और देर रात ठंडक बढ़ने लगी है।

मौसम के इस बदलाव के बीच अगले चार दिनों तक प्रदेश में बारिश की कोई बड़ी चेतावनी नहीं है। हालांकि, अक्टूबर के अंतिम सप्ताह में नया मौसम तंत्र सक्रिय होने से कुछ इलाकों में फिर बारिश हो सकती है। ऐसे में फिलहाल साफ मौसम के बावजूद महीने के आखिरी दिनों में मौसम पर नजर रखना जरूरी होगा।

अमरकंटक में रात का तापमान 13 डिग्री तक पहुंचा

प्रदेश के कई हिस्सों में रात के तापमान में गिरावट दर्ज की जा रही है। अनूपपुर जिले के अमरकंटक में न्यूनतम तापमान 13 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। वहीं, कटनी के करौंदी में रात का तापमान 13.1 डिग्री सेल्सियस रहा।

दमोह में न्यूनतम तापमान 14.5 डिग्री, शाजापुर में 15.6 डिग्री और रीवा, उमरिया तथा नीमच के मरुखेड़ा में 15.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।

रात के तापमान में गिरावट के चलते सुबह और रात के समय ठंडक महसूस होने लगी है। आने वाले दिनों में तापमान में होने वाले बदलाव से मौसम का यह अंतर और स्पष्ट हो सकता है।

बारिश थमने के बाद चार दिन साफ रह सकता है मौसम

पश्चिमी मध्य प्रदेश में पिछले आठ दिनों से सक्रिय बारिश का दौर अब कमजोर पड़ गया है। इससे पहले चक्रवाती परिसंचरण के प्रभाव से इंदौर और उज्जैन संभाग में कई स्थानों पर बारिश हुई थी। भोपाल और नर्मदापुरम संभाग के कुछ जिलों में भी तेज बारिश और बूंदाबांदी दर्ज की गई थी।

वहीं, जबलपुर, रीवा और शहडोल संभाग के कई इलाकों में धूप निकलने की स्थिति बनी रही। शुक्रवार को भी इंदौर संभाग के अलीराजपुर, धार, बड़वानी, खरगोन, बुरहानपुर और खंडवा सहित हरदा व बैतूल के कुछ क्षेत्रों में बादल छाए रहने और हल्की बूंदाबांदी की जानकारी सामने आई थी।

अब अगले चार दिनों तक आंधी और बारिश की कोई बड़ी चेतावनी नहीं है। इससे लोगों को फिलहाल बारिश से राहत मिलने की उम्मीद है।

भोपाल समेत कई शहरों में दिन का तापमान 35 डिग्री से नीचे

प्रदेश के कई शहरों में अधिकतम तापमान में भी गिरावट दर्ज की गई है। भोपाल के अलावा खजुराहो, रतलाम, गुना, खरगोन, खंडवा, छतरपुर, ग्वालियर, बालाघाट, राजगढ़, उज्जैन, मंडला और सागर में दिन का तापमान 35 डिग्री सेल्सियस से नीचे बना हुआ है।

दिन में धूप के कारण गर्मी का एहसास बना रह सकता है, लेकिन रात के तापमान में गिरावट से मौसम अपेक्षाकृत सुहावना हो रहा है। इसी वजह से दिन और रात के मौसम में अंतर महसूस किया जा रहा है।

दिन गर्म और रातें ठंडी क्यों हो रही हैं?

अक्टूबर में मानसून की वापसी के बाद भी अलग-अलग मौसम प्रणालियों के कारण मध्य प्रदेश में बारिश होती रही। बादलों, बारिश और स्थानीय मौसम परिस्थितियों में बदलाव के कारण तापमान में उतार-चढ़ाव देखने को मिला।

अब बारिश का दौर कमजोर पड़ने और कई इलाकों में आसमान साफ रहने से दिन में धूप का असर बढ़ सकता है। दूसरी ओर, रात में तापमान गिरने से ठंडक महसूस होती है। इस तरह एक ही दिन में गर्म दोपहर और ठंडी सुबह या रात का अनुभव हो सकता है।

मौसम विशेषज्ञों के अनुसार, अक्टूबर में गर्मी, बारिश और ठंडक का मिला-जुला असर देखने को मिल सकता है। हालांकि, किसी शहर का वास्तविक तापमान स्थानीय परिस्थितियों और मौसम प्रणाली पर निर्भर करता है।

अक्टूबर के आखिरी सप्ताह में फिर बदल सकता है मौसम

फिलहाल मौसम साफ रहने की संभावना है, लेकिन महीने के अंतिम सप्ताह में एक नया मौसम तंत्र सक्रिय होने का अनुमान है। इसके प्रभाव से उत्तर-पश्चिमी मध्य प्रदेश के कुछ इलाकों में बारिश हो सकती है।

भारत मौसम विज्ञान विभाग के 24 अक्टूबर के पूर्वानुमान के अनुसार, 28 से 30 अक्टूबर के बीच पूर्वी मध्य प्रदेश में भारी बारिश की चेतावनी जारी की गई है। पश्चिमी मध्य प्रदेश के लिए इस अवधि में वैसी चेतावनी दर्ज नहीं की गई है।

यह पूर्वानुमान पूरे प्रदेश में एक जैसी बारिश होने का संकेत नहीं है। जिले और स्थानीय परिस्थितियों के अनुसार मौसम अलग-अलग रह सकता है। इसलिए लोगों को यात्रा, खेती और खुले में होने वाले कार्यक्रमों की योजना बनाते समय ताजा जिला-स्तरीय पूर्वानुमान देखना चाहिए।

इस साल मानसून में कितनी बारिश हुई?

मध्य प्रदेश से दक्षिण-पश्चिम मानसून की विदाई 3 अक्टूबर को हो गई थी। इसके बावजूद अलग-अलग मौसम प्रणालियों के कारण प्रदेश के पूर्वी और पश्चिमी हिस्सों में अक्टूबर के दौरान बारिश होती रही।

इस वर्ष जून से सितंबर के बीच प्रदेश में कुल 908.4 मिलीमीटर यानी लगभग 35.8 इंच बारिश दर्ज की गई। सामान्य बारिश का आंकड़ा 949.5 मिलीमीटर यानी करीब 37.3 इंच है। इस हिसाब से प्रदेश में मानसून के दौरान सामान्य से लगभग चार प्रतिशत कम बारिश हुई।

क्षेत्रवार आंकड़ों में अंतर भी देखने को मिला। पूर्वी मध्य प्रदेश में सामान्य से करीब चार प्रतिशत अधिक बारिश हुई, जबकि पश्चिमी मध्य प्रदेश में औसत से लगभग 12 प्रतिशत कम वर्षा दर्ज की गई।

लोगों को फिलहाल क्या सावधानी रखनी चाहिए?

अगले कुछ दिनों में मौसम साफ रहने की संभावना के बावजूद तापमान में उतार-चढ़ाव बना रह सकता है। सुबह और रात में बाहर निकलने वालों को हल्के गर्म कपड़े रखने चाहिए, जबकि दोपहर में धूप से बचाव करना उपयोगी रहेगा।

किसान और लंबी दूरी की यात्रा करने वाले लोग मौसम विभाग की ताजा चेतावनियों पर नजर रखें, खासकर 28 से 30 अक्टूबर के बीच पूर्वी मध्य प्रदेश के संभावित बारिश वाले क्षेत्रों में।

निष्कर्ष: मध्य प्रदेश में बारिश का दौर कमजोर पड़ने के बाद अगले चार दिनों तक मौसम अपेक्षाकृत साफ रहने की संभावना है। दिन में धूप और रात में गिरते तापमान के कारण मौसम में दोहरा बदलाव महसूस हो रहा है। हालांकि, अक्टूबर के आखिरी दिनों में पूर्वी मध्य प्रदेश में फिर बारिश के संकेत हैं, इसलिए मौसम के ताजा अपडेट पर नजर रखना जरूरी है।

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