लोकायुक्त जांच में प्रधान आरक्षक के परिवार की संपत्तियों का खुलासा, देवास में दो प्लॉट और 9 करोड़ की जमीन का सौदा जांच के घेरे में

इंदौर के प्रधान आरक्षक की संपत्ति जांच: देवास के प्लॉट और 9 करोड़ का जमीन सौदा

इंदौर। मध्य प्रदेश में आय से अधिक संपत्ति के मामले में पुलिस ट्रेनिंग कॉलेज, इंदौर में पदस्थ प्रधान आरक्षक चालक फिरोज खान के खिलाफ लोकायुक्त की जांच आगे बढ़ रही है। जांच के दौरान देवास में उनके परिवार के सदस्यों के नाम पर खरीदे गए दो प्लॉट और उज्जैन रोड पर करीब 9 करोड़ रुपये के जमीन सौदे से जुड़े तथ्य सामने आए हैं। जांच एजेंसी इन संपत्तियों की खरीद, भुगतान और संबंधित लोगों की भूमिका की पड़ताल कर रही है।

देवास में दो प्लॉट की ऑनलाइन नीलामी में परिवार के सदस्य शामिल

जांच से जुड़ी जानकारी के मुताबिक, देवास में दो प्लॉट खरीदने के लिए फिरोज खान की पत्नी हीना खान, मां वहीदा खान और बेटी जैफी खान ने ऑनलाइन नीलामी में हिस्सा लिया था। दोनों प्लॉट की बोली करीब 92 लाख रुपये में तय हुई। रजिस्ट्री शुल्क और अन्य खर्च जोड़ने के बाद इनकी कुल लागत लगभग एक करोड़ रुपये आंकी गई है।

इनमें उज्जैन रोड स्थित करीब 2,400 वर्गफीट का प्लॉट और कॉन्वेंट स्कूल मार्ग पर लगभग 750 वर्गफीट का दूसरा प्लॉट शामिल बताया गया है। इनमें से एक संपत्ति पर पक्का मकान भी बना हुआ है।

लोकायुक्त इन संपत्तियों की खरीद से जुड़े दस्तावेजों और भुगतान के स्रोत की जांच कर रहा है। इसके लिए देवास के रजिस्ट्रार कार्यालय से भी आधिकारिक रिकॉर्ड मांगा गया है।

उज्जैन रोड पर 9 करोड़ रुपये के जमीन सौदे की जांच

लोकायुक्त की पड़ताल में उज्जैन रोड पर करीब 45 बीघा जमीन के एक अन्य सौदे की जानकारी भी सामने आई है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, कस्तूरीबाई और इंदौर निवासी रविकांत पंवार ने यह जमीन श्याम इन्फा के पार्टनर सुमित जिंदल को लगभग 9 करोड़ रुपये में बेची थी।

इस सौदे के दस्तावेजों में फिरोज खान का नाम गवाह के रूप में दर्ज होने की बात सामने आई है। अब जांच एजेंसी यह पता लगाने में जुटी है कि इस लेनदेन में उनकी वास्तविक भूमिका क्या थी और वे इस सौदे से किस तरह जुड़े थे।

बताया गया है कि जमीन के नामांतरण यानी म्यूटेशन की प्रक्रिया पर राजस्व न्यायालय ने रोक लगा रखी है। जमीन से जुड़े दस्तावेजों और लेनदेन की परिस्थितियों की जांच की जा रही है।

46 संपत्तियों की जानकारी मिलने का दावा

लोकायुक्त की जांच से जुड़े हालिया विवरणों के अनुसार, इंदौर, देवास और उज्जैन जिलों में अब तक 46 अचल संपत्तियों का पता चला है। ये संपत्तियां कथित तौर पर फिरोज खान, उनके परिवार के सदस्यों, सहयोगियों और उनसे जुड़ी फर्मों के नाम पर खरीदी गई हैं।

जांच में इन संपत्तियों का मौजूदा बाजार मूल्य करीब 64 करोड़ रुपये आंका गया है। वहीं, संपत्तियां खरीदने में किए गए कुल खर्च और सरकारी गाइडलाइन मूल्य के आंकड़े इससे अलग हैं। बाजार मूल्य का यह आकलन जांच के दौरान सामने आया है और इसे अंतिम न्यायिक निष्कर्ष नहीं माना जाना चाहिए।

संपत्तियों के लिए धन कहां से आया, इसकी पड़ताल जारी

लोकायुक्त की विशेष पुलिस स्थापना इस बात की जांच कर रही है कि इन संपत्तियों को खरीदने के लिए धन कहां से आया। एजेंसी परिवार के सदस्यों के नाम पर हुए लेनदेन, कंपनियों और फर्मों के वित्तीय रिकॉर्ड तथा जमीनों की खरीद से जुड़े दस्तावेजों की जांच कर रही है।

प्रधान आरक्षक के खिलाफ आय से अधिक संपत्ति के मामले में जांच जारी है। देवास के प्लॉट और उज्जैन रोड के जमीन सौदे से जुड़े तथ्यों का सत्यापन होने के बाद ही इन लेनदेन में संबंधित लोगों की भूमिका स्पष्ट हो सकेगी।

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