दिग्विजय सिंह की सत्य सनातन यात्रा तीसरे दिन तराना पहुंची, उठाए चंदा और वोट चोरी के मुद्दे
उज्जैन। मध्यप्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह की ‘सत्य सनातन स्वाभिमान यात्रा’ तीसरे दिन देवास जिले के सिंदूरिया गांव से तराना की ओर बढ़ी। यात्रा के दौरान उन्होंने मंदिरों में श्रद्धालुओं से मिलने वाले दान और चढ़ावे में कथित अनियमितताओं की जांच कराने के साथ ही चुनाव में ईवीएम की जगह बैलेट पेपर के इस्तेमाल की मांग उठाई।
यह पदयात्रा धार्मिक स्थलों पर दान की पारदर्शिता, जवाबदेही और मताधिकार की सुरक्षा जैसे मुद्दों को लेकर निकाली जा रही है। यात्रा में साधु-संतों और कांग्रेस कार्यकर्ताओं सहित कई लोग शामिल हैं।
सिंदूरिया से तराना तक पदयात्रा
यात्रा के तीसरे दिन पदयात्रा देवास जिले के सिंदूरिया गांव से शुरू हुई। निर्धारित मार्ग में खजूरिया परमार, जवासिया स्थित गोयल पेट्रोल पंप और कबलीखेड़ा जोड़ के हनुमान मंदिर जैसे स्थान शामिल रहे।
कार्यक्रम के अनुसार, दोपहर में भोजन और विश्राम के बाद यात्रा के शाम करीब छह बजे तराना नगर पहुंचने का कार्यक्रम था। वहां रात्रि भोजन और विश्राम की व्यवस्था निर्धारित की गई थी।
मंदिरों के दान में पारदर्शिता की मांग
दिग्विजय सिंह का कहना है कि बड़े धार्मिक स्थलों पर श्रद्धालुओं की ओर से दिए जाने वाले दान और चढ़ावे के प्रबंधन में पारदर्शिता होनी चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि अयोध्या सहित कुछ प्रमुख धार्मिक स्थलों पर दान से जुड़े मामलों में अनियमितताओं की शिकायतों के बावजूद पर्याप्त कार्रवाई नहीं हो रही है।
यात्रा के जरिए उन्होंने ऐसे मामलों की निष्पक्ष जांच कराने और जिम्मेदार पाए जाने वालों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की मांग की है। हालांकि, दान में अनियमितताओं से जुड़े आरोपों को जांच के निष्कर्षों से अलग समझना जरूरी है।
ईवीएम के बजाय बैलेट पेपर से चुनाव कराने की मांग
यात्रा के दौरान दिग्विजय सिंह ने चुनाव प्रक्रिया को लेकर भी अपना पक्ष रखा। उन्होंने ईवीएम के स्थान पर बैलेट पेपर से मतदान कराने की मांग दोहराई और इसे मताधिकार की सुरक्षा से जुड़ा मुद्दा बताया।
इस तरह यात्रा में धार्मिक संस्थाओं के प्रबंधन के साथ चुनाव प्रणाली को लेकर भी चर्चा हो रही है। बैलेट पेपर से चुनाव कराने की मांग दिग्विजय सिंह का राजनीतिक पक्ष है; इसे किसी सिद्ध चुनावी अनियमितता के प्रमाण के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए।
उज्जैन से अयोध्या तक करीब 930 किलोमीटर का सफर
‘सत्य सनातन स्वाभिमान यात्रा’ की शुरुआत 20 अक्टूबर 2026 को विजयादशमी के अवसर पर उज्जैन के महाकालेश्वर मंदिर से हुई थी। इसकी प्रस्तावित यात्रा उज्जैन से आगे देवास, सोनकच्छ, भोपाल, विदिशा और सागर सहित विभिन्न क्षेत्रों से होते हुए ओरछा और फिर अयोध्या तक पहुंचने की है।
यात्रा की कुल प्रस्तावित दूरी करीब 930 किलोमीटर बताई गई है। इसके जरिए धार्मिक स्थलों पर दान की पारदर्शिता, जवाबदेही और मताधिकार से जुड़े विषयों को लोगों के बीच उठाने का प्रयास किया जा रहा है।
यात्रा में धार्मिक और राजनीतिक मुद्दे साथ-साथ
इस पदयात्रा में धार्मिक आस्था से जुड़े कार्यक्रमों के साथ सार्वजनिक और राजनीतिक विषयों पर भी चर्चा हो रही है। दिग्विजय सिंह ने मंदिरों के दान के प्रबंधन में पारदर्शिता और चुनाव प्रक्रिया में बदलाव की मांग को यात्रा के प्रमुख मुद्दों के रूप में रखा है।
आगे यात्रा के विभिन्न पड़ावों पर इन मुद्दों को लेकर संवाद और कार्यक्रम प्रस्तावित हैं।












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