MP TET 2026: दिसंबर में शिक्षक पात्रता परीक्षा की तैयारी, 34 हजार शिक्षकों ने कराया पंजीयन; 13 या 20 तारीख पर विचार

MP TET 2026: दिसंबर में परीक्षा, 34 हजार शिक्षकों ने कराया पंजीयन
भोपाल। मध्यप्रदेश में कार्यरत शिक्षकों के लिए शिक्षक पात्रता परीक्षा (टीईटी) 2026 को लेकर तैयारियां तेज हो गई हैं। स्कूल शिक्षा विभाग दिसंबर में परीक्षा आयोजित करने की तैयारी कर रहा है। इसके लिए 13 दिसंबर या 20 दिसंबर की संभावित तारीखों पर विचार किया जा रहा है। परीक्षा के आयोजन की जिम्मेदारी माध्यमिक शिक्षा मंडल, भोपाल को सौंपी गई है। मंडल ने परीक्षा से जुड़ी तैयारियां पूरी कर ली हैं और अभ्यर्थियों के लिए विस्तृत दिशा-निर्देश जल्द जारी किए जाने की संभावना है।
अब तक परीक्षा के लिए करीब 34 हजार शिक्षकों ने पंजीयन कराया है। इनमें सरकारी स्कूलों के लगभग 20 हजार और निजी स्कूलों के करीब 14 हजार शिक्षक शामिल हैं। परीक्षा केंद्र जिला स्तर पर बनाए जाने की तैयारी है, ताकि शिक्षकों को दूसरे जिलों में जाने की परेशानी न हो।
13 या 20 दिसंबर को हो सकती है परीक्षा
स्कूल शिक्षा विभाग ने माध्यमिक शिक्षा मंडल को टीईटी आयोजित करने की जिम्मेदारी दी है। विभाग दिसंबर में 10 तारीख के बाद परीक्षा कराने की तैयारी में है। इसी क्रम में 13 और 20 दिसंबर की तारीखों पर विचार किया जा रहा है।
माध्यमिक शिक्षा मंडल के स्तर पर परीक्षा आयोजन की व्यवस्थाएं तैयार की जा चुकी हैं। विभाग की ओर से अगले दो से तीन दिनों में परीक्षा से संबंधित विस्तृत दिशा-निर्देश जारी किए जाने की जानकारी सामने आई है। हालांकि, अभ्यर्थियों को अंतिम कार्यक्रम के लिए आधिकारिक घोषणा का इंतजार करना होगा।
34 हजार शिक्षकों ने कराया पंजीयन
टीईटी 2026 में शामिल होने के लिए अब तक करीब 34 हजार शिक्षक पंजीयन करा चुके हैं। उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार इनमें लगभग 20 हजार सरकारी स्कूलों के शिक्षक और 14 हजार निजी स्कूलों के शिक्षक हैं।
परीक्षा में शामिल होने वाले शिक्षकों की संख्या और उनके कार्यस्थल के आधार पर केंद्रों की व्यवस्था की जाएगी। माध्यमिक शिक्षा मंडल जिला स्तर पर परीक्षा केंद्र बनाने की तैयारी कर रहा है। इससे अभ्यर्थियों को अपने जिले में ही परीक्षा देने की सुविधा मिल सकती है।
मॉडल प्रश्नपत्र से कर सकेंगे तैयारी
स्कूल शिक्षा विभाग ने शिक्षकों की तैयारी के लिए मॉडल प्रश्नपत्र तैयार कराए हैं। इन्हें विभाग की आधिकारिक वेबसाइट पर अपलोड किया गया है। अभ्यर्थी इन प्रश्नपत्रों के माध्यम से परीक्षा के संभावित प्रारूप, प्रश्नों के स्वरूप और विषयों की तैयारी का अभ्यास कर सकते हैं।
वहीं, माध्यमिक शिक्षा मंडल 16 से 27 नवंबर के बीच डीएलएड (D.El.Ed.) परीक्षा आयोजित करेगा। इसके बाद दिसंबर में टीईटी कराने की तैयारी है। मंडल को दोनों परीक्षाओं के आयोजन की व्यवस्थाओं के बीच समय-सारणी और केंद्रों का समन्वय करना होगा।
सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद आयोजित हो रही टीईटी
मध्यप्रदेश में कार्यरत शिक्षकों के लिए यह परीक्षा सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के बाद आयोजित की जा रही है। प्रदेश में करीब डेढ़ लाख शिक्षकों पर टीईटी की अनिवार्यता का मामला लागू होता है। हालांकि, सभी शिक्षकों को परीक्षा में शामिल होना होगा या कुछ श्रेणियों को छूट मिलेगी, इसे लेकर अलग-अलग प्रावधान और न्यायिक स्थिति महत्वपूर्ण हैं।
उपलब्ध जानकारी के अनुसार जिन शिक्षकों की सेवा में पांच वर्ष या उससे कम समय शेष है, उन्हें परीक्षा में शामिल होने से राहत दी जा रही है। इस छूट के कारण परीक्षा में शामिल होने वाले शिक्षकों की वास्तविक संख्या कुल संभावित संख्या से कम हो सकती है।
2005 से 2009 के बीच नियुक्त शिक्षकों पर स्थिति स्पष्ट नहीं
टीईटी को लेकर सबसे अहम सवाल वर्ष 2005 से 2009 के बीच नियुक्त हुए शिक्षकों की पात्रता का है। इन शिक्षकों की नियुक्ति कर्मचारी चयन मंडल (पूर्व में व्यापम) की भर्ती प्रक्रिया के माध्यम से हुई थी। उस समय की भर्ती प्रक्रिया और राष्ट्रीय शिक्षक शिक्षा परिषद (NCTE) के निर्धारित मानकों को लेकर स्थिति अलग रही है।
इसी विषय पर स्कूल शिक्षा विभाग ने सुप्रीम कोर्ट में आवेदन प्रस्तुत किया है। अब न्यायालय के निर्णय से स्पष्ट होगा कि इस अवधि में नियुक्त शिक्षकों को टीईटी देना अनिवार्य होगा या उन्हें किसी प्रकार की छूट मिलेगी।
यदि इन शिक्षकों को परीक्षा से छूट मिलती है, तो परीक्षा के दायरे में आने वाले अभ्यर्थियों की संख्या घटकर करीब 70 हजार रह सकती है। इनमें वर्ष 1998 से 2005 के बीच सीधी भर्ती प्रक्रिया से नियुक्त शिक्षक शामिल बताए जा रहे हैं।
अंतिम तारीख और दिशा-निर्देशों का इंतजार
फिलहाल परीक्षा की तैयारियां जारी हैं। 13 या 20 दिसंबर में से किस तारीख को परीक्षा आयोजित होगी, इसका अंतिम निर्णय स्कूल शिक्षा विभाग की आधिकारिक घोषणा के बाद ही स्पष्ट होगा। इसी तरह 2005 से 2009 के बीच नियुक्त शिक्षकों को लेकर सुप्रीम कोर्ट में लंबित मामले का निर्णय भी परीक्षा में शामिल होने वाले अभ्यर्थियों की संख्या तय करने में अहम रहेगा।
शिक्षकों को सलाह है कि वे स्कूल शिक्षा विभाग और माध्यमिक शिक्षा मंडल की आधिकारिक सूचनाओं पर नजर रखें तथा उपलब्ध मॉडल प्रश्नपत्रों से तैयारी जारी रखें।




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