इंदौर में 267 करोड़ के चार फ्लायओवर का काम धीमा, धूल-गड्ढों और जाम से लोग परेशान

इंदौर में 267 करोड़ के चार फ्लायओवर का काम धीमा, 2027 तक इंतजार?

इंदौर। शहर में ट्रैफिक जाम से राहत देने के उद्देश्य से बनाए जा रहे चार सिक्स-लेन फ्लायओवर का निर्माण तय रफ्तार से आगे नहीं बढ़ पा रहा है। मूसाखेड़ी, देवास नाका, सत्यसाईं चौराहा और क्रिस्टल आईटी पार्क में निर्माण अधूरा होने के कारण वाहन चालकों को रोजाना परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। सर्विस रोड पर धूल, गड्ढे और सीमित रास्तों के चलते व्यस्त समय में यातायात प्रभावित हो रहा है।

इन चार परियोजनाओं पर कुल 267 करोड़ रुपये खर्च किए जा रहे हैं। निर्माण की समयसीमा दिसंबर 2026 तय की गई है, लेकिन कई महत्वपूर्ण काम बाकी होने के कारण इनके पूरी तरह शुरू होने में देरी की आशंका है।

चारों फ्लायओवर का कितना काम पूरा?

निर्माण की मौजूदा स्थिति के मुताबिक, मूसाखेड़ी फ्लायओवर का करीब 65 प्रतिशत, देवास नाका का 70 प्रतिशत, सत्यसाईं चौराहे का 60 प्रतिशत और क्रिस्टल आईटी पार्क फ्लायओवर का लगभग 55 प्रतिशत काम पूरा हुआ है।

इन आंकड़ों के अनुसार, क्रिस्टल आईटी पार्क में सबसे कम निर्माण पूरा हुआ है, जबकि देवास नाका परियोजना अपेक्षाकृत आगे है। हालांकि, किसी भी फ्लायओवर को यातायात के लिए पूरी तरह तैयार करने में केवल मुख्य ढांचे का निर्माण पर्याप्त नहीं होता। एप्रोच रोड, डेक स्लैब, डामरीकरण और सुरक्षा संबंधी काम भी पूरे होने जरूरी हैं।

देवास नाका: ट्रैफिक डायवर्जन से प्रभावित निर्माण

देवास नाका क्षेत्र औद्योगिक और व्यावसायिक गतिविधियों के कारण व्यस्त रहता है। यहां भारी वाहनों के साथ बड़ी संख्या में निजी वाहन भी गुजरते हैं। फ्लायओवर के निर्माण के दौरान यातायात का दबाव और बढ़ गया है।

इस परियोजना में अतिक्रमण हटाने और सर्विस रोड से जुड़े कार्यों के बाद भी कुछ हिस्सों में निर्माण के लिए यातायात डायवर्जन की जरूरत रही है। वाहनों की आवाजाही के कारण काम प्रभावित होने की बात सामने आई है। ऐसे में इस मार्ग पर जाम की समस्या बनी हुई है।

सत्यसाईं चौराहे पर पाइपलाइन शिफ्टिंग बनी थी बाधा

सत्यसाईं चौराहे पर बन रहे फ्लायओवर का निर्माण भी कई चरणों में प्रभावित हुआ। शुरुआत में पाइपलाइन शिफ्टिंग के कारण काम में रुकावट आई थी। इसके बाद पिलर निर्माण और गर्डर लॉन्चिंग जैसे कार्य आगे बढ़ाए गए।

यह मार्ग बॉम्बे हॉस्पिटल और विजय नगर क्षेत्र को जोड़ता है। इसलिए सुबह और शाम के व्यस्त समय में निर्माण स्थल के आसपास वाहनों का दबाव बढ़ जाता है। सर्विस रोड की स्थिति भी वाहन चालकों की परेशानी बढ़ा रही है।

मूसाखेड़ी में रास्ता संकरा, रोजाना जाम की समस्या

मूसाखेड़ी चौराहे पर फ्लायओवर निर्माण के दौरान रास्ते में आने वाली कुछ संरचनाओं और अतिक्रमणों को हटाना पड़ा। कुछ धार्मिक स्थलों को अस्थायी रूप से स्थानांतरित करने के बाद निर्माण आगे बढ़ाया गया।

इसके बावजूद परियोजना का लगभग 35 प्रतिशत काम बाकी बताया गया है। निर्माण स्थल पर सीमित जगह और वाहनों की आवाजाही के कारण यातायात प्रभावित हो रहा है। स्थानीय लोगों और वाहन चालकों को रोजाना जाम का सामना करना पड़ रहा है।

क्रिस्टल आईटी पार्क में सबसे धीमी रफ्तार

क्रिस्टल आईटी पार्क फ्लायओवर का करीब 55 प्रतिशत निर्माण पूरा हुआ है। इस परियोजना में जमीन हस्तांतरण, निर्माण स्थल सौंपने और गैस पाइपलाइन शिफ्टिंग से जुड़ी समस्याओं के कारण देरी हुई।

यह क्षेत्र आईटी कंपनियों और कार्यालयों की आवाजाही के लिहाज से महत्वपूर्ण है। निर्माण अधूरा होने के कारण काम पर जाने वाले कर्मचारियों और अन्य यात्रियों को व्यस्त समय में परेशानी उठानी पड़ रही है।

दिसंबर की समयसीमा पर सवाल, 2027 तक करना पड़ सकता है इंतजार

फ्लायओवर निर्माण में पिलर और गर्डर तैयार करने के बाद भी कई महत्वपूर्ण चरण बाकी रहते हैं। इनमें गर्डर लॉन्चिंग, सुपर स्ट्रक्चर, डेक स्लैब, एप्रोच रोड, डामरीकरण और सुरक्षा बैरियर लगाना शामिल है।

निर्माण की मौजूदा प्रगति को देखते हुए दिसंबर 2026 तक सभी परियोजनाओं का पूरा होना चुनौतीपूर्ण माना जा रहा है। यदि काम में तेजी नहीं आई, तो वाहन चालकों को इन फ्लायओवर का पूरा लाभ मिलने के लिए 2027 तक इंतजार करना पड़ सकता है।

फिलहाल इन परियोजनाओं से गुजरने वाले लोगों को निर्माण स्थलों पर सावधानी बरतने और मौके पर लगाए गए यातायात संकेतों का पालन करने की जरूरत है। समय पर काम पूरा होना और सर्विस रोड की स्थिति सुधारना शहर के यातायात प्रबंधन के लिए अहम होगा।

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