खरगोन में दर्दनाक हादसा: नाले में गिरीं दो बहनें, छोटी को बचाने में बड़ी की मौत

खरगोन में नाले में गिरीं दो बहनें, छोटी को बचाने में बड़ी की मौत

खरगोन। मध्यप्रदेश के खरगोन जिले में एक दर्दनाक हादसे में दो मासूम बहनें नाले में गिर गईं। घटना कसरावद क्षेत्र के बड़गांव वोटा गांव में हुई, जहां घर के पास खेलते समय दोनों बच्चियां नाले के करीब पहुंच गईं। हादसे में बड़ी बहन की जान चली गई, जबकि छोटी बच्ची को ग्रामीणों ने बाहर निकालकर अस्पताल पहुंचाया।

घटना के बाद गांव में शोक का माहौल है। परिवार के लोगों का रो-रोकर बुरा हाल है। यह हादसा एक बार फिर घरों के आसपास मौजूद खुले और पानी से भरे नालों के पास बच्चों की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ाता है।

खेलते समय नाले में गिरीं दोनों बच्चियां

जानकारी के अनुसार, दोनों बहनें घर के पास खेल रही थीं। इसी दौरान वे पास में बने नाले तक पहुंच गईं। बताया गया है कि छोटी बच्ची नाले में गिर गई, जिसके बाद बड़ी बहन उसे बचाने के लिए आगे बढ़ी। इस कोशिश में वह भी पानी और कीचड़ में फंस गई।

बच्चियों के नाले में गिरने की जानकारी मिलते ही आसपास के ग्रामीण मौके पर पहुंचे। उन्होंने तुरंत दोनों को बाहर निकाला। हालांकि, तब तक बड़ी बच्ची की मौत हो चुकी थी।

छोटी बच्ची को अस्पताल पहुंचाया

हादसे के बाद गंभीर हालत में छोटी बच्ची को कसरावद के सरकारी अस्पताल ले जाया गया। वहां डॉक्टरों ने उसका प्राथमिक उपचार किया। इसके बाद बेहतर इलाज के लिए उसे जिला अस्पताल खरगोन रेफर किया गया।

बाद की रिपोर्टों में छोटी बच्ची की हालत स्थिर होने की जानकारी दी गई। हालांकि, उसकी सेहत से जुड़ी स्थिति में बदलाव हो सकता है।

पुलिस ने घटनास्थल का निरीक्षण किया

घटना की सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और घटनास्थल का निरीक्षण किया। पुलिस ने आवश्यक पंचनामा कार्रवाई करते हुए बड़ी बच्ची की मौत के मामले में मर्ग कायम किया। शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया।

पुलिस घटना से जुड़े तथ्यों की जांच कर रही है। फिलहाल उपलब्ध जानकारी में नाले की स्थिति, उसके रखरखाव या पहले किसी शिकायत के संबंध में विस्तृत जानकारी सामने नहीं आई है।

खुले नालों के पास बच्चों की सुरक्षा जरूरी

इस घटना ने घरों और बस्तियों के आसपास खुले नालों तथा पानी से भरे गड्ढों के खतरे को फिर सामने ला दिया है। छोटे बच्चे खेलते समय आसपास के जोखिमों को समझ नहीं पाते। ऐसे में परिवारों और स्थानीय प्रशासन, दोनों की जिम्मेदारी है कि बच्चों की सुरक्षा के लिए जरूरी कदम उठाए जाएं।

खुले नालों के आसपास सुरक्षित अवरोध, चेतावनी संकेत और नियमित निरीक्षण जैसी व्यवस्थाएं दुर्घटनाओं का जोखिम कम करने में मदद कर सकती हैं। इस दर्दनाक घटना में एक बच्ची की मौत से परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है।

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