इंदौर में नो कार डे: कार छोड़ सिटी बस और ई-रिक्शा से सफर, जानें क्या है अभियान
इंदौर। स्वच्छ हवा, पर्यावरण संरक्षण और निजी वाहनों पर निर्भरता कम करने के संदेश के साथ इंदौर में मंगलवार, 22 सितंबर 2026 को नो कार डे मनाया जा रहा है। शहर में लगातार तीसरे वर्ष आयोजित हो रहे इस अभियान के तहत लोगों से निजी कारों का इस्तेमाल छोड़कर सिटी बस, ई-रिक्शा, साइकिल या पैदल यात्रा को प्राथमिकता देने की अपील की गई है।
नेताओं और अधिकारियों ने भी बदला सफर का तरीका
नो कार डे के दौरान शहर के कई जनप्रतिनिधि और अधिकारी भी निजी कारों की जगह वैकल्पिक साधनों से अपने काम पर पहुंचे। नगर निगम कमिश्नर क्षितिज सिंघल दोपहिया वाहन से सुबह के दौरे पर निकले। वहीं, कई अन्य लोगों ने पब्लिक ट्रांसपोर्ट, साइकिल और दोपहिया वाहनों का इस्तेमाल किया।
अभियान के जरिए यह संदेश देने की कोशिश की जा रही है कि शहर में परिवहन के लिए केवल निजी कारों पर निर्भर रहने के बजाय सार्वजनिक और पर्यावरण-अनुकूल विकल्पों को भी अपनाया जा सकता है।
2023 से इंदौर में हो रहा आयोजन
इंदौर में नो कार डे की शुरुआत वर्ष 2023 में हुई थी। इसके बाद हर साल 22 सितंबर को इस पहल के तहत नागरिकों को निजी चार पहिया वाहनों का उपयोग कम करने के लिए प्रेरित किया जाता है।
नगर निगम के अनुसार, पिछले वर्षों में इस पहल के दौरान ईंधन की खपत में कमी और वायु गुणवत्ता में सुधार दर्ज किया गया था।
पिछले वर्षों में ईंधन की बचत
उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार, वर्ष 2023 में नो कार डे के दौरान करीब 80 हजार लीटर ईंधन की बचत दर्ज की गई थी। वर्ष 2024 में यह आंकड़ा लगभग 1.50 लाख लीटर तक पहुंचा।
वर्ष 2025 में करीब 1.80 लाख लीटर ईंधन की बचत बताई गई, जिसमें लगभग एक लाख लीटर पेट्रोल और 80 हजार लीटर डीजल शामिल था। इसी अवधि में निजी कारों की आवाजाही में भी कमी दर्ज की गई थी।
सिटी बस और ई-रिक्शा अपनाने की अपील
महापौर पुष्यमित्र भार्गव ने शहरवासियों से अपील की है कि वे नो कार डे के दौरान अपने दैनिक आवागमन के लिए सिटी बस, ई-रिक्शा, साइकिल अथवा पैदल चलने जैसे विकल्पों का इस्तेमाल करें।
इस पहल को केवल एक दिन के कार्यक्रम के बजाय स्वच्छ हवा, स्वास्थ्य और बेहतर यातायात व्यवस्था से जुड़े नागरिक प्रयास के रूप में प्रस्तुत किया गया है।
निजी वाहनों का दबाव कम करने पर जोर
इंदौर में बढ़ती आबादी और वाहनों की संख्या के साथ यातायात व्यवस्था पर दबाव भी बढ़ रहा है। ऐसे में सार्वजनिक परिवहन को बढ़ावा देने की पहल को शहर की परिवहन व्यवस्था से जोड़कर देखा जा रहा है।
इंदौर में सार्वजनिक परिवहन को विस्तार देने के लिए नई ई-बस सेवाओं की योजना भी बनाई गई है, जिसमें शहर के साथ आसपास के क्षेत्रों को जोड़ने पर जोर है।
नो कार डे के जरिए प्रशासन और नगर निगम लोगों को यह संदेश दे रहे हैं कि रोजमर्रा की यात्रा में छोटे-छोटे बदलावों से ईंधन की खपत और निजी वाहनों के दबाव को कम करने में मदद मिल सकती है।
नोट: ईंधन बचत और वायु गुणवत्ता से जुड़े आंकड़े पिछले वर्षों के अभियान के दौरान उपलब्ध कराए गए आंकड़ों पर आधारित हैं। इन्हें वर्तमान वर्ष के परिणाम के रूप में नहीं माना जाना चाहिए।












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