1500 करोड़ के ग्लोबल स्किल पार्क में 60% सीटें खाली, ऑफिस बॉय से मैनेजर तक को मिला एडमिशन बढ़ाने का टारगेट

Global Skill Park Bhopal: 60% सीटें खाली, कर्मचारियों को एडमिशन टारगेट
भोपाल। मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल में करीब 1,500 करोड़ रुपये की लागत से तैयार संत शिरोमणि रविदास ग्लोबल स्किल पार्क में विद्यार्थियों के दाखिले संस्थान के लिए चुनौती बन गए हैं। यहां संचालित नौ एडवांस्ड तकनीकी कोर्स की कुल 1,800 सीटों में से अब तक सिर्फ 730 पर ही प्रवेश हो सका है। यानी 1,070 सीटें अब भी खाली हैं, जो कुल क्षमता का लगभग 60 प्रतिशत है।
खाली सीटों को भरने के लिए संस्थान प्रबंधन ने अधिकारियों से लेकर ऑफिस बॉय, ऑफिस असिस्टेंट, मैनेजर, ट्रेनर और अन्य कर्मचारियों तक को प्रवेश बढ़ाने की जिम्मेदारी सौंपी है। इसके लिए अलग-अलग कर्मचारियों के नाम के साथ प्रवेश लक्ष्य निर्धारित किए गए हैं। इस संबंध में 30 अक्टूबर 2026 को कार्यालय आदेश जारी किया गया था।
1,800 सीटों में सिर्फ 730 दाखिले
ग्लोबल स्किल पार्क में युवाओं को उद्योगों की जरूरत के अनुसार आधुनिक तकनीकी प्रशिक्षण देने के उद्देश्य से नौ एडवांस्ड कोर्स संचालित किए जा रहे हैं। प्रत्येक कोर्स में 200 सीटें निर्धारित हैं। इस तरह संस्थान की कुल प्रवेश क्षमता 1,800 सीटों की है।
लेकिन नए सत्र के लिए अब तक 730 विद्यार्थियों ने ही प्रवेश लिया है। शेष 1,070 सीटें खाली हैं। कुछ कोर्स में तो 100 से भी कम सीटों पर दाखिले हुए हैं। संस्थान के सामने अब इन खाली सीटों को भरने की चुनौती है।
ऑफिस बॉय से लेकर अधिकारियों तक को जिम्मेदारी
दाखिले की संख्या बढ़ाने के लिए जारी कार्यालय आदेश में संस्थान के विभिन्न पदों पर काम करने वाले अधिकारियों और कर्मचारियों को जिम्मेदारी दी गई है। इसमें ऑफिस बॉय, ऑफिस असिस्टेंट, मैनेजर, एग्जीक्यूटिव, कोर्स हेड, ट्रेनर, लाइफ स्किल्स ट्रेनर, टेक्नीशियन, लाइब्रेरियन और प्लेसमेंट ऑफिसर तक शामिल हैं।
इसके अलावा कम्युनिकेशन एवं ब्रांडिंग विशेषज्ञ, सेंटर हेड और सांकेतिक भाषा दुभाषिए को भी प्रवेश बढ़ाने के प्रयासों में योगदान देने के निर्देश दिए गए हैं।
आदेश के अनुसार, सभी अधिकारी-कर्मचारियों को अपने निर्धारित लक्ष्य के अनुरूप संभावित विद्यार्थियों से संपर्क करना होगा। उन्हें संस्थान के कोर्स और प्रशिक्षण सुविधाओं का प्रचार-प्रसार करने के साथ प्रवेश लेने के इच्छुक युवाओं को आवेदन प्रक्रिया में मदद करने के लिए कहा गया है।
HVAC और मैकेनिकल टेक्नोलॉजी में सबसे ज्यादा खाली सीटें
कोर्सवार आंकड़ों पर नजर डालें तो सबसे ज्यादा खाली सीटें एडवांस्ड एयर कंडीशनिंग एंड रेफ्रिजरेशन (HVAC) और एडवांस्ड मैकेनिकल टेक्नोलॉजी में हैं। वहीं सीएनसी और इलेक्ट्रिकल टेक्नोलॉजी में अपेक्षाकृत अधिक दाखिले हुए हैं।
कोर्सवार सीटों की स्थिति:
| कोर्स | कुल सीटें | खाली सीटें |
|---|---|---|
| एडवांस्ड एयर कंडीशनिंग एंड रेफ्रिजरेशन | 200 | 139 |
| एडवांस्ड ऑटोमोटिव टेक्नोलॉजी | 200 | 109 |
| एडवांस्ड CNC एंड प्रिसिजन इंजीनियरिंग | 200 | 99 |
| एडवांस्ड इलेक्ट्रिकल टेक्नोलॉजी | 200 | 99 |
| एडवांस्ड इलेक्ट्रॉनिक्स (AI और IoT इंटीग्रेशन) | 200 | 134 |
| एडवांस्ड मैकेनिकल एंड इलेक्ट्रिकल सर्विसेज | 200 | 114 |
| एडवांस्ड मैकेनिकल टेक्नोलॉजी | 200 | 138 |
| एडवांस्ड मेकाट्रॉनिक्स एंड इंडस्ट्रियल रोबोटिक्स | 200 | 134 |
| एडवांस्ड नेटवर्किंग एंड सिस्टम एडमिनिस्ट्रेशन | 200 | 104 |
| कुल | 1,800 | 1,070 |
आंकड़ों के मुताबिक HVAC में 139, मैकेनिकल टेक्नोलॉजी में 138 और इलेक्ट्रॉनिक्स तथा मेकाट्रॉनिक्स में 134-134 सीटें खाली हैं। CNC और इलेक्ट्रिकल टेक्नोलॉजी में सबसे कम 99-99 सीटें खाली हैं।
30 एकड़ में तैयार हुआ है ग्लोबल स्किल पार्क
भोपाल में करीब 30 एकड़ क्षेत्र में विकसित इस संस्थान का उद्देश्य युवाओं को अंतरराष्ट्रीय स्तर का तकनीकी और व्यावसायिक प्रशिक्षण उपलब्ध कराना है। इसके जरिए उद्योगों की जरूरत के अनुरूप प्रशिक्षित मानव संसाधन तैयार करने और युवाओं के रोजगार के अवसर बढ़ाने की योजना बनाई गई थी।
संस्थान की स्थापना में सिंगापुर के तकनीकी प्रशिक्षण संस्थान ITEES की विशेषज्ञता और सहयोग का उल्लेख किया गया है। यहां ऑटोमोटिव, इलेक्ट्रॉनिक्स, रोबोटिक्स, नेटवर्किंग, मैकेनिकल और अन्य तकनीकी क्षेत्रों में प्रशिक्षण दिया जाता है। एडवांस्ड कोर्स की शुरुआत वर्ष 2024 में हुई थी।
2 हजार से ज्यादा आवेदन मिलने का सीईओ का दावा
संस्थान की सीईओ अदिति गर्ग ने बताया कि इस वर्ष प्रवेश के लिए 2,000 से अधिक आवेदन प्राप्त हुए हैं। इनमें से करीब 1,100 विद्यार्थियों को प्रवेश देना है। उन्होंने कहा कि जिस कार्यालय आदेश की चर्चा हो रही है, वह संस्थान का आंतरिक आदेश है। इसके माध्यम से अधिकारियों और कर्मचारियों को दाखिला प्रक्रिया में सहयोग करने की जिम्मेदारी दी गई है।
प्रबंधन के इस पक्ष के बाद आवेदन और वास्तविक दाखिलों के आंकड़ों के बीच अंतर भी चर्चा का विषय है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार 730 प्रवेश हो चुके हैं, जबकि करीब 1,100 प्रवेश देने का लक्ष्य बताया गया है।
पहले प्लेसमेंट और प्रशिक्षण क्षमता बढ़ाने का लक्ष्य भी बताया गया था
ग्लोबल स्किल पार्क को लेकर अगस्त 2026 में आयोजित कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव जी ने संस्थान की प्रशिक्षण क्षमता बढ़ाकर भविष्य में हर साल 10 हजार युवाओं तक पहुंचाने का लक्ष्य बताया था। उस समय संस्थान में करीब 2 हजार युवाओं को प्रशिक्षण दिए जाने की जानकारी दी गई थी। <Cite refs={[“turn844900search1″,”turn844900search2”]}/>
अब नए सत्र में बड़ी संख्या में सीटें खाली रहने से संस्थान के सामने युवाओं को आकर्षित करने की चुनौती सामने है। यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि कर्मचारियों को दिए गए प्रवेश लक्ष्यों और प्रचार अभियान के बाद दाखिलों की संख्या में कितनी वृद्धि होती है।




Leave a Reply