Skip to content
Saturday, 31 October 2026 News Views and Analysis
ताज़ा खबर
भोपाल में आज दो बड़े आयोजन: हरदीप सिंह पुरी राज्यसभा के लिए भरेंगे नामांकन, 400 से अधिक कलाकार निकालेंगे सांस्कृतिक गौरव यात्राकूनो में चीते KNG22 की मौत पर बड़ी कार्रवाई, दो रेंजर समेत 6 वनकर्मी सस्पेंड; दो आरोपी गिरफ्तारMP High Court: लिपिकों के ADPO बनने का रास्ता बंद, हाईकोर्ट ने 10% पदोन्नति कोटा किया असंवैधानिक घोषितMP High Court: 23 हजार ग्राम रोजगार सहायकों को बड़ी राहत, तबादले पर मिलेगा यात्रा और मकान किराया भत्ताखजुराहो के जवारी मंदिर में भगवान विष्णु की प्रतिमा को मिलेगा मूल स्वरूप, एएसआई जोड़ेगा 11वीं सदी का मस्तकअर्नब तूफान कमजोर, फिर भी मध्यप्रदेश में क्यों हो रही बारिश? 27 जिलों में आंधी-बारिश का अलर्टभोपाल में आज दो बड़े आयोजन: हरदीप सिंह पुरी राज्यसभा के लिए भरेंगे नामांकन, 400 से अधिक कलाकार निकालेंगे सांस्कृतिक गौरव यात्राकूनो में चीते KNG22 की मौत पर बड़ी कार्रवाई, दो रेंजर समेत 6 वनकर्मी सस्पेंड; दो आरोपी गिरफ्तारMP High Court: लिपिकों के ADPO बनने का रास्ता बंद, हाईकोर्ट ने 10% पदोन्नति कोटा किया असंवैधानिक घोषितMP High Court: 23 हजार ग्राम रोजगार सहायकों को बड़ी राहत, तबादले पर मिलेगा यात्रा और मकान किराया भत्ताखजुराहो के जवारी मंदिर में भगवान विष्णु की प्रतिमा को मिलेगा मूल स्वरूप, एएसआई जोड़ेगा 11वीं सदी का मस्तकअर्नब तूफान कमजोर, फिर भी मध्यप्रदेश में क्यों हो रही बारिश? 27 जिलों में आंधी-बारिश का अलर्ट
मौसम और AQI
मध्य प्रदेश

कूनो में चीते KNG22 की मौत पर बड़ी कार्रवाई, दो रेंजर समेत 6 वनकर्मी सस्पेंड; दो आरोपी गिरफ्तार

· October 31, 2026 · 5 मिनट पढ़ें

Kuno Cheetah Death: 6 वनकर्मी सस्पेंड, 2 आरोपी गिरफ्तार

भोपाल/श्योपुर। मध्यप्रदेश के कूनो नेशनल पार्क से बाहर निकले 19 महीने के नर चीते KNG22 की गोली लगने से हुई मौत के मामले में वन विभाग और पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है। वन विभाग ने ड्यूटी में कथित लापरवाही के आरोप में दो रेंजर सहित छह कर्मचारियों को निलंबित कर दिया है। वहीं, मुरैना पुलिस ने मामले में दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार किए गए लोगों के पास से हथियार भी बरामद किए जाने की जानकारी सामने आई है।

इस घटना ने प्रदेश में वन्यजीवों की सुरक्षा और निगरानी व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। अब जांच एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि संरक्षित वन क्षेत्र के आसपास हथियार लेकर पहुंचे लोग चीते तक कैसे पहुंचे और उसकी सुरक्षा में कहां चूक हुई।

दो रेंजर, एक डिप्टी रेंजर और तीन वनरक्षक निलंबित

चीते की मौत के बाद वन विभाग ने मैदानी स्तर पर जिम्मेदारी तय करने की कार्रवाई शुरू कर दी है। निलंबित किए गए छह कर्मचारियों में दो रेंजर, एक डिप्टी रेंजर और तीन वनरक्षक शामिल हैं।

इन कर्मचारियों पर अपने कार्यक्षेत्र में वन्यजीवों की सुरक्षा और निगरानी से जुड़ी जिम्मेदारियों के निर्वहन में लापरवाही के आरोप हैं। विभागीय स्तर पर यह जांच की जा रही है कि संवेदनशील वन क्षेत्र में संदिग्ध गतिविधियों पर समय रहते नजर क्यों नहीं रखी जा सकी।

निलंबन की कार्रवाई को इस मामले में वन विभाग की पहली बड़ी प्रशासनिक कार्रवाई माना जा रहा है। हालांकि, कर्मचारियों की जिम्मेदारी और लापरवाही की वास्तविक स्थिति विभागीय जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट होगी।

मुरैना पुलिस ने दो आरोपियों को किया गिरफ्तार

चीते को गोली मारने के मामले में मुरैना पुलिस ने दो लोगों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपियों के पास से हथियार भी बरामद किए हैं। जांच एजेंसियां बरामद हथियारों की फॉरेंसिक जांच के जरिए यह पता लगाने की कोशिश करेंगी कि क्या इनका इस्तेमाल चीते पर हमले में किया गया था।

इस मामले में पुलिस और वन विभाग की टीमें आसपास के गांवों में पूछताछ कर रही हैं। जांच का उद्देश्य घटना में शामिल सभी लोगों की पहचान करना और गोली चलाने वाले व्यक्ति तक पहुंचना है।

आरोपियों की गिरफ्तारी को अपराध सिद्ध होना नहीं माना जा सकता। उनकी भूमिका और घटना में इस्तेमाल हथियार का संबंध जांच और फॉरेंसिक रिपोर्ट के बाद ही स्पष्ट होगा।

25 अक्टूबर को घायल मिला था 19 महीने का चीता

घटना की शुरुआत 25 अक्टूबर 2026 को हुई थी। श्योपुर टेरिटोरियल फॉरेस्ट डिवीजन के कंपार्टमेंट नंबर 748 में निगरानी दल को 19 महीने का नर चीता KNG22 गंभीर रूप से घायल अवस्था में मिला था।

प्रारंभिक जांच में उसके शरीर में बाहरी वस्तुओं के मौजूद होने की जानकारी मिली। इसके बाद उसे तत्काल रेस्क्यू कर उपचार के लिए भेजा गया। बेहतर इलाज के लिए चीते को जबलपुर स्थित नानाजी देशमुख पशु चिकित्सा विज्ञान विश्वविद्यालय ले जाया गया।

वहां किए गए सीटी स्कैन में उसके आंतरिक अंगों, मांसपेशियों, हड्डियों और तंत्रिका तंत्र को गंभीर नुकसान पहुंचने की पुष्टि हुई।

ऑपरेशन के दौरान शरीर से निकले पांच छर्रे, 27 अक्टूबर को मौत

जबलपुर में चिकित्सकों ने चीते की जान बचाने के लिए आपातकालीन सर्जरी की। इस दौरान उसके शरीर से बंदूक के पांच छर्रे निकाले गए। हालांकि, गंभीर चोटों और आंतरिक क्षति के चलते तमाम प्रयासों के बावजूद उसे बचाया नहीं जा सका।

27 अक्टूबर 2026 की सुबह KNG22 की मौत हो गई। इसके बाद स्पष्ट हुआ कि यह सामान्य वन्यजीव संघर्ष या प्राकृतिक कारणों से हुई मौत का मामला नहीं, बल्कि गोली लगने से हुई गंभीर चोटों का परिणाम था।

KNG22 मादा चीता निर्वा की संतान था। उसकी मौत को भारत में चीता पुनर्स्थापन कार्यक्रम के लिए भी गंभीर घटना माना जा रहा है।

राज्य और केंद्र सरकार ने गठित की जांच टीमें

मामले की गंभीरता को देखते हुए मध्यप्रदेश सरकार ने वन और पुलिस अधिकारियों को शामिल करते हुए विशेष जांच दल (STF) गठित किया है। यह टीम गोली चलाने की घटना, संदिग्धों की भूमिका और वन क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था से जुड़े सभी पहलुओं की जांच कर रही है।

वहीं, केंद्र सरकार ने भी उच्चस्तरीय टीम भेजी है। इसमें राष्ट्रीय बाघ संरक्षण प्राधिकरण (NTCA) और वन्यजीव अपराध नियंत्रण ब्यूरो (WCCB) के अधिकारी शामिल हैं।

केंद्रीय टीम को घटना की परिस्थितियों, उपलब्ध साक्ष्यों और वन्यजीवों की सुरक्षा के लिए लागू निगरानी व्यवस्था की समीक्षा करने की जिम्मेदारी दी गई है। टीम अपनी जांच के निष्कर्ष और सुझाव केंद्र सरकार को सौंपेगी।

वन्यजीव सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल

कूनो में चीते की गोली लगने से मौत के बाद वन्यजीव संरक्षण से जुड़े कार्यकर्ताओं ने सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठाए हैं। वन्यजीव कार्यकर्ता अजय दुबे ने मामले की सीबीआई जांच कराने और कूनो के वरिष्ठ अधिकारियों की जिम्मेदारी तय करने की मांग की है।

जांच एजेंसियों के सामने अब कई महत्वपूर्ण सवाल हैं। चीते को गोली किस स्थान पर मारी गई? हमले में कितने लोग शामिल थे? हथियार कहां से आया? और वन विभाग की निगरानी व्यवस्था में कौन-कौन सी कमियां रहीं?

इन सवालों के जवाब जांच पूरी होने के बाद ही सामने आएंगे।

KNG22 की मौत के बाद भारत में 58 चीते शेष

KNG22 की मौत के बाद भारत में चीतों की कुल संख्या 58 बताई गई है। इनमें से 52 चीते कूनो नेशनल पार्क, चार गांधी सागर वन्यजीव अभयारण्य और दो वीरांगना दुर्गावती टाइगर रिजर्व में हैं।

भारत में चीतों को फिर से बसाने के उद्देश्य से शुरू किए गए प्रोजेक्ट चीता के लिए यह घटना महत्वपूर्ण है। अब जांच का फोकस केवल आरोपियों की पहचान तक सीमित नहीं है, बल्कि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए सुरक्षा और निगरानी व्यवस्था को मजबूत करने पर भी रहेगा।

ये भी पढ़ें

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *