अर्नब तूफान कमजोर, फिर भी मध्यप्रदेश में क्यों हो रही बारिश? 27 जिलों में आंधी-बारिश का अलर्ट

MP Weather Update: 27 जिलों में बारिश और तेज हवाओं का अलर्ट
भोपाल। मध्यप्रदेश में अक्टूबर के आखिरी दिनों में मौसम का मिजाज लगातार बदला हुआ है। चक्रवाती तूफान अर्नब की ताकत कमजोर पड़ने के बावजूद प्रदेश के कई हिस्सों में बारिश और तेज हवाओं का दौर जारी है। शनिवार, 31 अक्टूबर 2026 को भी मौसम विभाग ने प्रदेश के 27 जिलों में आंधी और बारिश की संभावना जताई है। वहीं भोपाल, इंदौर और उज्जैन सहित कई शहरों में मौसम अपेक्षाकृत साफ रहने और धूप निकलने का अनुमान है।
मौसम में आए इस बदलाव का असर आम जनजीवन के साथ खेती-किसानी पर भी दिखाई दे रहा है। खेतों में खड़ी धान की फसल और मंडियों में खुले में रखा अनाज बारिश से प्रभावित होने की आशंका है। लगातार बदलते मौसम ने किसानों की चिंता बढ़ा दी है।
तूफान कमजोर होने के बाद भी क्यों जारी है बारिश?
मौसम की मौजूदा स्थिति को समझने के लिए यह जानना जरूरी है कि किसी चक्रवाती तूफान के कमजोर पड़ने का मतलब यह नहीं होता कि उसका मौसम पर असर तुरंत खत्म हो जाएगा। तूफान कमजोर होकर जब कम दबाव के क्षेत्र में बदलता है, तब भी उससे जुड़ी नमी और वायुमंडलीय अस्थिरता कुछ समय तक बारिश और बादलों की गतिविधियों को बनाए रख सकती है।
अर्नब के कमजोर होने के बाद भी उससे जुड़ा मौसम तंत्र मध्य भारत के आसपास सक्रिय रहा। इसी वजह से मध्यप्रदेश के कुछ हिस्सों में बादल, तेज हवाएं और बारिश देखने को मिल रही है। मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार प्रदेश के पूर्वी और दक्षिणी इलाकों में इसका असर अधिक दिखाई दे सकता है।
इन 27 जिलों में बारिश और तेज हवाओं की संभावना
शनिवार को मौसम विभाग के पूर्वानुमान के मुताबिक प्रदेश के ग्वालियर, शिवपुरी, दतिया, मुरैना, भिंड, श्योपुर, जबलपुर, कटनी, छिंदवाड़ा, सिवनी, बालाघाट, मंडला, डिंडौरी, पांढुर्णा, रीवा, सतना, सीधी, सिंगरौली, मऊगंज, मैहर, शहडोल, उमरिया, अनूपपुर, पन्ना, छतरपुर, टीकमगढ़ और निवाड़ी में बारिश और तेज हवाएं चलने की संभावना जताई गई है।
दूसरी ओर भोपाल, इंदौर, उज्जैन, रायसेन, सीहोर, विदिशा, राजगढ़, धार, देवास, रतलाम, नर्मदापुरम, बैतूल और सागर सहित आसपास के क्षेत्रों में मौसम अपेक्षाकृत साफ रहने का अनुमान है। इन इलाकों में धूप निकल सकती है।
अनूपपुर में तीन इंच से ज्यादा बारिश, हवा की रफ्तार 50 किमी प्रति घंटा
पिछले दिनों प्रदेश के कई हिस्सों में बारिश दर्ज की गई। उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार करीब 38 जिलों के 155 शहरों और कस्बों में वर्षा हुई। अनूपपुर में तीन इंच से ज्यादा बारिश दर्ज की गई, जबकि अमरकंटक में लगभग सवा दो इंच और सिंगरौली में करीब दो इंच पानी गिरा।
अनूपपुर में तेज हवाओं का असर भी देखने को मिला। यहां हवा की रफ्तार लगभग 50 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच गई। वहीं रतलाम में शुक्रवार शाम मौसम ने अचानक करवट ली और बारिश जैसी स्थिति बन गई।
धान और मक्का की फसल पर बारिश का खतरा
बेमौसम बारिश ने किसानों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। कई इलाकों में धान की फसल अभी खेतों में खड़ी है। ऐसे में बारिश होने से फसल की गुणवत्ता प्रभावित हो सकती है। जिन किसानों की फसल कटाई के लिए तैयार है, उन्हें भी नुकसान की आशंका है।
दूसरी ओर कृषि उपज मंडियों में खुले में रखा मक्का और अन्य अनाज भी बारिश की चपेट में आ सकता है। यदि बारिश का सिलसिला आगे भी जारी रहता है तो किसानों को फसल बचाने और अनाज को सुरक्षित रखने के लिए अतिरिक्त इंतजाम करने पड़ सकते हैं।
दो से तीन डिग्री तक गिरा दिन का तापमान
आंधी और बारिश के कारण प्रदेश के कई शहरों में तापमान में भी गिरावट दर्ज की गई है। गुरुवार और शुक्रवार को कुछ स्थानों पर दिन का तापमान दो से तीन डिग्री सेल्सियस तक नीचे आया। इसका असर दिन के मौसम पर भी दिखाई दिया और कई इलाकों में लोगों को दिन के समय भी ठंडक महसूस हुई।
बारिश और बादलों की वजह से मौसम में उतार-चढ़ाव बना हुआ है। कुछ क्षेत्रों में धूप निकलने के बावजूद पूर्वी और दक्षिणी मध्यप्रदेश में बारिश की गतिविधियां जारी रहने की संभावना है।
2 नवंबर तक मौसम में उतार-चढ़ाव के आसार
मौसम विशेषज्ञों के अनुसार प्रदेश में अगले कुछ दिनों तक मौसम का मिला-जुला रुख बना रह सकता है। कुछ इलाकों में धूप और साफ आसमान देखने को मिलेगा, जबकि पूर्वी और दक्षिणी मध्यप्रदेश के हिस्सों में बादल, तेज हवाएं और बारिश की गतिविधियां जारी रह सकती हैं।
ऐसे में किसानों और आम नागरिकों को स्थानीय मौसम पूर्वानुमान पर नजर रखने की सलाह दी जाती है। आंधी या बिजली चमकने के दौरान खुले मैदान और पेड़ों के नीचे खड़े होने से बचना चाहिए।
3 अक्टूबर को विदा हो चुका है मानसून, फिर भी अक्टूबर में बारिश
मध्यप्रदेश से दक्षिण-पश्चिम मानसून की विदाई 3 अक्टूबर 2026 को हो चुकी थी। इसके बावजूद अक्टूबर के आखिरी सप्ताह में बारिश का दौर देखने को मिल रहा है। इसकी वजह मानसून की वापसी नहीं, बल्कि उसके बाद सक्रिय हुए अलग-अलग मौसम तंत्र हैं।
इस वर्ष जून से सितंबर के बीच प्रदेश में कुल 908.4 मिलीमीटर यानी करीब 35.8 इंच बारिश दर्ज की गई। सामान्य बारिश का आंकड़ा 949.5 मिलीमीटर यानी लगभग 37.3 इंच है। इस तरह प्रदेश में मानसूनी बारिश सामान्य से करीब चार फीसदी कम रही।
पूर्वी मध्यप्रदेश में सामान्य से लगभग चार फीसदी अधिक बारिश दर्ज की गई, जबकि पश्चिमी मध्यप्रदेश में बारिश का आंकड़ा सामान्य से करीब 12 फीसदी कम रहा। प्रदेश के 25 जिलों में बारिश का कोटा पूरा हुआ, जबकि 30 जिलों में सामान्य से कम वर्षा दर्ज की गई।
फिलहाल अर्नब के कमजोर पड़ने के बाद भी मौसम तंत्र का असर पूरी तरह समाप्त नहीं हुआ है। ऐसे में प्रदेश के अलग-अलग हिस्सों में धूप, बादल और बारिश का मिला-जुला दौर देखने को मिल सकता है।




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