मंडला में सपना ठाकुर की मौत का मामला: बचपन का दोस्त गिरफ्तार, मोबाइल चैट से जांच को मिली दिशा

मंडला में सपना ठाकुर की मौत: बचपन का दोस्त गिरफ्तार, मोबाइल चैट से खुला मामला
मंडला। मध्यप्रदेश के मंडला जिले में 22 वर्षीय सपना ठाकुर की मौत के मामले में पुलिस ने उसके बचपन के दोस्त अवकाश एड़े के खिलाफ कार्रवाई की है। जांच में सामने आए तकनीकी साक्ष्यों और मोबाइल चैट से जुड़े विवाद के आधार पर पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार किया है। उस पर युवती को कथित रूप से मानसिक रूप से प्रताड़ित करने और आत्महत्या के लिए उकसाने का आरोप है।
सपना का शव 20 अक्टूबर को वैनगंगा नदी में मिला था। इसके बाद से पुलिस मामले की जांच कर रही थी। कॉल डिटेल रिकॉर्ड, मोबाइल से जुड़े साक्ष्यों और परिजनों सहित अन्य लोगों से पूछताछ के आधार पर पुलिस ने घटनाक्रम की कड़ियां जोड़ने का प्रयास किया।
16 अक्टूबर को घर से निकली थी सपना
पुलिस के मुताबिक, सपना ठाकुर मंडला जिले के नैनपुर विकासखंड के ग्राम समनापुर की रहने वाली थी। वह ग्राम मक्के स्थित डाकघर में काम करती थी। 16 अक्टूबर को वह घर से ड्यूटी के लिए निकली थी, लेकिन वापस नहीं लौटी।
काफी समय तक घर नहीं पहुंचने पर परिजनों ने नैनपुर थाने में उसकी गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई। परिवार के लोग उसकी तलाश कर रहे थे। इसी बीच 20 अक्टूबर को चांगोटोला थाना क्षेत्र के ग्राम पादरीगंज के पास वैनगंगा नदी में उसका शव मिला।
शव मिलने के बाद पुलिस ने मामले की जांच शुरू की और युवती की मौत के कारणों का पता लगाने के लिए आवश्यक साक्ष्य जुटाए।
बचपन के दोस्त की भूमिका जांच में आई सामने
पुलिस जांच के दौरान सपना के बचपन के दोस्त अवकाश एड़े का नाम सामने आया। पुलिस के अनुसार, दोनों लंबे समय से एक-दूसरे के संपर्क में थे और उनके बीच निजी संबंध थे।
जांच में कॉल डिटेल रिकॉर्ड और मोबाइल चैट सहित तकनीकी साक्ष्यों का विश्लेषण किया गया। पुलिस का कहना है कि घटना वाले दिन दोनों के बीच मोबाइल चैट से जुड़े मुद्दे को लेकर विवाद हुआ था। आरोप है कि इस दौरान अवकाश ने सपना को मानसिक रूप से प्रताड़ित किया।
पुलिस इस पहलू की जांच कर रही है कि कथित विवाद और उसके बाद की घटनाओं का युवती की मौत से क्या संबंध था।
मोबाइल चैट और कॉल रिकॉर्ड की जांच
मामले की जांच में पुलिस ने तकनीकी साक्ष्यों के साथ परिजनों और युवती की परिचितों से भी जानकारी जुटाई। कॉल डिटेल रिकॉर्ड और मोबाइल चैट के जरिए दोनों के बीच संपर्क तथा घटनाक्रम से जुड़ी परिस्थितियों को समझने का प्रयास किया गया।
पुलिस ने आरोपी का मोबाइल फोन जब्त कर फोरेंसिक जांच के लिए भेजा है। डिजिटल साक्ष्यों की जांच से यह पता लगाने में मदद मिल सकती है कि घटना से पहले दोनों के बीच किस तरह की बातचीत हुई थी।
पोस्टमार्टम में क्या सामने आया?
उपलब्ध जानकारी के अनुसार, पोस्टमार्टम की प्रारंभिक रिपोर्ट में युवती के शरीर पर बाहरी चोट के निशान नहीं पाए गए। मृत्यु का कारण पानी में डूबना बताया गया है। हालांकि, मौत से पहले की परिस्थितियों और कथित मानसिक प्रताड़ना की भूमिका को लेकर पुलिस जांच कर रही है।
सिर्फ पोस्टमार्टम रिपोर्ट के आधार पर घटना से जुड़े सभी सवालों का जवाब नहीं मिलता। इसलिए पुलिस डिजिटल साक्ष्यों, बयानों और अन्य परिस्थितिजन्य तथ्यों को भी जांच में शामिल कर रही है।
आत्महत्या के लिए उकसाने के आरोप में कार्रवाई
पुलिस ने अवकाश एड़े के खिलाफ आत्महत्या के लिए दुष्प्रेरण के आरोप में भारतीय न्याय संहिता की धारा 108 के तहत मामला दर्ज किए जाने की जानकारी दी है। आरोपी के खिलाफ कार्रवाई जांच में सामने आए तथ्यों के आधार पर की गई है।
फिलहाल मामले में पुलिस की जांच और न्यायिक प्रक्रिया महत्वपूर्ण होगी। आरोपी के खिलाफ लगाए गए आरोपों को अदालत में साबित किया जाना बाकी है। पुलिस डिजिटल साक्ष्यों और अन्य तथ्यों के आधार पर आगे की वैधानिक कार्रवाई कर रही है।




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