मध्यप्रदेश में महिला आरक्षक को लिंग परिवर्तन की अनुमति, गृह विभाग ने जारी किया आदेश; पुलिस मुख्यालय करेगा आगे की कार्रवाई

एमपी में महिला आरक्षक को लिंग परिवर्तन की अनुमति, गृह विभाग ने जारी किया आदेश

भोपाल। मध्यप्रदेश पुलिस में पदस्थ एक महिला आरक्षक को लिंग परिवर्तन की प्रक्रिया के लिए राज्य सरकार से अनुमति मिल गई है। गृह विभाग ने इस संबंध में आदेश जारी कर दिया है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के निर्देश के बाद मामले में प्रशासनिक प्रक्रिया पूरी की गई। अब पुलिस मुख्यालय लागू नियमों के अनुसार आगे की कार्रवाई करेगा।

यह मामला आवेदन से लेकर चिकित्सकीय परीक्षण और विभागीय अनुशंसा तक कई चरणों से गुजरा। संबंधित आरक्षक ने लिंग परिवर्तन की अनुमति के लिए आवेदन प्रस्तुत किया था। इसके साथ भारत के राजपत्र में प्रकाशित अधिसूचना और नोटरीकृत शपथ-पत्र भी जमा किए गए थे। दस्तावेजों की जांच और चिकित्सकीय राय लेने के बाद पुलिस मुख्यालय ने अपनी अनुशंसा राज्य सरकार को भेजी थी।

मुख्यमंत्री के निर्देश के बाद गृह विभाग ने जारी किया आदेश

प्रकरण में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने गृह विभाग को आवश्यक औपचारिकताएं जल्द पूरी करने के निर्देश दिए थे। इसके बाद विभाग ने उपलब्ध दस्तावेजों और संबंधित अधिकारियों की अनुशंसाओं के आधार पर अनुमति संबंधी आदेश जारी किया।

सरकारी प्रक्रिया पूरी होने के बाद अब पुलिस मुख्यालय के स्तर पर आगे की कार्रवाई की जा रही है। इसमें संबंधित सेवा रिकॉर्ड और लागू प्रशासनिक नियमों के अनुरूप आवश्यक कदम उठाए जाएंगे।

यह मामला इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि इसमें एक सेवारत पुलिसकर्मी के व्यक्तिगत निर्णय से जुड़े अनुरोध पर विभागीय, चिकित्सकीय और प्रशासनिक स्तर पर विचार किया गया।

आवेदन के साथ राजपत्र अधिसूचना और शपथ-पत्र जमा

लिंग परिवर्तन की अनुमति मांगने वाली आरक्षक ने अपने आवेदन के साथ भारत के राजपत्र में प्रकाशित अधिसूचना और नोटरीकृत शपथ-पत्र प्रस्तुत किया था। ये दस्तावेज आवेदन पर विचार करने की प्रक्रिया का हिस्सा बने।

इसके बाद संबंधित प्रकरण का परीक्षण किया गया और चिकित्सकीय राय ली गई। अधिकारियों ने उपलब्ध दस्तावेजों तथा मेडिकल रिपोर्टों की समीक्षा के बाद मामले को आगे बढ़ाया।

इस तरह अनुमति का निर्णय केवल आवेदन के आधार पर नहीं, बल्कि संबंधित दस्तावेजों और चिकित्सकीय अभिमतों पर विचार करने के बाद लिया गया।

गांधी मेडिकल कॉलेज में हुआ चिकित्सकीय परीक्षण

प्रकरण की जांच के दौरान भोपाल के गांधी मेडिकल कॉलेज में चिकित्सकीय परीक्षण कराया गया था। इसके बाद मनोचिकित्सा विभाग के प्रोफेसर एवं विभागाध्यक्ष ने अपनी रिपोर्ट प्रस्तुत की।

जिला मेडिकल बोर्ड ने भी मामले में अनुशंसा की। संबंधित चिकित्सकीय रिपोर्टों और अन्य दस्तावेजों की समीक्षा के बाद पुलिस मुख्यालय ने अपनी अनुशंसा राज्य सरकार को भेजी।

इन सभी चरणों के बाद गृह विभाग ने अनुमति संबंधी आदेश जारी किया। अब आगे की प्रक्रिया पुलिस मुख्यालय के स्तर पर पूरी की जाएगी।

मध्यप्रदेश में पहले भी सामने आ चुके हैं ऐसे मामले

मध्यप्रदेश में इससे पहले भी पुलिस विभाग में कार्यरत महिला आरक्षकों के लिंग परिवर्तन से जुड़े मामले सामने आ चुके हैं। वर्ष 2021 में निवाड़ी जिले में पदस्थ एक महिला आरक्षक को अनुमति दिए जाने की खबर आई थी। इसके बाद अगस्त 2023 में रतलाम में पदस्थ एक अन्य महिला आरक्षक के मामले में भी राज्य सरकार ने अनुमति दी थी।

इन मामलों में भी आवेदन, दस्तावेजों की जांच और संबंधित विभागों की प्रक्रिया के बाद निर्णय लिया गया था। मौजूदा प्रकरण इसी तरह का एक और मामला है, जिसमें गृह विभाग ने अनुमति जारी की है।

अब पुलिस मुख्यालय के स्तर पर होगी अगली कार्रवाई

गृह विभाग से अनुमति मिलने के बाद अगला चरण पुलिस मुख्यालय के स्तर पर पूरा किया जाएगा। संबंधित आरक्षक की पहचान और निजी विवरण सार्वजनिक नहीं किए गए हैं। इसलिए इस मामले में उनकी निजता का सम्मान करना जरूरी है।

फिलहाल स्पष्ट है कि राज्य सरकार ने लिंग परिवर्तन की प्रक्रिया के लिए अनुमति संबंधी आदेश जारी कर दिया है। इसके बाद की कार्रवाई लागू नियमों और विभागीय प्रक्रिया के अनुसार होगी। अनुमति जारी होना और प्रक्रिया के सभी आगामी चरण पूरे होना अलग-अलग बातें हैं; इसलिए आगे की प्रशासनिक स्थिति पुलिस मुख्यालय की कार्रवाई के बाद ही स्पष्ट होगी।

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