उज्जैन में फलादिया मस्जिद को नगर निगम का नोटिस, सिंहस्थ फ्लाईओवर के रास्ते में आ रहा 224 वर्ग मीटर हिस्सा

उज्जैन: फलादिया मस्जिद को निगम का नोटिस, फ्लाईओवर में 224 वर्ग मीटर बाधक
उज्जैन। सिंहस्थ-2028 की तैयारियों के तहत उज्जैन में प्रस्तावित एलिवेटेड फ्लाईओवर परियोजना को लेकर फलादिया मस्जिद का मामला सामने आया है। एटलस चौराहे के पास स्थित इस मस्जिद का 224 वर्ग मीटर हिस्सा फ्लाईओवर के निर्धारित एलाइनमेंट में बाधक बताया गया है। नगर निगम ने मस्जिद प्रबंधन को नोटिस जारी कर संबंधित दस्तावेजों के साथ अपना पक्ष रखने के लिए बुलाया है।
इससे पहले छत्री चौक स्थित शाही मस्जिद को लेकर भी फ्लाईओवर परियोजना के संदर्भ में चर्चा हुई थी। अब फलादिया मस्जिद से जुड़ा मामला सामने आने के बाद स्थानीय स्तर पर इस परियोजना और धार्मिक स्थल के भविष्य को लेकर ध्यान केंद्रित हुआ है।
फ्लाईओवर के एलाइनमेंट में आ रहा मस्जिद का हिस्सा
नगर निगम की ओर से जारी सूचना के मुताबिक, सिंहस्थ-2028 की तैयारियों के तहत चिमनगंज मंडी के इंदिरा नगर चौराहे से इंदौर गेट तक चार लेन और निकास चौराहे से इंदौर गेट तक दो लेन का एलिवेटेड फ्लाईओवर प्रस्तावित है। इसी परियोजना के निर्धारित मार्ग में एटलस चौराहे के पास स्थित फलादिया मस्जिद का कुछ हिस्सा आ रहा है।
नगर निगम के जोन क्रमांक-3 के भवन अधिकारी की ओर से 23 अक्टूबर 2026 को जारी नोटिस में लोक निर्माण विभाग के 14 अक्टूबर के पत्र का उल्लेख किया गया है। नोटिस के अनुसार, मस्जिद के भूतल पर 16 मीटर चौड़ाई और 14 मीटर गहराई, यानी कुल 224 वर्ग मीटर क्षेत्र निर्माण कार्य में बाधक बताया गया है।
नोटिस में जनहित और परियोजना के एलाइनमेंट का हवाला देते हुए संबंधित हिस्से के संबंध में दस्तावेज प्रस्तुत करने को कहा गया है।
मस्जिद प्रबंधन को दस्तावेज पेश करने के निर्देश
नगर निगम ने मस्जिद प्रबंधन को 27 अक्टूबर को निगम मुख्यालय स्थित छत्रपति शिवाजी भवन के कक्ष क्रमांक 324 में सुनवाई के लिए बुलाया था। प्रबंधन से संबंधित दस्तावेजों के साथ उपस्थित होकर अपना पक्ष रखने को कहा गया।
इस प्रक्रिया में मस्जिद से जुड़े उपलब्ध दस्तावेजों, निर्माण और अन्य संबंधित तथ्यों की जांच महत्वपूर्ण होगी। आगे क्या कार्रवाई होगी, यह सुनवाई और दस्तावेजों के परीक्षण के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा। मस्जिद के कितने हिस्से पर असर पड़ेगा, इसे लेकर फिलहाल अंतिम निर्णय की पुष्टि नहीं है।
मस्जिद करीब 100 साल पुरानी होने का दावा
फलादिया मस्जिद के कोषाध्यक्ष मोहम्मद याहया के अनुसार, मस्जिद लगभग 100 साल पुरानी है और नई सड़क क्षेत्र की पहचान से जुड़ी रही है। उन्होंने कहा कि नगर निगम की ओर से मांगे गए दस्तावेज सुनवाई के दौरान प्रस्तुत किए जाएंगे।
स्थानीय निवासी मोहम्मद ऐजाज के मुताबिक, मस्जिद परिसर में करीब छह दुकानें भी हैं। इन दुकानों को लगभग 60 से 70 साल पुराना बताया गया है। उनका कहना है कि इन दुकानों से कई परिवारों की आजीविका जुड़ी हुई है। यदि दुकानों को हटाने की कार्रवाई होती है, तो संबंधित परिवारों के सामने रोजगार की समस्या खड़ी हो सकती है।
हालांकि, मस्जिद और दुकानों की उम्र तथा उनसे जुड़े अन्य दावों की पुष्टि संबंधित दस्तावेजों के परीक्षण के बाद ही हो सकेगी।
सिंहस्थ-2028 की तैयारियों के बीच अहम है मामला
उज्जैन में सिंहस्थ-2028 को ध्यान में रखते हुए सड़क, यातायात और बुनियादी ढांचे से जुड़े कार्यों की योजना बनाई जा रही है। एलिवेटेड फ्लाईओवर परियोजना का उद्देश्य शहर में यातायात व्यवस्था को बेहतर बनाने से जुड़ा है। ऐसे में निर्धारित एलाइनमेंट में आने वाली संपत्तियों और निर्माणों से संबंधित मामलों का समाधान परियोजना के क्रियान्वयन के लिए महत्वपूर्ण होगा।
फलादिया मस्जिद के मामले में फिलहाल नगर निगम की ओर से नोटिस जारी किए जाने और प्रबंधन को अपना पक्ष रखने का अवसर दिए जाने की जानकारी सामने आई है। दस्तावेजों की जांच और संबंधित प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही आगे की कार्रवाई की स्थिति स्पष्ट होगी।




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