भोपाल। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा है कि कृषि क्षेत्र, अर्थ-व्यवस्था को मजबूत बनाने का कार्य करता है। मध्यप्रदेश ने कृषि के क्षेत्र में काफी प्रगति की है। विभाग में पदस्थ किए गए वरिष्ठ कृषि विकास और ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारियों को किसानों का जीवन बदलने का जिम्मा मिला है। प्रदेश के किसानों का भाग्य बदलने और उनका भविष्य बनाने का महत्वपूर्ण दायित्व नव-नियुक्त कृषि अधिकारियों पर है। मध्यप्रदेश कृषि क्षेत्र में काफी आगे है। नव-नियुक्त कृषि अधिकारी परिश्रम और प्रामाणिकता से सेवाएँ देते हुए यह संकल्प लें कि किसानों के जीवन को बदलने का माध्यम बनेंगे।
मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि कृषि विभाग के साथ अन्य विभागों में भी रिक्त पदों को भरने का अभियान चल रहा है। आगामी 15 अगस्त तक विभिन्न विभागों में करीब एक लाख पदों की पूर्ति का कार्य पूरा हो जाएगा। नौजवानों को काम देकर मध्यप्रदेश को समृद्ध बनाएंगे। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने आज मुख्यमंत्री निवास कार्यालय समत्व भवन में 251 वरिष्ठ कृषि विकास और ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारियों को नियुक्ति-पत्र प्रदान किये। इनमें 87 महिला अधिकारी शामिल हैं।
कृषि अधिकारी प्रमाणिकता से कार्य कर अपने दायित्व को पूर्ण करें
मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि नव-नियुक्त अधिकारियों की किसानों के लिए समर्पित भूमिका होगी तो वे जीवन सार्थक बना सकेंगे। मुख्यमंत्री ने नव-नियुक्त अधिकारियों को बधाई और शुभकामनाएँ देते हुए कहा कि कार्य के प्रति सकारात्मक दृष्टिकोण से हम किसानों की जिंदगी बदलने का कार्य कर सकते हैं। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने एक कहानी के माध्यम से एक कार्य करने वाले तीन श्रमिकों के तीन दृष्टिकोण का उल्लेख किया और कहा कि जो हमें दायित्व मिला है उसे सौभाग्य मान कर करें, इसी में सार्थकता है।
कृषि क्षेत्र में निरंतर आगे मध्यप्रदेश
मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि मध्यप्रदेश में 700 प्रतिशत अनाज उत्पादन बढ़ा है। देश की अर्थ-व्यवस्था में मध्यप्रदेश का योगदान बढ़ रहा है। प्रदेश की कृषि विकास दर बढ़ी है। आज मध्यप्रदेश भारत का फूड बास्केट कहलाने लगा है। देश के कुल खाद्यान्न उत्पादन का 10वाँ हिस्सा सिर्फ मध्यप्रदेश उत्पन्न करता है। मध्यप्रदेश का सोयाबीन, दालें, मसाले और अदरक उत्पादन में देश में प्रथम गेहूँ, मक्का और प्याज उत्पादन में द्वितीय, तिलहन और सुगंधित पौधों के उत्पादन में तृतीय स्थान है। प्रदेश में कृषि की नई तकनीक के उपयोग के साथ ही जैविक और प्राकृतिक खेती को बढ़ावा दिया जा रहा है।
मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि कृषि क्षेत्र में कार्य की निरंतर अपार संभावनाएँ होती हैं। खेती से अर्थ-व्यवस्था बदलती है। एक समय था जब भारत में अन्य देशों से गेहूँ आता था। अब स्थिति भिन्न है। कृषि का तेजी से विकास हुआ। उत्पादन बढ़ा तो बाजार में खरीदी बढ़ी, कारखानों के पहिए चले तो संपूर्ण अर्थ-व्यवस्था को मदद मिली। प्रदेश में वर्ष 2012-13 में एक लाख करोड़ का बजट था, जो वर्ष 2020-21 में 2 लाख करोड़ से आगे बढ़ गया और वर्ष 2023 में 3 लाख 14 हजार करोड़ हो गया। प्रदेश में प्रति व्यक्ति औसत वार्षिक आय भी बढ़ी है। प्रदेश में प्रति व्यक्ति औसत वार्षिक आय कभी सिर्फ 11 हजार थी, जो अब बढ़ कर 1 लाख 40 हजार हो गई है। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने प्रतीक स्वरूप कुछ अधिकारियों को नियुक्ति-पत्र प्रदान किए। उन्होंने नव-नियुक्त अधिकारियों के साथ समूह छायाचित्र भी खिंचवाए।
किसान-कल्याण एवं कृषि विकास मंत्री कमल पटेल ने कहा कि मध्यप्रदेश, देश में कृषि क्षेत्र में अग्रणी है। उन्होंने गत वर्ष कृषि के क्षेत्र में किये गये प्रयासों के बारे में भी बताया। श्री पटेल ने कहा कि किसानों को फसलों की क्षति के लिए राहत राशि भी दी जाती है। अनाज उत्पादन की खरीदी और राशि के भुगतान का कार्य समय पर होता है। किसानों को उनकी उपज का अधिक से अधिक मूल्य दिलवाने के प्रयास किए गए हैं। प्रारंभ में अतिथियों का पुष्प-गुच्छ से स्वागत किया गया। अपर मुख्य सचिव, किसान-कल्याण एवं कृषि विकास अशोक वर्णवाल और आयुक्त किसान-कल्याण एवं कृषि विकास सेल्वेंद्रन भी उपस्थित थे। उप संचालक कृषि डॉ. पूजा सिंह ने संचालन किया।
नियुक्ति के साथ मिली है खुशी
आज जिन 251 युवाओं को नियुक्ति मिली है उनमें खरगोन जिले के मुकेश बडोले, धार जिले के श्री मिश्रीलाल वास्केल, सीहोर जिले की मधु मालवीय और अनिल कुमार अजनेरिया साधारण परिवारों से आते हैं। इन सभी ने बताया कि किसानों के कल्याण के लिए कार्य करने का अवसर मिलने पर उन्हें रोजगार के साधन के साथ ही हृदय से प्रसन्नता प्राप्त हुई है। पूरे परिश्रम से अपने दायित्व को निभाने के लिए संकल्पबद्ध हैं।
कृषि विभाग में पदों को भरने की प्रक्रिया जारी
मुख्यमंत्री श्री चौहान ने मुख्यमंत्री निवास सभा कक्ष में आज 251 ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारी और वरिष्ठ कृषि विकास अधिकारी को नियुक्ति-पत्र प्रदान किए। इनमें 241 पद ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारी और 10 पद वरिष्ठ कृषि विस्तार अधिकारी के हैं। इनमें 164 पुरूष और 87 महिलाएँ शामिल हैं। विभाग में नियमानुसार विभिन्न स्तर पर रिक्त पदों को भरने के लिए नियुक्तियाँ की जा रही हैं। कुल 2805 पदों को भरने के लिए प्रक्रिया जारी है। इनमें सर्वाधिक पद 1852 ग्रामीण विस्तार अधिकारियों के हैं। इसके अलावा वरिष्ठ कृषि विकास अधिकारी, प्रयोगशाला सहायक, स्टेनोग्राफर वर्ग तीन, स्टेनो टाइपिस्ट, ब्लाक टेक्नालॉजी मैनेजर, कम्प्यूटर आपरेटर, एकाउंटेंट और असिस्टेंट टेक्नालॉजी मैनेजर आदि के पद शामिल हैं।
भोपाल। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने एम्स भोपाल में हुए मध्य भारत के पहले हार्ट ट्रांसप्लांट से पुनर्जीवन प्राप्त करने वाले मरीज दिनेश मालवीय से उनकी कुशलक्षेम पूछी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने इस उपलब्धि के लिए एम्स भोपाल की टीम को बधाई दी।
भोपाल। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि सिहंस्थ: 2028 का व्यवस्थित और सफल आयोजन राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। सिंहस्थ की व्यवस्थाओं का विस्तार उज्जैन जिले के ग्रामीण क्षेत्रों तक होगा, अत: इसमें पंचायत प्रतिनिधियों की महत्वपूर्ण भूमिका रहेगी। सिंहस्थ के आयोजन में श्रद्धालुओं के आवागमन की दृष्टि से उज्जैन जनपद विशेष रूप से महत्वपूर्ण है, इंडस्ट्रियल बेल्ट भी इसी क्षेत्र में विद्यमान है।
भोपाल। मध्य प्रदेश में सरकारी यात्री बस सेवा का संचालन कंपनियों के माध्यम से किया जाएगा। इसको लेकर परिवहन विभाग ने प्रस्ताव तैयार कर लिया है। इसको कैबिनेट की बैठक में रखा जाएगा। इससे पहले परिवहन विभाग ने संबंधित अन्य विभागों से यात्री परिवहन बस संचालन को लेकर राय ली। इसमें शहरी विकास विभागऔर विधि विभाग ने अपनी राय दे दी है। इसके तहत एक राज्य स्तर की कंपनी बनाई जाएगी।
भोपाल। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में राज्य सरकार निरंतर किसानों के कल्याण के लिये कृत संपल्पित होकर कार्य कर रही है। सरकार ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के ज्ञान (GYAN) से ध्यान पर फोकस करते हुए 4 मिशन के क्रियान्वयन पर जोर दिया है। जल्द ही प्रदेश में किसान कल्याण के लिये मिशन भी प्रारंभ होने वाला है। वर्तमान में किसानों के कल्याण की विभिन्न योजनाएँ संचालित हो रही है।
भोपाल। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने माँ नर्मदा जयंती की समस्त प्रदेशवासियों को हार्दिक बधाई और शुभकामनाएं दी हैं। उन्होंने कहा कि माँ नर्मदा के अविरल प्रवाह ने मध्यप्रदेश को समृद्ध और खुशहाल बनाया है। मध्यप्रदेश की जीवन रेखा माँ नर्मदा का आशीर्वाद ऐसे ही अनवरत बरसता रहे, यही कामना है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने नर्मदा जयंती पर प्रदेशवासियों से जल और संस्कृति के संरक्षण के लिए संकल्पित होने का आव्हान किया है।
भोपाल। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि युवा वर्ग अपने सपनों को साकार करने के लिए आगे बढ़े। राज्य सरकार हरसंभव सहयोग प्रदान करने के लिए तत्पर है। इस क्रम में कल 5 फरवरी को सभी पात्र निर्धारित विद्यार्थियों को स्कूटी प्रदान की जाएगी। युवा वर्ग अपनी प्रावीण्यता का लाभ ले और अपने साथियों के लिए भी प्रेरणा का स्त्रोत बनें, इस उद्देश्य से यह उपक्रम किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि युवा न केवल उद्यमी बनें अपितु सब प्रकार से सक्षम भी बनें और अपने लक्ष्य प्राप्ति में सफल हों।
भोपाल। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने पूर्वोत्तर राज्यों से भारत एकात्मता यात्रा पर आए विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि मध्यप्रदेश केवल भौगोलिक दृष्टि से ही नहीं, बल्कि सांस्कृतिक रूप से भी देश की एकता और अखंडता को दर्शाता है। उन्होंने प्रदेश की सांस्कृतिक विरासत और राष्ट्रप्रेम की भावना को रेखांकित करते हुए विद्यार्थियों को इस विविधता का सम्मान करने और भारतीय संस्कृति को आत्मसात करने की प्रेरणा दी।
भोपाल। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने हाल ही में पेश केन्द्रीय बजट में मध्यप्रदेश के लिए रेलवे सुविधाओं के लिए 14 हजार 745 करोड़ रुपए के बजट आवंटन के लिए प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी और केन्द्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव का आभार व्यक्त कर मध्यप्रदेश के नागरिकों की ओर से धन्यवाद दिया है।
भोपाल। राज्यपाल मंगुभाई पटेल ने गोपाल भार्गव को राजभवन में विधानसभा के प्रोटेम स्पीकर की शपथ दिलाई। शपथ ग्रहण समारोह का गरिमामय आयोजन राजभवन के दरबार हॉल में किया गया था। समारोह में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव, उप-मुख्यमंत्री जगदीश देवड़ा, उप-मुख्यमंत्री राजेन्द्र शुक्ल भी मौजूद थे।
भोपाल। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास और सबका प्रयास के मंत्र को साकार कर जनता की जिन्दगी बदलना ही हमारी सरकार का लक्ष्य है। प्रधानमंत्री श्री मोदी के नेतृत्व में जन-सामान्य ने अपना विश्वास व्यक्त किया है, उनके नेतृत्व में विकास की प्रक्रिया जारी है। विकास और जनकल्याण के लक्ष्य को संकल्प पत्र-2023 के अनुरूप धरातल पर उतारना हमारा उद्देश्य है। सभी विभाग संकल्प पत्र के सभी वादों, संकल्पों और घोषणाओं की पूर्ति का काम मिशन मोड में आरंभ कर समय-सीमा में लक्ष्य प्राप्ति सुनिश्चित करें।