भोपाल। जल संसाधन मंत्री तुलसीराम सिलावट ने मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान को किसान का सच्चा हितैषी बताते हुए कहा है कि आज मंत्रि-परिषद की बैठक में पन्ना जिले के किसानों और जनता के लिए सिंचाई परियोजनाओ के लिए अतिरिक्त रूप से मंजूरी दी गई है। इससे 27 हजार हे. क्षेत्र में अतिरिक्त सिंचाई क्षमता विकसित होगी। इसके लिए मुख्यमंत्री श्री चौहान बधाई के पात्र हैं। स्थानीय सांसद वी.डी. शर्मा का योगदान भी उल्लेखनीय रहा है।
मंत्री श्री सिलावट ने बताया कि रूंझ मध्यम् सिंचाई परियोजना पन्ना जिले की अजयगढ़ तहसील में प्रस्तावित है। परियोजना में 64.70 एम.सी.एम. के बांध निर्माण एवं पाईप नहर का निर्माण किया जाना प्रस्तावित है। परियोजना से पन्ना जिले की अजयगढ़ तहसील के 47 ग्रामों की 14 हजार 450 हेक्टेयर भूमि पर सिंचाई सुविधा उपलब्ध कराई जायेगी।
परियोजना की प्रशासकीय स्वीकृति वर्ष-2011 में 12 हजार 550 हेक्टेयर हेतु प्रदान की गई थी, जिसकी लागत उस समय 269 करोड़ 79 लाख रूपये थी। वर्ष-2016 में माइक्रो सिंचाई प्रणाली को बढ़ावा देने तथा पानी की बचत हेतु खुली नहर के स्थान पर पाईप नहर प्रणाली को सम्मिलित किया गया था।
वृह्द परियोजना नियंत्रण मण्डल की स्वीकृति के बाद वर्ष-2018 से बांध निर्माण का कार्य तथा वर्ष-2019 से पाईप नहर का निर्माण कार्य किया जा रहा है। वर्तमान में परियोजना का कार्य प्रगतिरत् है। बांध का कार्य 75 प्रतिशत् तथा पाईप नहर का कार्य 25 प्रतिशत् पूर्ण हो चुका है। भू-अर्जन अधिनियम-2013 के लागू होने तथा यू.सी.एस.आर. वर्ष-2017 संशोधित होने के कारण परियोजना की लागत में 243 करोड़ 93 लाख रूपये की वृद्धि अनुमानित है। परियोजना के निर्माण कार्य को पूरा करने तथा 14 हजार 450 हेक्टेयर क्षेत्र में सिंचाई विकसित करने हेतु रूपये 513 करोड़ 72 लाख का पुनरीक्षित प्रस्ताव तैयार किया गया है।
मझगाँय मध्यम् सिंचाई परियोजना पन्ना जिले की अजयगढ़ तहसील में प्रस्तावित है। परियोजना के अन्तर्गत 112.62 एम.सी.एम. के बांध निर्माण एवं पाईप नहर का निर्माण किया जाना प्रस्तावित है। परियोजना से पन्ना जिले की अजयगढ़ तहसील के 38 ग्रामों की 13 हजार 60 हेक्टेयर भूमि पर सिंचाई सुविधा उपलब्ध कराई जायेगी। परियोजना की प्रशासकीय स्वीकृति वर्ष-2012 में 12 हजार 600 हेक्टेयर हेतु प्रदान की गई थी। जिसकी लागत उस समय 358 करोड़ 99 लाख रूपये थी। वर्ष-2016 में माइक्रो सिंचाई प्रणाली को बढ़ावा देने के लिए तथा पानी की बचत हेतु खुली नहर के स्थान पर पाईप नहर प्रणाली को सम्मिलित किया गया।
वृह्द परियोजना नियंत्रण मण्डल की स्वीकृति के बाद वर्ष-2018 से बांध निर्माण का कार्य तथा वर्ष-2019 से पाईप नहर का निर्माण कार्य किया जा रहा है। वर्तमान में परियोजना का कार्य प्रगतिरत है। बांध का कार्य 52 प्रतिशत् तथा पाईप नहर का कार्य 30 प्रतिशत पूर्ण हो चुका है। भू-अर्जन अधिनियम-2013 के लागू होने तथा यू.सी.एस.आर. वर्ष-2017 संशोधित होने के कारण परियोजना की लागत में 334 करोड़ 65 लाख रूपये की वृद्धि अनुमानित है। परियोजना के कार्य को पूरा करने तथा 13 हजार 60 हेक्टेयर क्षेत्र में सिंचाई विकसित करने हेतु रूपये 693 करोड़ 64 लाख का पुनरीक्षित प्रस्ताव तैयार किया गया है।
भोपाल। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने एम्स भोपाल में हुए मध्य भारत के पहले हार्ट ट्रांसप्लांट से पुनर्जीवन प्राप्त करने वाले मरीज दिनेश मालवीय से उनकी कुशलक्षेम पूछी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने इस उपलब्धि के लिए एम्स भोपाल की टीम को बधाई दी।
भोपाल। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि सिहंस्थ: 2028 का व्यवस्थित और सफल आयोजन राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। सिंहस्थ की व्यवस्थाओं का विस्तार उज्जैन जिले के ग्रामीण क्षेत्रों तक होगा, अत: इसमें पंचायत प्रतिनिधियों की महत्वपूर्ण भूमिका रहेगी। सिंहस्थ के आयोजन में श्रद्धालुओं के आवागमन की दृष्टि से उज्जैन जनपद विशेष रूप से महत्वपूर्ण है, इंडस्ट्रियल बेल्ट भी इसी क्षेत्र में विद्यमान है।
भोपाल। मध्य प्रदेश में सरकारी यात्री बस सेवा का संचालन कंपनियों के माध्यम से किया जाएगा। इसको लेकर परिवहन विभाग ने प्रस्ताव तैयार कर लिया है। इसको कैबिनेट की बैठक में रखा जाएगा। इससे पहले परिवहन विभाग ने संबंधित अन्य विभागों से यात्री परिवहन बस संचालन को लेकर राय ली। इसमें शहरी विकास विभागऔर विधि विभाग ने अपनी राय दे दी है। इसके तहत एक राज्य स्तर की कंपनी बनाई जाएगी।
भोपाल। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में राज्य सरकार निरंतर किसानों के कल्याण के लिये कृत संपल्पित होकर कार्य कर रही है। सरकार ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के ज्ञान (GYAN) से ध्यान पर फोकस करते हुए 4 मिशन के क्रियान्वयन पर जोर दिया है। जल्द ही प्रदेश में किसान कल्याण के लिये मिशन भी प्रारंभ होने वाला है। वर्तमान में किसानों के कल्याण की विभिन्न योजनाएँ संचालित हो रही है।
भोपाल। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने माँ नर्मदा जयंती की समस्त प्रदेशवासियों को हार्दिक बधाई और शुभकामनाएं दी हैं। उन्होंने कहा कि माँ नर्मदा के अविरल प्रवाह ने मध्यप्रदेश को समृद्ध और खुशहाल बनाया है। मध्यप्रदेश की जीवन रेखा माँ नर्मदा का आशीर्वाद ऐसे ही अनवरत बरसता रहे, यही कामना है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने नर्मदा जयंती पर प्रदेशवासियों से जल और संस्कृति के संरक्षण के लिए संकल्पित होने का आव्हान किया है।
भोपाल। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि युवा वर्ग अपने सपनों को साकार करने के लिए आगे बढ़े। राज्य सरकार हरसंभव सहयोग प्रदान करने के लिए तत्पर है। इस क्रम में कल 5 फरवरी को सभी पात्र निर्धारित विद्यार्थियों को स्कूटी प्रदान की जाएगी। युवा वर्ग अपनी प्रावीण्यता का लाभ ले और अपने साथियों के लिए भी प्रेरणा का स्त्रोत बनें, इस उद्देश्य से यह उपक्रम किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि युवा न केवल उद्यमी बनें अपितु सब प्रकार से सक्षम भी बनें और अपने लक्ष्य प्राप्ति में सफल हों।
भोपाल। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने पूर्वोत्तर राज्यों से भारत एकात्मता यात्रा पर आए विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि मध्यप्रदेश केवल भौगोलिक दृष्टि से ही नहीं, बल्कि सांस्कृतिक रूप से भी देश की एकता और अखंडता को दर्शाता है। उन्होंने प्रदेश की सांस्कृतिक विरासत और राष्ट्रप्रेम की भावना को रेखांकित करते हुए विद्यार्थियों को इस विविधता का सम्मान करने और भारतीय संस्कृति को आत्मसात करने की प्रेरणा दी।
भोपाल। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने हाल ही में पेश केन्द्रीय बजट में मध्यप्रदेश के लिए रेलवे सुविधाओं के लिए 14 हजार 745 करोड़ रुपए के बजट आवंटन के लिए प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी और केन्द्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव का आभार व्यक्त कर मध्यप्रदेश के नागरिकों की ओर से धन्यवाद दिया है।
भोपाल। राज्यपाल मंगुभाई पटेल ने गोपाल भार्गव को राजभवन में विधानसभा के प्रोटेम स्पीकर की शपथ दिलाई। शपथ ग्रहण समारोह का गरिमामय आयोजन राजभवन के दरबार हॉल में किया गया था। समारोह में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव, उप-मुख्यमंत्री जगदीश देवड़ा, उप-मुख्यमंत्री राजेन्द्र शुक्ल भी मौजूद थे।
भोपाल। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास और सबका प्रयास के मंत्र को साकार कर जनता की जिन्दगी बदलना ही हमारी सरकार का लक्ष्य है। प्रधानमंत्री श्री मोदी के नेतृत्व में जन-सामान्य ने अपना विश्वास व्यक्त किया है, उनके नेतृत्व में विकास की प्रक्रिया जारी है। विकास और जनकल्याण के लक्ष्य को संकल्प पत्र-2023 के अनुरूप धरातल पर उतारना हमारा उद्देश्य है। सभी विभाग संकल्प पत्र के सभी वादों, संकल्पों और घोषणाओं की पूर्ति का काम मिशन मोड में आरंभ कर समय-सीमा में लक्ष्य प्राप्ति सुनिश्चित करें।