भोपाल। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा है कि मुख्यमंत्री लाड़ली बहना योजना, बहनों के सशक्तिकरण के लिए बनाई गई है। सशक्तिकरण में सबसे अधिक जरूरी आर्थिक सशक्तिकरण है। बहनों के पास पैसा हो, तो उनमें आत्म-विश्वास भी होता है और स्वाभिमान का भाव भी जागृत होता है। इसलिए हमने मुख्यमंत्री लाड़ली बहना योजना में हर पात्र बहन के खाते में हर महीने 1000 रूपए डालने का निर्णय लिया है। योजना में वे बहने पात्र होंगी, जिनकी आयु 23 से 60 वर्ष के बीच हो, विवाहित हो, परिवार की आय ढाई लाख रूपए वार्षिक से कम हो और ऐसे परिवार जिनके पास 5 एकड़ से कम जमीन हो। परिवार का मतलब पति, पत्नी और उनके बच्चे हैं। ऐसी पात्र बहनों के खाते में हर महीने एक हजार रूपए आएंगे। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने सोशल और इलेक्ट्रानिक मीडिया पर जारी संदेश में यह बात कही।
बहनों को लोक सेवा केन्द्र या अन्य कहीं जाने की जरूरत नहीं
मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि मेरी बहनों को कोई दिक्कत न हो, यह मेरा कर्त्तव्य है। इसलिए योजना में आवेदन प्रक्रिया को बहुत सरल बनाया गया है। योजना के फॉर्म आपके गाँव और शहर के वार्डों में भरवाए जाएंगे। बहनों को लोक सेवा केंद्र या कही और जाने की जरूरत नहीं है। सभी गाँव में हमारे कर्मचारी आएंगे और फॉर्म भरवाएंगे। इसके लिए 25 मार्च से शिविर लगना शुरू होंगे। जब तक सभी बहनों के आवेदन नहीं भर जाते तब तक शिविर लगेंगे।
समग्र आई.डी. और आधार नंबर है तो कोई दिक्कत नहीं होगी
मुख्यमंत्री श्री चौहान ने बताया कि आवेदन में अपना नाम, पति का नाम, मोबाइल नंबर आदि दर्ज कराने के अलावा तीन जरूरी जानकारी बहनों के पास होनी चाहिए। पहला- आपकी या आपके परिवार की समग्र आईडी, दूसरा- आपका आधार नंबर और तीसरा- समग्र में दर्ज आपका मोबाइल नंबर। यह जानकारी यदि बहनों के पास है तो उनको कोई दिक्कत नहीं होगी। आवेदन भरा जाएगा और उसके बाद ई-केवाईसी करवाई जाएगी। इसके लिए बहनों को कहीं जाने की जरूरत नहीं है। गाँव और शहर के वार्ड में ही ई-केवाईसी प्रक्रिया पूर्ण की जायेगी। जहाँ कनेक्टिविटी नहीं है, वहाँ दूसरे गाँव या कॉमन सर्विस सेंटर में बहनों को ले जाने की आवश्यकता पड़ती है तो उनके लिए वाहन की व्यवस्था शासन द्वारा की जाएगी।
यदि कोई पैसा मांगता है तो सीएम हेल्पलाइन 181 नंबर पर करें शिकायत
मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि ई-केवाईसी के लिए कोई शुल्क नहीं लगेगा। शासन द्वारा एक ई-केवाईसी के लिए 15 रूपए का भुगतान संबंधित कॉमन सर्विस सेंटर्स को किया जाएगा। यदि किसी बहन से कोई ई-केवाईसी के लिए पैसा मांगता है तो सीएम हेल्पलाइन नंबर 181 पर फोन कर शिकायत दर्ज करा सकते हैं।
ऐसे लोगों को जेल भिजवाया जाएगा। बहनों को एक भी पैसा देने की जरूरत नहीं है। यदि मेरी बहनों को परेशानी होती है, तो मेरे भाई होने का मतलब ही क्या है। इसलिए निश्चिंत रहिए-परेशान मत होइए। अपने गाँव, शहर में ही रहें। हमारी टीम आपसे संपर्क करेगी, शिविर में लाएगी और सारी औपचारिकता पूरी करवाएगी। ई-केवाईसी इसलिए कराई जा रही है, जिससे बहनों के खाते में ही पैसा जाए। बहने निश्चिंत रहें, उनकी सारी चिंताएँ हमारी हैं।
भोपाल। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने एम्स भोपाल में हुए मध्य भारत के पहले हार्ट ट्रांसप्लांट से पुनर्जीवन प्राप्त करने वाले मरीज दिनेश मालवीय से उनकी कुशलक्षेम पूछी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने इस उपलब्धि के लिए एम्स भोपाल की टीम को बधाई दी।
भोपाल। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि सिहंस्थ: 2028 का व्यवस्थित और सफल आयोजन राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। सिंहस्थ की व्यवस्थाओं का विस्तार उज्जैन जिले के ग्रामीण क्षेत्रों तक होगा, अत: इसमें पंचायत प्रतिनिधियों की महत्वपूर्ण भूमिका रहेगी। सिंहस्थ के आयोजन में श्रद्धालुओं के आवागमन की दृष्टि से उज्जैन जनपद विशेष रूप से महत्वपूर्ण है, इंडस्ट्रियल बेल्ट भी इसी क्षेत्र में विद्यमान है।
भोपाल। मध्य प्रदेश में सरकारी यात्री बस सेवा का संचालन कंपनियों के माध्यम से किया जाएगा। इसको लेकर परिवहन विभाग ने प्रस्ताव तैयार कर लिया है। इसको कैबिनेट की बैठक में रखा जाएगा। इससे पहले परिवहन विभाग ने संबंधित अन्य विभागों से यात्री परिवहन बस संचालन को लेकर राय ली। इसमें शहरी विकास विभागऔर विधि विभाग ने अपनी राय दे दी है। इसके तहत एक राज्य स्तर की कंपनी बनाई जाएगी।
भोपाल। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में राज्य सरकार निरंतर किसानों के कल्याण के लिये कृत संपल्पित होकर कार्य कर रही है। सरकार ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के ज्ञान (GYAN) से ध्यान पर फोकस करते हुए 4 मिशन के क्रियान्वयन पर जोर दिया है। जल्द ही प्रदेश में किसान कल्याण के लिये मिशन भी प्रारंभ होने वाला है। वर्तमान में किसानों के कल्याण की विभिन्न योजनाएँ संचालित हो रही है।
भोपाल। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने माँ नर्मदा जयंती की समस्त प्रदेशवासियों को हार्दिक बधाई और शुभकामनाएं दी हैं। उन्होंने कहा कि माँ नर्मदा के अविरल प्रवाह ने मध्यप्रदेश को समृद्ध और खुशहाल बनाया है। मध्यप्रदेश की जीवन रेखा माँ नर्मदा का आशीर्वाद ऐसे ही अनवरत बरसता रहे, यही कामना है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने नर्मदा जयंती पर प्रदेशवासियों से जल और संस्कृति के संरक्षण के लिए संकल्पित होने का आव्हान किया है।
भोपाल। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि युवा वर्ग अपने सपनों को साकार करने के लिए आगे बढ़े। राज्य सरकार हरसंभव सहयोग प्रदान करने के लिए तत्पर है। इस क्रम में कल 5 फरवरी को सभी पात्र निर्धारित विद्यार्थियों को स्कूटी प्रदान की जाएगी। युवा वर्ग अपनी प्रावीण्यता का लाभ ले और अपने साथियों के लिए भी प्रेरणा का स्त्रोत बनें, इस उद्देश्य से यह उपक्रम किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि युवा न केवल उद्यमी बनें अपितु सब प्रकार से सक्षम भी बनें और अपने लक्ष्य प्राप्ति में सफल हों।
भोपाल। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने पूर्वोत्तर राज्यों से भारत एकात्मता यात्रा पर आए विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि मध्यप्रदेश केवल भौगोलिक दृष्टि से ही नहीं, बल्कि सांस्कृतिक रूप से भी देश की एकता और अखंडता को दर्शाता है। उन्होंने प्रदेश की सांस्कृतिक विरासत और राष्ट्रप्रेम की भावना को रेखांकित करते हुए विद्यार्थियों को इस विविधता का सम्मान करने और भारतीय संस्कृति को आत्मसात करने की प्रेरणा दी।
भोपाल। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने हाल ही में पेश केन्द्रीय बजट में मध्यप्रदेश के लिए रेलवे सुविधाओं के लिए 14 हजार 745 करोड़ रुपए के बजट आवंटन के लिए प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी और केन्द्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव का आभार व्यक्त कर मध्यप्रदेश के नागरिकों की ओर से धन्यवाद दिया है।
भोपाल। राज्यपाल मंगुभाई पटेल ने गोपाल भार्गव को राजभवन में विधानसभा के प्रोटेम स्पीकर की शपथ दिलाई। शपथ ग्रहण समारोह का गरिमामय आयोजन राजभवन के दरबार हॉल में किया गया था। समारोह में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव, उप-मुख्यमंत्री जगदीश देवड़ा, उप-मुख्यमंत्री राजेन्द्र शुक्ल भी मौजूद थे।
भोपाल। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास और सबका प्रयास के मंत्र को साकार कर जनता की जिन्दगी बदलना ही हमारी सरकार का लक्ष्य है। प्रधानमंत्री श्री मोदी के नेतृत्व में जन-सामान्य ने अपना विश्वास व्यक्त किया है, उनके नेतृत्व में विकास की प्रक्रिया जारी है। विकास और जनकल्याण के लक्ष्य को संकल्प पत्र-2023 के अनुरूप धरातल पर उतारना हमारा उद्देश्य है। सभी विभाग संकल्प पत्र के सभी वादों, संकल्पों और घोषणाओं की पूर्ति का काम मिशन मोड में आरंभ कर समय-सीमा में लक्ष्य प्राप्ति सुनिश्चित करें।