भोपाल। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा है कि कोविड सक्रमंण के दौरान माता-पिता की मृत्यु होने से अनाथ बच्चों के लिए लागू पेंशन योजना के दायरे में अब ऐसे अन्य अनाथ बच्चों को भी शामिल किया जायेगा, जिनके माता-पिता नहीं है। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने मंत्री गोपाल भार्गव की पहल पर सागर जिले के गढ़ाकोटा में मुख्यमंत्री कन्या विवाह-निकाह योजना में आज हुए 2100 गरीब कन्याओं के विवाह को सामाजिक समरसता का महायज्ञ बताया। मुख्यमंत्री सागर जिले के गढ़ाकोटा स्थित रहस मेला मैदान में योजना के 20वें पुण्य विवाह समारोह में शामिल हुए। विवाह समारोह में पूर्व मुख्यमंत्री उमा भारती, नगरीय विकास मंत्री भूपेन्द्र सिंह और लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री डॉ. प्रभुराम चौधरी ने भी वर-वधु को आर्शीवाद दिया।
अभिभूत हैं दिव्यांग नव-दंपत्ति
समारोह में विवाह बंधन में बंधे ग्राम बाबूपुरा धौनाई के दिव्यांग भूरे अहिरवार अभिभूत हैं। उनका विवाह दिव्यांग तुलसाबाई के साथ हुआ। दोनों दिव्यांग वर-वधु विवाह होने पर प्रसन्न हैं। भूरे अहिरवार ने कहा कि आँखों से नहीं दिखने से जीवन में अब तक अंधेरा था, अब विवाह सूत्र में बंधने और गृहस्थी की सामग्री मिलने से जीवन में नया उजियारा आया है। नव-दंपत्ति ने मुख्यमंत्री श्री चौहान और मंत्री श्री भार्गव के प्रति धन्यवाद ज्ञापित किया।
मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि मंत्री भार्गव केवल राजनेता ही नहीं समाज-सेवक और विकास पुरूष भी है। प्रदेश के विकास के लिए वे सदैव प्रयत्नशील रहते है। उन्होंने 21 हजार कन्याओं का विवाह कराकर समाज-सेवा का जो इतिहास बनाया, वह अनुकरणीय है। उन पर हम सभी को गर्व है। श्री भार्गव ने यह सिद्ध किया कि राजनीति पेशा नहीं समाज-सेवा है। मुख्यमंत्री ने विवाह समारोह को सामाजिक सेवा का महाकुंभ भी बताया, जिसमें एक लाख से अधिक लोग शामिल हुए।
मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि केन्द्र और राज्य सरकार का लक्ष्य है कि सभी बेटियाँ सुखी रहें। कोई भी माता-पिता अपनी बेटी के विवाह को लेकर परेशान नहीं हो। प्रदेश सरकार ने बेटियों के जन्म से लेकर पढ़ाई और फिर बाद में विवाह के लिए योजना लागू की है। अब महिलाओं के कल्याण की सबसे बड़ी योजना "लाड़ली बहना" शुरू की गई है, जिससे पात्र सभी महिलाओं के बैंक खाते में एक हजार रूपये प्रतिमाह राशि डाली जायेगी। बेटियों, बहनों और महिलाओं के चेहरे पर मुस्कुराहट लाना मध्यप्रदेश सरकार का प्रमुख लक्ष्य है। लाड़ली बहना योजना में शामिल होने के लिए महिलाओं को यहाँ-वहाँ भटकने की जरूरत नहीं होगी, गाँव, शहर के वार्डों में शिविर लगाकर आवेदन लिए जायेंगें।
मुख्यमंत्री श्री चौहान ने विवाह समारोह में शामिल सभी नव-दंपतियों को सुखी और सफल जीवन की शुभकामनाएँ देते हुए आशीर्वाद दिया। साथ ही यह भी कहा कि किसी भी तकलीफ में अकेले गोपाल भार्गव ही नहीं, मामा शिवराज सिंह चौहान भी उनके साथ खड़ा रहेगा। मुख्यमंत्री तथा अन्य अतिथियों ने नव-दंपतियों का पुष्प-वर्षा कर अभिवादन किया और प्रतीक स्वरूप कुछ दंपत्ति को उपहार सामग्री भेंट की। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने सामूहिक विवाह महायज्ञ के लिए मंत्री श्री भार्गव का भी स्वागत-अभिनंदन किया। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने मंत्री गोपाल भार्गव की मांग पर शाहपुर में डिग्री कॉलेज स्वीकृत करने की घोषणा भी की।
मंत्री गोपाल भार्गव ने बताया कि बीस साल पहले मुख्यमंत्री श्री चौहान और उन्होंने गरीब कन्याओं के विवाह संपन्न कराने की शुरूआत थी। उन्होंने बताया कि 20 साल पहले मैंने छोटे रूप में इसकी शुरूआत की थी, जो अब विशाल स्वरूप ले चुका है। उन्होंने कहा कि प्रदेश की एक भी बेटी ऐसी नहीं होना चाहिए, जिसके हाथ आर्थिक तंगी के अभाव में पीले नहीं हो पा रहे हैं। उन्होंने परिणय-सूत्र में बंधने वाली बेटियों से कहा कि जब तक गोपाल भार्गव जीवित है, धर्मपिता के रूप में वह आपके काम आयेगा। अब मध्यप्रदेश का कोई भी गरीब चाहेगा तो उनकी बेटी का विवाह वे संपन्न करायेंगे। श्री भार्गव ने बताया कि उन्होंने अपने पुत्र अभिषेक भार्गव और पुत्री डा. अवंतिका भार्गव की शादी भी ऐसे ही सामूहिक विवाह समारोह में की थी, बाद में किसी बड़े होटल या फाईव स्टार होटल में रिसेप्शन भी नहीं दिया। उन्होंने मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना को लोक कल्याण और सामाजिक समरसता की योजना बताया।
सांसद वी.डी. शर्मा ने कन्यादान को भारतीय संस्कृति में सबसे बड़ा दान बताया। उन्होंने कहा कि मंत्री गोपाल भार्गव ने 21 हजार गरीब कन्याओं का विवाह कराकर पुण्य और यश का कार्य किया है। उन्होंने प्रसन्नता व्यक्त की कि 20वें विवाह समारोह में सभी धर्मों और समाजों के बेटे-बेटियों का विवाह हुआ। ऐसे आयोजन प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र में होने चाहिए।
प्रारंभ में मंत्री गोपाल भार्गव ने मुख्यमंत्री श्री चौहान को स्मृति-चिन्ह भेंट किया। मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना में हुए इस भव्य समारोह में नव-दंपतियों और उनके परिवार में भारी उत्साह देखा गया।
भोपाल। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने एम्स भोपाल में हुए मध्य भारत के पहले हार्ट ट्रांसप्लांट से पुनर्जीवन प्राप्त करने वाले मरीज दिनेश मालवीय से उनकी कुशलक्षेम पूछी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने इस उपलब्धि के लिए एम्स भोपाल की टीम को बधाई दी।
भोपाल। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि सिहंस्थ: 2028 का व्यवस्थित और सफल आयोजन राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। सिंहस्थ की व्यवस्थाओं का विस्तार उज्जैन जिले के ग्रामीण क्षेत्रों तक होगा, अत: इसमें पंचायत प्रतिनिधियों की महत्वपूर्ण भूमिका रहेगी। सिंहस्थ के आयोजन में श्रद्धालुओं के आवागमन की दृष्टि से उज्जैन जनपद विशेष रूप से महत्वपूर्ण है, इंडस्ट्रियल बेल्ट भी इसी क्षेत्र में विद्यमान है।
भोपाल। मध्य प्रदेश में सरकारी यात्री बस सेवा का संचालन कंपनियों के माध्यम से किया जाएगा। इसको लेकर परिवहन विभाग ने प्रस्ताव तैयार कर लिया है। इसको कैबिनेट की बैठक में रखा जाएगा। इससे पहले परिवहन विभाग ने संबंधित अन्य विभागों से यात्री परिवहन बस संचालन को लेकर राय ली। इसमें शहरी विकास विभागऔर विधि विभाग ने अपनी राय दे दी है। इसके तहत एक राज्य स्तर की कंपनी बनाई जाएगी।
भोपाल। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में राज्य सरकार निरंतर किसानों के कल्याण के लिये कृत संपल्पित होकर कार्य कर रही है। सरकार ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के ज्ञान (GYAN) से ध्यान पर फोकस करते हुए 4 मिशन के क्रियान्वयन पर जोर दिया है। जल्द ही प्रदेश में किसान कल्याण के लिये मिशन भी प्रारंभ होने वाला है। वर्तमान में किसानों के कल्याण की विभिन्न योजनाएँ संचालित हो रही है।
भोपाल। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने माँ नर्मदा जयंती की समस्त प्रदेशवासियों को हार्दिक बधाई और शुभकामनाएं दी हैं। उन्होंने कहा कि माँ नर्मदा के अविरल प्रवाह ने मध्यप्रदेश को समृद्ध और खुशहाल बनाया है। मध्यप्रदेश की जीवन रेखा माँ नर्मदा का आशीर्वाद ऐसे ही अनवरत बरसता रहे, यही कामना है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने नर्मदा जयंती पर प्रदेशवासियों से जल और संस्कृति के संरक्षण के लिए संकल्पित होने का आव्हान किया है।
भोपाल। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि युवा वर्ग अपने सपनों को साकार करने के लिए आगे बढ़े। राज्य सरकार हरसंभव सहयोग प्रदान करने के लिए तत्पर है। इस क्रम में कल 5 फरवरी को सभी पात्र निर्धारित विद्यार्थियों को स्कूटी प्रदान की जाएगी। युवा वर्ग अपनी प्रावीण्यता का लाभ ले और अपने साथियों के लिए भी प्रेरणा का स्त्रोत बनें, इस उद्देश्य से यह उपक्रम किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि युवा न केवल उद्यमी बनें अपितु सब प्रकार से सक्षम भी बनें और अपने लक्ष्य प्राप्ति में सफल हों।
भोपाल। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने पूर्वोत्तर राज्यों से भारत एकात्मता यात्रा पर आए विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि मध्यप्रदेश केवल भौगोलिक दृष्टि से ही नहीं, बल्कि सांस्कृतिक रूप से भी देश की एकता और अखंडता को दर्शाता है। उन्होंने प्रदेश की सांस्कृतिक विरासत और राष्ट्रप्रेम की भावना को रेखांकित करते हुए विद्यार्थियों को इस विविधता का सम्मान करने और भारतीय संस्कृति को आत्मसात करने की प्रेरणा दी।
भोपाल। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने हाल ही में पेश केन्द्रीय बजट में मध्यप्रदेश के लिए रेलवे सुविधाओं के लिए 14 हजार 745 करोड़ रुपए के बजट आवंटन के लिए प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी और केन्द्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव का आभार व्यक्त कर मध्यप्रदेश के नागरिकों की ओर से धन्यवाद दिया है।
भोपाल। राज्यपाल मंगुभाई पटेल ने गोपाल भार्गव को राजभवन में विधानसभा के प्रोटेम स्पीकर की शपथ दिलाई। शपथ ग्रहण समारोह का गरिमामय आयोजन राजभवन के दरबार हॉल में किया गया था। समारोह में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव, उप-मुख्यमंत्री जगदीश देवड़ा, उप-मुख्यमंत्री राजेन्द्र शुक्ल भी मौजूद थे।
भोपाल। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास और सबका प्रयास के मंत्र को साकार कर जनता की जिन्दगी बदलना ही हमारी सरकार का लक्ष्य है। प्रधानमंत्री श्री मोदी के नेतृत्व में जन-सामान्य ने अपना विश्वास व्यक्त किया है, उनके नेतृत्व में विकास की प्रक्रिया जारी है। विकास और जनकल्याण के लक्ष्य को संकल्प पत्र-2023 के अनुरूप धरातल पर उतारना हमारा उद्देश्य है। सभी विभाग संकल्प पत्र के सभी वादों, संकल्पों और घोषणाओं की पूर्ति का काम मिशन मोड में आरंभ कर समय-सीमा में लक्ष्य प्राप्ति सुनिश्चित करें।