मध्‍य प्रदेश में अहाते होंगे बंद, दुकानों में बैठकर शराब पीने की व्यवस्था भी नहीं होगी

  • मदिरा को हतोत्साहित करने, लिये महत्वपूर्ण निर्णय
  • राजस्व पुस्तक परिपत्र 6-4 परिशिष्ट-1 संशोधन को मंजूरी
  • कृषकों, पशुपालकों, बुनकरों, नाविकों, मछुआरों और घायल व्यक्ति को दी जाने वाली राहत राशि में वृद्धि
  • 8,171 कि.मी. सड़कों का कायाकल्प करने के लिए 4,160 करोड़ रूपये की अतिरिक्त स्वीकृति
  • मुख्यमंत्री श्री चौहान की अध्यक्षता में हुई मंत्रि-परिषद की बैठक

भोपाल। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान की अध्यक्षता में मंत्रि-परिषद की बैठक सम्पन्न हुई। मंत्रि-परिषदनेप्रदेश में शराब को हतोत्साहित करने के लिये कई महत्वपूर्ण निर्णय लिये हैं। प्रदेश में शराब के सभी अहाते और शॉप बार बंद किए जाएंगे। मदिरा दुकानों में बैठ कर मदिरा पीने की अनुमति नहीं होगी। शराब की दुकान के लिये शैक्षणिक और धार्मिक संस्थानों के आसपास के 50 मीटर के दायरे को बढ़ाकर 100 मीटर किया जायेगा। साथ ही शराब पीकर वाहन चलाने वालों के ड्राइविंग लाइसेंस निलंबित करने एवं सजा के प्रावधान कड़े किए जाएंगे।

 

राहत राशि में वृद्धि

मंत्रि-परिषद ने राजस्व पुस्तक परिपत्र 6-4 परिशिष्ट-1 में संशोधन करते हुए राहत राशि में वृद्धि करने का निर्णय लिया है। निर्णय अनुसार शरीर के किसी अंग अथवा आंख/आंखों की हानि के लिए 40% और 60% के बीच अपंगता होने पर 59 हजार 100 रुपए के स्थान पर 74 हजार रुपए प्रति व्यक्ति तथा 60% से अधिक अपंगता होने पर 2 लाख रुपए के स्थान पर 2 लाख 50 हजार रुपए दिया जायेगा। इसी तरह गंभीर रूप से घायल, जो एक सप्ताह से अधिक दिनों तक अस्पताल में भर्ती रहने पर 12 हजार 700 रुपए के स्थान पर 16 हजार रुपए प्रति व्यक्ति तथा एक सप्ताह से कम अवधि के लिए अस्पताल में भर्ती होने पर 4 हजार 300 रुपए के स्थान पर 5 हजार 400 रूपए प्रति व्यक्ति दिया जायेगा।

 

बाढ़ की स्थिति में भूमि और अन्य नुकसान के लिए सहायता

कृषि योग्य भूमि वाले खेतों में रेत या पत्थर (3 इंच से अधिक) आ जाने पर पहाड़ी क्षेत्रों में कृषि योग्य भूमि पर मलबा हटाने के लिये, फिश फार्म में डिसेल्टिंग या पुनस्थापन अथवा मरम्मत सफाई के लिये राहत 12 हजार 200 रूपए के स्थान पर 18 हजार रुपए प्रति हैक्टेयर दिया जायेगा। इसी तरह भूस्खलन, हिमस्खलन, नदियों के रास्ता बदलने के कारण सीमांत या लघु कृषक के भूमि स्वामित्व की भूमि के नष्ट होने पर राहत 37 हजार 500 रुपए के स्थान पर 47 हजार रुपए प्रति हेक्टेयर दिया जायेगा।

 

पशु-पक्षी (मुर्गा/मुर्गी) हानि के लिये आर्थिक सहायता

दुधारू पशु गाय/भैंस/ऊँट आदि के लिए राहत राशि 30 हजार प्रति पशु के स्थान पर 37 हजार 500 रूपए एवं भेड बकरी/ सूअर के लिए राहत 3 हजार रूपये के स्थान पर 4 हजार रूपए दिया जायेगा। गैर-दुधारू पशु ऊँट/घोडा/बैल/भैंसा आदि के लिए राहत राशि 25 हजार रूपये प्रति पशु के स्थान पर 32 हजार रुपए प्रति पशु किया जायेगा एवं बछडा (गाय, भैंस)/ गधा /पोनी/ खच्चर हेतु राहत 16 हजार रूपए प्रति पशु के स्थान पर 20 हजार रूपए दिया जायेगा। अस्थायी पशु शिविर में रखे गये बड़े पशुओं के लिए 70 रूपये पशु प्रतिदिवस के स्थान पर 80 रूपए एवं छोटे पशुओं के 35 रूपए प्रति पशु प्रति दिवस के स्थान पर 45 रूपए दिया जायेगा। इसी तरह पक्षी (मुर्गी/ मुर्गा) हानि के लिये 60 रूपए (10 सप्ताह से अधिक आयु के) प्रति पक्षी के स्थान पर 100 रुपए प्रति पक्षी दिया जायेगा।

 

बाढ़ एवं तूफान से प्रभावित मछुआरों को दी जाने वाली सहायता

नाव की आंशिक क्षति होने पर मरम्मत के लिए 4 हजार 100 रूपये के स्थान पर 6 हजार दिया जायेगा। जाल या अन्य उपकरणों की मरम्मत के लिये 2 हजार 100 रूपए के स्थान पर 3 हजार रूपए दिया जायेगा। नाव नष्ट होने पर रु. 12 हजार रूपए के स्थान पर 15 हजार रूपए दिया जायेगा। इसी तरह नैसर्गिक आपदा यथा सूखा, अतिवृष्टि, बाढ़, भूस्खलन, भूकम्प आदि से मछली पालने वालों को मछली बीज नष्ट होने पर प्रभावित को 8 हजार 200 रूपए के स्थान पर 10 हजार रूपए प्रति हेक्टेयर दिया जाएगा।

 

बुनकरों/हस्तशिल्पियों को दी जाने वाली सहायता

नैसर्गिक आपदा से प्रभावित बुनकर / परम्परागत शिल्प के क्षेत्र में काम करने वाले हस्त शिल्पी को उनके उपकरण / औजार और उनके द्वारा तैयार माल अथवा कच्चे माल के क्षतिग्रस्त होने पर कच्चे माल या धागा और अन्य तत्संबंधी रंग, रसायन आदि क्रय करने पर प्रति बुनकर / शिल्पी हेतु राहत राशि अधिकतम 4 हजार 100 रूपए के स्थान पर 5 हजार रूपए प्रति शिल्पकार दिया जाएगा।

 

नष्ट हुए मकानों के लिये आर्थिक अनुदान सहायता

मंत्रि-परिषद ने पूर्ण नष्ट (मरम्मत योग्य नहीं) और गम्भीर रूप से क्षतिग्रस्त (जहां क्षति 50 प्रतिशत से अधिक हो) पक्के / कच्चे मकान के लिए वास्तविक क्षति के आंकलन के आधार पर राहत राशि अधिकतम 95 हजार 100 रुपए के स्थान पर मैदानी इलाकों में 1 लाख 20 हजार एवं पहाड़ी क्षेत्रों में 1 लाख 30 हजार रुपए दी जायेगी। झुग्गी झोपड़ी (झुग्गी/झोपड़ी से तात्पर्य है कच्चे घर से निम्नतर फूस मिट्टी प्लास्टिक सीट आदि से निर्मित घर) पूर्ण नष्ट होने पर राहत राशि 6 हजार के स्थान पर 8 हजार रुपए दी जायेगी। इसी तरह आशिक क्षतिग्रस्त (जहां क्षति 15 प्रतिशत से 50 प्रतिशत हो) पक्के मकान के लिए राहत राशि 5 हजार 200 के स्थान पर 6 हजार 500 रुपए एवं कच्चे मकान के लिए 3 हजार 200 के स्थान पर 4 हजार रुपए दी जायेगी। साथ ही मकान से संलग्न पशु घर के लिये राहत राशि 2 हजार 100 के स्थान पर 3 हजार रुपए प्रति पशु घर दी जायेगी।

 

8,171 कि.मी. सड़कों का कायाकल्प करने के लिए 4,160 करोड़ की अतिरिक्त स्वीकृति

मंत्रि-परिषद ने प्रदेश की लगभग 8,171 कि.मी. सड़कों का कायाकल्प करने के लिए लोक निर्माण विभाग को 4 हज़ार 160 करोड़ रुपए की अतिरिक्त स्वीकृति प्रदान की है। प्रदेश को उच्च गुणवत्ता की सड़कें प्रदान करने के लिए यह निर्णय लिया गया है। इसके लिए लोक निर्माण विभाग को उपलब्ध बैंक ऑफ सैक्शन (सूचकांक पर आधारित) की सीमा में एक मुश्त छूट प्रदान की गई है। साथ ही सड़कों के सुदृढ़ीकरण के लिए 4 हजार 160 करोड़ रुपए की अतिरिक्त प्रशासकीय स्वीकृतियां जारी करने के लिए लोक निर्माण विभाग को अधिकृत भी किया गया है।

 

नवीन शासकीय चिकित्सा महाविद्यालय सतना के लिए 1589 नवीन पदों की स्वीकृति

मंत्रि-परिषद ने नवीन शासकीय चिकित्सा महाविद्यालय, सतना के संचालन हेतु शासकीय सेवा के नियमित स्थापना के 1 हजार 92 पद तथा आउटसोर्स सेवाओं के 497 पद इस प्रकार कुल 1 हजार 589 नवीन पदों की स्वीकृति प्रदान की है। सतना में शासकीय चिकित्सा महाविद्यालय और अस्पताल के निर्माण से प्रदेश के छात्रों के लिये चिकित्सा क्षेत्र के स्नातक पाठ्यक्रम की अतिरिक्त 150 एम.बी.बी.एस.सीट्स उपलब्ध होगी। इसके साथ ही सतना जिले के साथ-साथ आस-पास की जनता को चिकित्सा सुविधायें उपलब्ध हो सकेगीं।

 

म.प्र. नगर पालिक विधि (संशोधन) विधेयक 2023 को मंजूरी

मंत्रि-परिषद ने नगर पालिक निगम अधिनियम 1956 एवं मध्यप्रदेश नगर पालिका अधिनियम 1961 की कतिपय धाराओं में संशोधन किये जाने के लिए म.प्र. नगर पालिक विधि (संशोधन) विधेयक 2023 को मंजूरी दी है। यह विधेयक विभाग के अंतर्गत प्रशासित अधिनियमों के कतिपय प्रावधानों को डिक्रिमिनालाइज करने के संबंध में लाया जा रहा है।

 

मध्यप्रदेश नगरीय क्षेत्रों के भूमिहीन व्यक्ति (पट्टाधृति अधिकारों को प्रदाय किया जाना) संशोधन विधेयक 2023 को मंजूरी

मंत्रि-परिषद ने मध्यप्रदेश नगरीय क्षेत्रों के भूमिहीन व्यक्ति (पट्टाधृति अधिकारों का प्रदाय किया जाना) अधिनियम 1984 की धारा 3 एवं धारा 4 में संशोधन करने के लिए मध्यप्रदेश नगरीय क्षेत्रों के भूमिहीन व्यक्ति (पट्टाधृति अधिकारों को प्रदाय किया जाना) संशोधन विधेयक 2023 को मंजूरी दी है। जिससे शहरों में गरीबों की आवास की समस्या के निराकरण के उद्देश्य से मध्यप्रदेश नगरीय क्षेत्रों के भूमिहीन व्यक्ति (पट्टाधृति अधिकारों को प्रदाय किया जाना) अधिनियम 1984 के अंतर्गत गरीबों को आवासीय भूमि के पट्टे देने की पात्रता तिथि में वृद्धि की जाकर कटऑफ तिथि 31 दिसंबर 2014 से 31 दिसंबर 2020 की जा रही है।

 

ग्वालियर में नवीन तहसील ग्वालियर ग्रामीण के सृजन को मंजूरी

मंत्रि-परिषद ने ग्वालियर में नवीन तहसील ग्वालियर ग्रामीण के सृजन को मंजूरी दी है। साथ ही नवीन तहसील के लिए एक तहसीलदार, एक नायब तहसीलदार, एक सहायक ग्रेड-2 (प्रवाचक), दो सहायक ग्रेड-3, 3 भृत्य इस प्रकार कुल 8 पद की स्वीकृति दी हैं।

 

लोक परिसंपत्ति का निर्वर्तन

मंत्रि-परिषद ने ऊर्जा विभाग की कटनी में वार्ड नं. 18, खसरा क्र. 1490/1, ब्लॉक 4 गायत्री नगर स्थित भूमि परिसम्पत्ति, कुल रकबा 900 वर्गमीटर, के HI निविदाकार की उच्चतम निविदा राशि एक करोड़ 11 लाख 28 हजार रूपये जो कि रिजर्व मूल्य 52 लाख रुपए का 2.14 गुना है, की संस्तुति करते हुए उसे विक्रय करने एवं H-1 निविदाकार द्वारा निविदा राशि का 100% जमा करने के उपरांत अनुबंध/रजिस्ट्री की कार्यवाही जिला कलेक्टर द्वारा किए जाने का निर्णय लिया गया।

 

मंत्रि-परिषद ने श्योपुर में जल संसाधन विभाग की वार्ड क्र 12, चम्बल कॉलोनी स्थित भूमि परिसम्पत्ति पार्ट क्र. 1 सर्वे क्र- 248/1 250/3 व 252/1 रकबा 2860 वर्गमीटर, के निर्वर्तन हेतु H-I निविदाकार की उच्चतम निविदा राशि 22 करोड़ 44 लाख 80 हजार रुपए जो कि रिजर्व मूल्य राशि रु. 7.36 करोड़ का 3.05 गुना है, की संस्तुति करते हुए उसे विक्रय करने एवं H-I निविदाकार द्वारा निविदा राशि का 100% जमा करने के उपरांत अनुबंध / रजिस्ट्री की कार्यवाही जिला कलेक्टर द्वारा किए जाने का निर्णय लिया गया।

मंत्रि-परिषद ने भोपाल में राजस्व विभाग की एम.पी. नगर, डी.बी. मॉल के सामने, प्लॉट क्रमांक - A स्थित भूमि परिसम्पत्ति कुल रकबा 5000 वर्गमीटर, के H-1 निविदाकार की उच्चतम निविदा राशि 73 करोड़ 83 लाख 63 हजार 63 रुपये जो कि रिजर्व मूल्य राशि 63 करोड़ 60 लाख का 1.16 गुना है, की संस्तुति करते हुए उसे विक्रय करने एवं H-1 निविदाकार द्वारा निविदा राशि का 100% जमा करने के उपरांत अनुबंध / रजिस्ट्री की कार्यवाही जिला कलेक्टर द्वारा की जाए का निर्णय लिया गया।

 

मंत्रि-परिषद ने ग्वालियर में राजस्व विभाग की वार्ड क्र 14, सर्वे नं 537/3 डबरा बस स्टैन्ड भूमि का शेष भाग, डबरा स्थित भूमि परिसम्पत्ति, कुल रकबा 467.80 वर्गमीटर के निर्वर्तन हेतु H-I निविदाकार की उच्चतम निविदा राशि 3 करोड़ 83 लाख 85 हजार रुपए जो कि रिजर्व मूल्य राशि 90 लाख का 4.26 गुना है, की संस्तुति करते हुए उसे विक्रय करने एवं H-1 निविदाकार द्वारा निविदा राशि का 100% जमा करने के उपरांत अनुबंध / रजिस्ट्री की कार्यवाही जिला कलेक्टर द्वारा की जाए का निर्णय लिया।

 

मंत्रि-परिषद ने पन्ना में परिवहन विभाग की वार्ड क्र. 11, खसरा क्रमांक 665, 666, 667, 668/2 स्थित पन्ना बस डिपो परिसम्पत्ति, कुल रकबा 9990 वर्गमीटर के निर्वर्तन हेतु H-1 निविदाकार की उच्चतम निविदा राशि 6 करोड़ 35 लाख 39 हजार रुपए का अनुमोदन एवं निविदाकार द्वारा निविदा बोली मूल्य का 100% जमा करने के उपरांत परिसम्पत्ति के निर्वर्तन हेतु अनुबंध / रजिस्ट्री के निष्पादन की कार्यवाही जिला कलेक्टर द्वारा की जाए जाने का निर्णय लिया।

मंत्रि-परिषद ने जबलपुर में राजस्व विभाग की खसरा क्र. 105/1 तथा 105/3 ग्राम चांटी स्थित भूमि परिसम्पत्ति, कुल रकबा 6000 वर्गमीटर, के H-I निविदाकारvकी उच्चतम निविदा राशि 3 करोड़ 12 लाख 96 हजार रुपए जो कि रिजर्व मूल्य राशि 1 करोड़ 92 लाख रुपए का 1.63 गुना है, की संस्तुति करते हुए उसे विक्रय करने एवं H1 निविदाकार द्वारा निविदा राशि का 100% जमा करने के उपरांत अनुबंध / रजिस्ट्री की कार्यवाही जिला कलेक्टर द्वारा किए जाने का निर्णय लिया।

 

मंत्रि-परिषद ने कटनी में राजस्व विभाग की ग्राम चाका स्थित भूमि परिसम्पत्ति, खसरा क्रमांक 118, कुल रकबा 1900 वर्गमीटर के निर्वर्तन हेतु H-I निविदाकार की उच्चतम निविदा राशि 1 करोड़ 2 लाख 96 हजार रुपए जो कि रिजर्व मूल्य राशि 78 लाख रूपये का 1.32 गुना है, की संस्तुति करते हुए उसे विक्रय करने एवं H1 निविदाकार द्वारा निविदा राशि का 100% जमा करने के उपरांत अनुबंध / रजिस्ट्री की कार्यवाही जिला कलेक्टर द्वारा किए जाने का निर्णय लिया।

मंत्रि-परिषद ने सागर में राजस्व विभाग की वार्ड क्र 05, ग्राम तिलिमाफ़ी स्थित भूमि परिसम्पत्ति पार्ट -ए खसरा क्रमांक 147/1/1/1/2 कुल रकबा 3115 वर्गमीटर के निर्वर्तन हेतु H 1 निविदाकार की उच्चतम निविदा राशि 11 करोड़ 44 लाख 32 हजार रुपए जो कि रिजर्व मूल्य राशि 8 करोड़ 94 लाख रुपए का 1.28 गुना है, की संस्तुति करते हुए उसे विक्रय करने एवं H-1 निविदाकार द्वारा निविदा राशि का 100% जमा करने के उपरांत अनुबंध / रजिस्ट्री की जिला कलेक्टर द्वारा करने का निर्णय लिया।

मंत्रि-परिषद ने इंदौर में राजस्व विभाग की वार्ड नं. 36, निपानिया सर्वे क्रमांक 193 स्थित भूमि परिसम्पत्ति कुल रकबा 4860 वर्गमीटर, के निर्वर्तन हेतु H-1 निविदाकार की उच्चतम निविदा राशि 13 करोड़ 4 लाख 86 हजार रुपए जो कि रिजर्व मूल्य राशि 2 करोड़ 12 लाख रुपए का 6.15 गुना है, की संस्तुति करते हुए उसे विक्रय करने एवं H-1 निविदाकार द्वारा निविदा राशि का 100% जमा करने के उपरांत अनुबंध / रजिस्ट्री की कार्यवाही जिला कलेक्टर द्वारा किए जाने का निर्णय लिया।

मंत्रि-परिषद ने इंदौर में राजस्व विभाग की वार्ड क्र. 76 ग्राम बिचौली मर्दाना, खसरा क्रमांक 186 स्थित भूमि परिसम्पत्ति, कुल रकबा कुल रकबा 1330 वर्ग मीटर, के निर्वर्तन हेतु H-1 निविदाकार की उच्चतम निविदा राशि 2 करोड़ 86 लाख 86 हजार 689 रुपए जो कि रिजर्व मूल्य राशि 2 करोड़ 11 लाख रुपए का 1.36 गुना है, की संस्तुति करते हुए उसे विक्रय करने एवं H-1 निविदाकार द्वारा निविदा राशि का 100% जमा करने के बाद अनुबंध / रजिस्ट्री की कार्यवाही जिला कलेक्टर द्वारा करने का निर्णय लिया।

"मुख्य ख़बरें" से अन्य खबरें

अंग दान है कई लोगों को जीवन देने का पुनीत कार्य : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

भोपाल। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने एम्स भोपाल में हुए मध्य भारत के पहले हार्ट ट्रांसप्लांट से पुनर्जीवन प्राप्त करने वाले मरीज दिनेश मालवीय से उनकी कुशलक्षेम पूछी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने इस उपलब्धि के लिए एम्स भोपाल की टीम को बधाई दी। 

Read More

सिंहस्थ: 2028 की व्यवस्थाओं का विस्तार उज्जैन जिले के ग्रामीण क्षेत्रों तक होगा : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

भोपाल। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि सिहंस्थ: 2028 का व्यवस्थित और सफल आयोजन राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। सिंहस्थ की व्यवस्थाओं का विस्तार उज्जैन जिले के ग्रामीण क्षेत्रों तक होगा, अत: इसमें पंचायत प्रतिनिधियों की महत्वपूर्ण भूमिका रहेगी। सिंहस्थ के आयोजन में श्रद्धालुओं के आवागमन की दृष्टि से उज्जैन जनपद विशेष रूप से महत्वपूर्ण है, इंडस्ट्रियल बेल्ट भी इसी क्षेत्र में विद्यमान है। 

Read More

मप्र में शुरू होगी हाईटेक बस सेवा, सरकारी कंपनी निजी ऑपरेटरों के मार्फत करेगी संचालन, इंदौर-उज्जैन से शुरुआत

 भोपाल। मध्य प्रदेश में सरकारी यात्री बस सेवा का संचालन कंपनियों के माध्यम से किया जाएगा। इसको लेकर परिवहन विभाग ने प्रस्ताव तैयार कर लिया है। इसको कैबिनेट की बैठक में रखा जाएगा। इससे पहले परिवहन विभाग ने संबंधित अन्य विभागों से यात्री परिवहन बस संचालन को लेकर राय ली। इसमें शहरी विकास विभागऔर विधि विभाग ने अपनी राय दे दी है। इसके तहत एक राज्य स्तर की कंपनी बनाई जाएगी। 

Read More

किसानों के कल्याण के लिये कृत संकल्पित है मप्र सरकार

भोपाल। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में राज्य सरकार निरंतर किसानों के कल्याण के लिये कृत संपल्पित होकर कार्य कर रही है। सरकार ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के ज्ञान (GYAN) से ध्यान पर फोकस करते हुए 4 मिशन के क्रियान्वयन पर जोर दिया है। जल्द ही प्रदेश में किसान कल्याण के लिये मिशन भी प्रारंभ होने वाला है। वर्तमान में किसानों के कल्याण की विभिन्न योजनाएँ संचालित हो रही है।

Read More

माँ नर्मदा के अविरल प्रवाह ने प्रदेश को समृद्ध और खुशहाल बनाया : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

भोपाल। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने माँ नर्मदा जयंती की समस्त प्रदेशवासियों को हार्दिक बधाई और शुभकामनाएं दी हैं। उन्होंने कहा कि माँ नर्मदा के अविरल प्रवाह ने मध्यप्रदेश को समृद्ध और खुशहाल बनाया है। मध्यप्रदेश की जीवन रेखा माँ नर्मदा का आशीर्वाद ऐसे ही अनवरत बरसता रहे, यही कामना है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने नर्मदा जयंती पर प्रदेशवासियों से जल और संस्कृति के संरक्षण के लिए संकल्पित होने का आव्हान किया है।

Read More

युवा वर्ग अपने सपनों को साकार करें : राज्य सरकार हरसंभव सहयोग के लिए तत्पर : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

भोपाल। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि युवा वर्ग अपने सपनों को साकार करने के लिए आगे बढ़े। राज्य सरकार हरसंभव सहयोग प्रदान करने के लिए तत्पर है। इस क्रम में कल 5 फरवरी को सभी पात्र निर्धारित विद्यार्थियों को स्कूटी प्रदान की जाएगी। युवा वर्ग अपनी प्रावीण्यता का लाभ ले और अपने साथियों के लिए भी प्रेरणा का स्त्रोत बनें, इस उद्देश्य से यह उपक्रम किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि युवा न केवल उद्यमी बनें अपितु सब प्रकार से सक्षम भी बनें और अपने लक्ष्य प्राप्ति में सफल हों।

Read More

देश की सांस्कृतिक एकता का संवाहक है मध्यप्रदेश : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

भोपाल। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने पूर्वोत्तर राज्यों से भारत एकात्मता यात्रा पर आए विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि मध्यप्रदेश केवल भौगोलिक दृष्टि से ही नहीं, बल्कि सांस्कृतिक रूप से भी देश की एकता और अखंडता को दर्शाता है। उन्होंने प्रदेश की सांस्कृतिक विरासत और राष्ट्रप्रेम की भावना को रेखांकित करते हुए विद्यार्थियों को इस विविधता का सम्मान करने और भारतीय संस्कृति को आत्मसात करने की प्रेरणा दी। 

Read More

प्रदेश के सामाजिक, आर्थिक विकास के साथ यात्री सुविधाओं में मील का पत्थर साबित होगा रेल बजट : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

भोपाल। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने हाल ही में पेश केन्द्रीय बजट में मध्यप्रदेश के लिए रेलवे सुविधाओं के लिए 14 हजार 745 करोड़ रुपए के बजट आवंटन के लिए प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी और केन्द्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव का आभार व्यक्त कर मध्यप्रदेश के नागरिकों की ओर से धन्यवाद दिया है।

Read More

राज्यपाल मंगुभाई पटेल ने गोपाल भार्गव को प्रोटेम स्पीकर पद की दिलाई शपथ

भोपाल। राज्यपाल मंगुभाई पटेल ने गोपाल भार्गव को राजभवन में विधानसभा के प्रोटेम स्पीकर की शपथ दिलाई। शपथ ग्रहण समारोह का गरिमामय आयोजन राजभवन के दरबार हॉल में किया गया था। समारोह में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव, उप-मुख्यमंत्री जगदीश देवड़ा, उप-मुख्यमंत्री राजेन्द्र शुक्ल भी मौजूद थे।

 

Read More

संकल्प पत्र-2023 का क्रियान्वयन मिशन मोड में किया जाए : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

भोपाल। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास और सबका प्रयास के मंत्र को साकार कर जनता की जिन्दगी बदलना ही हमारी सरकार का लक्ष्य है। प्रधानमंत्री श्री मोदी के नेतृत्व में जन-सामान्य ने अपना विश्वास व्यक्त किया है, उनके नेतृत्व में विकास की प्रक्रिया जारी है। विकास और जनकल्याण के लक्ष्य को संकल्प पत्र-2023 के अनुरूप धरातल पर उतारना हमारा उद्देश्य है। सभी विभाग संकल्प पत्र के सभी वादों, संकल्पों और घोषणाओं की पूर्ति का काम मिशन मोड में आरंभ कर समय-सीमा में लक्ष्य प्राप्ति सुनिश्चित करें। 

Read More