भोपाल। जो लोग जनजाति समाज की संस्कृति और पूजा-पद्धति से अलग हो गए हों, उन्हें नौकरियों व छात्रवृत्तियों में आरक्षण और शासकीय अनुदान का लाभ नहीं देने और ऐसे लोगों की डी-लिस्टिंग की मांग को लेकर जनजातीय समुदाय आज भोपाल के भेल दशहरा मैदान में डी-लिस्टिंग गर्जना रैली कर रहा है। इसका आयोजन जनजाति सुरक्षा मंच की ओर से किया जा रहा है। इस रैली के लिए शुक्रवार सुबह से ही प्रदेश के विभिन्न हिस्सों से जनजातीय समाज के लोगों का भोपाल पहुंचने का सिलसिला शुरू हो गया था। सुबह 11 बजे तक हजारों लोगों की भीड़ भेल दशहरा मैदान पर एकत्र हो चुकी थी।
डीलिस्टिंग गर्जना महारैली में झाबुआ, आलीराजपुर, शहडोल, सतना, छिंदवाड़ा, बैतूल, खरगौन सहित प्रदेश के करीब 40 जिलों से जनजाति बंधु आए हुए हैं। इस महारैली में बड़ी संख्या में जनजातीय समाज के लोग पारंपरिक वेशभूषा में भी पहुंचे। इनमें महिलाओं की तादाद भी काफी है। कार्यक्रम शुरू होने से पूर्व आदिवासी लोक कलाकारों द्वारा मंच पर सांस्कृतिक कार्यक्रम पेश किए जा रहे हैं।
आदिवासी गांवों में ईसाई मिशनरी
कार्यक्रम में आए विभिन्न जिलों के कई आदिवासी गांव के लोगों ने बताया कि उनके क्षेत्र में ईसाई मिशनरी पिछले कई सालों से सक्रिय है जोकि छोटे आदिवासी पिछड़े लोगों को कपड़े पैसे आदि का लालच देकर अपने धर्म में शामिल कर रही है। वहीं कुछ गांव में ईसाई मिशनरी द्वारा चर्च भी स्थापित कर लिए गए हैं। इन सभी पर अंकुश लगाने के लिए प्रदेशभर के सभी आदिवासी यहां एकत्र हुए हैं। ईसाई मिशनरी धीरे-धीरे आदिवासी समाज को अपने धर्म में शामिल करने का भरसक प्रयास कर रही है। कार्यक्रम स्थल पर चिकित्सा शिविर भी लगाया गया है। यहां कार्यक्रम में आने वाले लोगों को निश्शुल्क चिकित्सकीय परामर्श व दवाएं मुहैया कराई जा रही हैं।
मंच के क्षेत्र संयोजक कालू सिंह मुजाल्दा ने बताया कि यह रैली जनजातीय समुदाय की भावनाओं का प्रकटीकरण है। हमारी मांगें पूरी होने तक अभियान जारी रहेगा। उन्होंने कहा कि संवैधानिक व्यवस्था के अनुरूप जनजाति की पात्रता के लिए विशिष्ट प्रकार की संस्कृति व पूजा-पद्धति अनिवार्य रूप से सुनिश्चित की गई है। यदि कोई इसे त्यागकर दूसरी पूजा पद्धति और संस्कृति को मानता है तो वह जनजाति के लिए सुनिश्चित लाभ का अधिकारी नहीं रह जाता है। बावजूद इसके नौकरियों, छात्रवृत्तियों एवं शासकीय अनुदान देने के मामले में संविधान की भावनाओं को लगातार नजरअंदाज किया जा रहा है।
मंच के प्रांतीय संयोजक कैलाश निनामा ने बताया कि संविधान के अनुच्छेद 342 में मतांतरित लोगों को जनजातीय आरक्षण के लाभ से बाहर करने के लिए देश की संसद अब तक न तो कानून बना पाई है और न ही अब तक इसमें संशोधन के लिए प्रस्ताव पर ही विचार किया है। जबकि, यह मसौदा 1970 के दशक से संसद में ही विचाराधीन है। निनामा ने डी-लिस्टिंग के पीछे वजह स्पष्ट करते हुए बताया कि मतांतरण के बाद जनजाति का सदस्य भारतीय क्रिश्चियन कहलाता है। इसके बाद कानूनन वह अल्पसंख्यक की श्रेणी में आ जाता है। चूंकि संविधान के अनुच्छेद 341 व 342 में कोई स्पष्ट प्रविधान नहीं है, इसलिए मतांतरित लोग दोहरी सुविधाओं का लाभ ले रहे हैं।
रैली के संयोजक सौभाग्य सिंह मुजाल्दा ने बताया कि मंच लंबे समय से जागरूकता अभियान चला रहा है। 2000 की जनगणना और डा. जेके बजाज के अध्ययन से सामने आए तथ्यों को सामने रखते हुए 2009 में राष्ट्रपति को 28 लाख पोस्टकार्ड लिखे और सौंपे गए। इसके बाद 2020 में 448 जिलों के जिलाधीशों व संभागीय आयुक्तों के साथ ही राज्यों के राज्यपाल व मुख्यमंत्रियों से मिलकर राष्ट्रपति महोदय को ज्ञापन भेजकर डी-लिस्टिंग का अनुरोध किया जा चुका है।
भोपाल। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने एम्स भोपाल में हुए मध्य भारत के पहले हार्ट ट्रांसप्लांट से पुनर्जीवन प्राप्त करने वाले मरीज दिनेश मालवीय से उनकी कुशलक्षेम पूछी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने इस उपलब्धि के लिए एम्स भोपाल की टीम को बधाई दी।
भोपाल। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि सिहंस्थ: 2028 का व्यवस्थित और सफल आयोजन राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। सिंहस्थ की व्यवस्थाओं का विस्तार उज्जैन जिले के ग्रामीण क्षेत्रों तक होगा, अत: इसमें पंचायत प्रतिनिधियों की महत्वपूर्ण भूमिका रहेगी। सिंहस्थ के आयोजन में श्रद्धालुओं के आवागमन की दृष्टि से उज्जैन जनपद विशेष रूप से महत्वपूर्ण है, इंडस्ट्रियल बेल्ट भी इसी क्षेत्र में विद्यमान है।
भोपाल। मध्य प्रदेश में सरकारी यात्री बस सेवा का संचालन कंपनियों के माध्यम से किया जाएगा। इसको लेकर परिवहन विभाग ने प्रस्ताव तैयार कर लिया है। इसको कैबिनेट की बैठक में रखा जाएगा। इससे पहले परिवहन विभाग ने संबंधित अन्य विभागों से यात्री परिवहन बस संचालन को लेकर राय ली। इसमें शहरी विकास विभागऔर विधि विभाग ने अपनी राय दे दी है। इसके तहत एक राज्य स्तर की कंपनी बनाई जाएगी।
भोपाल। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में राज्य सरकार निरंतर किसानों के कल्याण के लिये कृत संपल्पित होकर कार्य कर रही है। सरकार ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के ज्ञान (GYAN) से ध्यान पर फोकस करते हुए 4 मिशन के क्रियान्वयन पर जोर दिया है। जल्द ही प्रदेश में किसान कल्याण के लिये मिशन भी प्रारंभ होने वाला है। वर्तमान में किसानों के कल्याण की विभिन्न योजनाएँ संचालित हो रही है।
भोपाल। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने माँ नर्मदा जयंती की समस्त प्रदेशवासियों को हार्दिक बधाई और शुभकामनाएं दी हैं। उन्होंने कहा कि माँ नर्मदा के अविरल प्रवाह ने मध्यप्रदेश को समृद्ध और खुशहाल बनाया है। मध्यप्रदेश की जीवन रेखा माँ नर्मदा का आशीर्वाद ऐसे ही अनवरत बरसता रहे, यही कामना है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने नर्मदा जयंती पर प्रदेशवासियों से जल और संस्कृति के संरक्षण के लिए संकल्पित होने का आव्हान किया है।
भोपाल। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि युवा वर्ग अपने सपनों को साकार करने के लिए आगे बढ़े। राज्य सरकार हरसंभव सहयोग प्रदान करने के लिए तत्पर है। इस क्रम में कल 5 फरवरी को सभी पात्र निर्धारित विद्यार्थियों को स्कूटी प्रदान की जाएगी। युवा वर्ग अपनी प्रावीण्यता का लाभ ले और अपने साथियों के लिए भी प्रेरणा का स्त्रोत बनें, इस उद्देश्य से यह उपक्रम किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि युवा न केवल उद्यमी बनें अपितु सब प्रकार से सक्षम भी बनें और अपने लक्ष्य प्राप्ति में सफल हों।
भोपाल। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने पूर्वोत्तर राज्यों से भारत एकात्मता यात्रा पर आए विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि मध्यप्रदेश केवल भौगोलिक दृष्टि से ही नहीं, बल्कि सांस्कृतिक रूप से भी देश की एकता और अखंडता को दर्शाता है। उन्होंने प्रदेश की सांस्कृतिक विरासत और राष्ट्रप्रेम की भावना को रेखांकित करते हुए विद्यार्थियों को इस विविधता का सम्मान करने और भारतीय संस्कृति को आत्मसात करने की प्रेरणा दी।
भोपाल। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने हाल ही में पेश केन्द्रीय बजट में मध्यप्रदेश के लिए रेलवे सुविधाओं के लिए 14 हजार 745 करोड़ रुपए के बजट आवंटन के लिए प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी और केन्द्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव का आभार व्यक्त कर मध्यप्रदेश के नागरिकों की ओर से धन्यवाद दिया है।
भोपाल। राज्यपाल मंगुभाई पटेल ने गोपाल भार्गव को राजभवन में विधानसभा के प्रोटेम स्पीकर की शपथ दिलाई। शपथ ग्रहण समारोह का गरिमामय आयोजन राजभवन के दरबार हॉल में किया गया था। समारोह में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव, उप-मुख्यमंत्री जगदीश देवड़ा, उप-मुख्यमंत्री राजेन्द्र शुक्ल भी मौजूद थे।
भोपाल। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास और सबका प्रयास के मंत्र को साकार कर जनता की जिन्दगी बदलना ही हमारी सरकार का लक्ष्य है। प्रधानमंत्री श्री मोदी के नेतृत्व में जन-सामान्य ने अपना विश्वास व्यक्त किया है, उनके नेतृत्व में विकास की प्रक्रिया जारी है। विकास और जनकल्याण के लक्ष्य को संकल्प पत्र-2023 के अनुरूप धरातल पर उतारना हमारा उद्देश्य है। सभी विभाग संकल्प पत्र के सभी वादों, संकल्पों और घोषणाओं की पूर्ति का काम मिशन मोड में आरंभ कर समय-सीमा में लक्ष्य प्राप्ति सुनिश्चित करें।