भोपाल। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा है कि पेसा नियम जनजातीय भाई-बहनों के आर्थिक, शैक्षणिक और सामाजिक सशक्तिकरण की दिशा में सामाजिक क्रांति हैं। अधिनियम के प्रावधानों और नियमों की जानकारी का गाँव-गाँव तक विस्तार करने के लिए युवाओं को जोड़ कर अभियान चलाया जाएगा। इसके लिए विशेष प्रशिक्षण की व्यवस्था भी की गई है। मैं स्वयं भी जनजातीय विकासखंडों में जाऊँगा। हमें हर हाल में पेसा नियमों का क्रियान्वयन जल्द से जल्द सुनिश्चित करना है।
मुख्यमंत्री श्री चौहान मंत्रालय में मध्यप्रदेश जनजातीय मंत्रणा परिषद की बैठक को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री ने जनजातीय क्षेत्रीय विकास योजनाओं के पोर्टल का शुभारंभ भी किया। संचालनालय, जनजातीय क्षेत्रीय विकास योजनाएँ, द्वारा बैठक में पेसा नियमों पर प्रस्तुतिकरण दिया गया। साथ ही परिषद के सदस्यों से प्राप्त सुझावों पर चर्चा भी हुई। परिषद ने मुख्यमंत्री चौहान का पेसा नियम लागू करने के लिए आभार माना।
मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि यह प्रसन्नता का विषय है कि 268 ग्राम सभाओं ने तेन्दूपत्ता तोड़ने और बेचने के संबंध में प्रस्ताव पारित किया है। आरंभ में इस गतिविधि में वन विभाग पूर्ण सहयोग और मार्गदर्शन प्रदान करेगा। पेसा नियम प्रदेश के 20 जिलों के 89 विकासखंडों में लागू हैं। प्रदेश के सभी जनजातीय बहुल क्षेत्रों में पेसा नियम के प्रावधान लागू करने के लिए केन्द्र सरकार से अनुरोध किया जाएगा। इस दिशा में कार्य के लिए विशेष टीम का गठन किया जाएगा। वृक्षा-रोपण गतिविधियों में वनोपज देने वाले पौधों को लगाने को प्राथमिकता दी जाएगी। जनजातीय नृत्य, गायन तथा वादन जैसी सांस्कृतिक गतिविधियों के संरक्षण के लिए विशेष छात्रावास विकसित करने पर भी विचार किया जाएगा। जनजातीय भाई-बहनों को कोदो-कुटकी का उचित मूल्य प्राप्त हो, इस दिशा में भी प्रयास होंगे।
बैठक में प्रदेश के जनजातीय युवाओं के स्व-रोजगार व विकास के लिए आरंभ तीन नवीन योजनाओं भगवान बिरसा मुंडा स्व-रोजगार योजना, टंट्या मामा आर्थिक कल्याण योजना और मुख्यमंत्री अनुसूचित जनजाति विशेष परियोजना वित्त पोषण योजना संबंधी जानकारी दी गई। रतलाम ग्रामीण विधायक दिलीप मकवाना तथा परिषद के अन्य सदस्यों द्वारा सभी जनजातीय क्षेत्रों में पेसा नियम लागू करने का अनुरोध किया। बैठक में जनजातीय छात्रों को छात्रवृत्ति के लिए आय सीमा में वृद्धि, आउट सोर्सिंग से भरे जाने वाले पदों में आरक्षण की व्यवस्था, शिक्षकों के अध्यापन स्तर के मूल्यांकन, जनजातीय क्षेत्रों में सीएम राइज स्कूल आरंभ करने संबंधी भी चर्चा हुई। डॉ. रूपनारायण माडवे, राम दांगोरे तथा कालू सिंह मुजालदा के सुझावों पर चर्चा हुई।
वन मंत्री डॉ. कुंवर विजय शाह, जनजातीय कार्य, अनुसूचित जाति कल्याण मंत्री मीना सिंह, सामाजिक न्याय एवं नि:शक्तजन कल्याण तथा पशुपालन मंत्री प्रेमसिंह पटेल, मुख्य सचिव इकबाल सिंह बैंस सहित अपर मुख्य सचिव और सचिव उपस्थित थे।
भोपाल। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने एम्स भोपाल में हुए मध्य भारत के पहले हार्ट ट्रांसप्लांट से पुनर्जीवन प्राप्त करने वाले मरीज दिनेश मालवीय से उनकी कुशलक्षेम पूछी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने इस उपलब्धि के लिए एम्स भोपाल की टीम को बधाई दी।
भोपाल। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि सिहंस्थ: 2028 का व्यवस्थित और सफल आयोजन राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। सिंहस्थ की व्यवस्थाओं का विस्तार उज्जैन जिले के ग्रामीण क्षेत्रों तक होगा, अत: इसमें पंचायत प्रतिनिधियों की महत्वपूर्ण भूमिका रहेगी। सिंहस्थ के आयोजन में श्रद्धालुओं के आवागमन की दृष्टि से उज्जैन जनपद विशेष रूप से महत्वपूर्ण है, इंडस्ट्रियल बेल्ट भी इसी क्षेत्र में विद्यमान है।
भोपाल। मध्य प्रदेश में सरकारी यात्री बस सेवा का संचालन कंपनियों के माध्यम से किया जाएगा। इसको लेकर परिवहन विभाग ने प्रस्ताव तैयार कर लिया है। इसको कैबिनेट की बैठक में रखा जाएगा। इससे पहले परिवहन विभाग ने संबंधित अन्य विभागों से यात्री परिवहन बस संचालन को लेकर राय ली। इसमें शहरी विकास विभागऔर विधि विभाग ने अपनी राय दे दी है। इसके तहत एक राज्य स्तर की कंपनी बनाई जाएगी।
भोपाल। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में राज्य सरकार निरंतर किसानों के कल्याण के लिये कृत संपल्पित होकर कार्य कर रही है। सरकार ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के ज्ञान (GYAN) से ध्यान पर फोकस करते हुए 4 मिशन के क्रियान्वयन पर जोर दिया है। जल्द ही प्रदेश में किसान कल्याण के लिये मिशन भी प्रारंभ होने वाला है। वर्तमान में किसानों के कल्याण की विभिन्न योजनाएँ संचालित हो रही है।
भोपाल। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने माँ नर्मदा जयंती की समस्त प्रदेशवासियों को हार्दिक बधाई और शुभकामनाएं दी हैं। उन्होंने कहा कि माँ नर्मदा के अविरल प्रवाह ने मध्यप्रदेश को समृद्ध और खुशहाल बनाया है। मध्यप्रदेश की जीवन रेखा माँ नर्मदा का आशीर्वाद ऐसे ही अनवरत बरसता रहे, यही कामना है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने नर्मदा जयंती पर प्रदेशवासियों से जल और संस्कृति के संरक्षण के लिए संकल्पित होने का आव्हान किया है।
भोपाल। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि युवा वर्ग अपने सपनों को साकार करने के लिए आगे बढ़े। राज्य सरकार हरसंभव सहयोग प्रदान करने के लिए तत्पर है। इस क्रम में कल 5 फरवरी को सभी पात्र निर्धारित विद्यार्थियों को स्कूटी प्रदान की जाएगी। युवा वर्ग अपनी प्रावीण्यता का लाभ ले और अपने साथियों के लिए भी प्रेरणा का स्त्रोत बनें, इस उद्देश्य से यह उपक्रम किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि युवा न केवल उद्यमी बनें अपितु सब प्रकार से सक्षम भी बनें और अपने लक्ष्य प्राप्ति में सफल हों।
भोपाल। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने पूर्वोत्तर राज्यों से भारत एकात्मता यात्रा पर आए विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि मध्यप्रदेश केवल भौगोलिक दृष्टि से ही नहीं, बल्कि सांस्कृतिक रूप से भी देश की एकता और अखंडता को दर्शाता है। उन्होंने प्रदेश की सांस्कृतिक विरासत और राष्ट्रप्रेम की भावना को रेखांकित करते हुए विद्यार्थियों को इस विविधता का सम्मान करने और भारतीय संस्कृति को आत्मसात करने की प्रेरणा दी।
भोपाल। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने हाल ही में पेश केन्द्रीय बजट में मध्यप्रदेश के लिए रेलवे सुविधाओं के लिए 14 हजार 745 करोड़ रुपए के बजट आवंटन के लिए प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी और केन्द्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव का आभार व्यक्त कर मध्यप्रदेश के नागरिकों की ओर से धन्यवाद दिया है।
भोपाल। राज्यपाल मंगुभाई पटेल ने गोपाल भार्गव को राजभवन में विधानसभा के प्रोटेम स्पीकर की शपथ दिलाई। शपथ ग्रहण समारोह का गरिमामय आयोजन राजभवन के दरबार हॉल में किया गया था। समारोह में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव, उप-मुख्यमंत्री जगदीश देवड़ा, उप-मुख्यमंत्री राजेन्द्र शुक्ल भी मौजूद थे।
भोपाल। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास और सबका प्रयास के मंत्र को साकार कर जनता की जिन्दगी बदलना ही हमारी सरकार का लक्ष्य है। प्रधानमंत्री श्री मोदी के नेतृत्व में जन-सामान्य ने अपना विश्वास व्यक्त किया है, उनके नेतृत्व में विकास की प्रक्रिया जारी है। विकास और जनकल्याण के लक्ष्य को संकल्प पत्र-2023 के अनुरूप धरातल पर उतारना हमारा उद्देश्य है। सभी विभाग संकल्प पत्र के सभी वादों, संकल्पों और घोषणाओं की पूर्ति का काम मिशन मोड में आरंभ कर समय-सीमा में लक्ष्य प्राप्ति सुनिश्चित करें।