भोपाल। मध्य प्रदेश के दमोह में रविवार को पूर्व मंत्री व दिग्गज भाजपा नेता जयंत मलैया के अमृत महोत्सव में हुए एक घटनाक्रम ने पार्टी को ही चौंका दिया। दमोह विधानसभा उपचुनाव में भाजपा प्रत्याशी की हार के बाद पार्टी द्वारा मलैया को दिए नोटिस को राष्ट्रीय महासचिव कैलाश विजयवर्गीय ने गलत बताते हुए हाथ जोड़कर मंच से ही उनसे माफी मांगी। यह घटनाक्रम संकेत है कि फिलहाल तो प्रदेश भाजपा में सब कुछ सहज नहीं चल रहा। ऐसे घटनाक्रम से भाजपा के असंतुष्टों को ताकत भी मिली है।
दरअसल, नोटिस देने का निर्णय अकेले प्रदेश भाजपा संगठन, खासतौर से प्रदेशाध्यक्ष विष्णु दत्त शर्मा ने नहीं लिया था, बल्कि जिला संगठन की रिपोर्ट और केंद्रीय मंत्री प्रहलाद पटेल द्वारा उठाए गए मुद्दों के आधार पर मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान और प्रदेश संगठन महामंत्री सहित अन्य वरिष्ठ नेताओं की सहमति के बाद हुआ था।
ऐसे में राजनीतिक जानकारों का कहना है कि संगठन के फैसले को गलत ठहराना सवाल खड़ा करता है कि यह बदलाव के लिए घेराबंदी तो नहीं है? यह भी माना जा रहा है कि इस घटनाक्रम के पीछे कई अन्य कारण भी हैं। जैसे मलैया की सेवाएं आगे भी लिए संबंधी बयान का अर्थ यह भी लगाया जा सकता है कि पार्टी ने असंतुष्ट नेताओं के सामने घुटने टेक दिए हों।
दूसरा पक्ष यह भी है कि मलैया के अमृत महोत्सव में जितने दिग्गज नेता जुटे, उनमें से अधिकांश अपने बेटों को सियासत में स्थापित करना चाहते हैं, कहीं यह दबाव बनाने की रणनीति का हिस्सा तो नहीं? यहां आए कई दिग्गज 75 वर्ष की उम्र की दहलीज पर हैं या छह-सात बार चुनाव लड़ने के कारण उन्हें अपना टिकट काटे जाने का डर है। जिसके चलते सभी लोग मिलकर दबाव बना रहे हैं।
मलैया के बेटे सहित पांच मंडल अध्यक्षों को किया था निष्काषित
वर्ष 2020 में ज्योतिरादित्य सिंधिया और उनके समर्थकों के आने के बाद दमोह विधानसभा सीट से कांग्रेस के विधायक राहुल सिंह लोधी ने भी इस्तीफा देकर भाजपा का दामन थाम लिया था। वर्ष 2021 में दमोह में उपचुनाव हुआ तो लोधी भाजपा प्रत्याशी के रूप में खड़े हुए और 17089 वोटों से कांग्रेस से हार गए। इसके बाद भाजपा संगठन ने ताबड़तोड़ कार्रवाई कर दमोह से लंबे समय तक विधायक रहे जयंत मलैया को कारण बताओ नोटिस जारी किया, साथ ही उनके बेटे सिद्धार्थ और उनके समर्थक पांच मंडल अध्यक्षों को पार्टी विरोधी गतिविधियों के चलते निष्कासित कर दिया था।
नगरपालिका चुनाव में भी भाजपा हारी
इसके बाद 2022 में नगरीय निकाय चुनाव में भी टीम सिद्धार्थ मलैया यानी टीएसएम ने अघोषित पार्टी के रूप में भाजपा से अलग चुनाव लड़ा और सभी 39 वार्ड में अपने प्रत्याशी उतारे। इसमें 14 भाजपा, 17 कांग्रेस और सिद्धार्थ मलैया के पांच समर्थक और तीन निर्दलीय पार्षद जीते थे, जब अध्यक्ष का चुनाव हुआ तो कांग्रेस ने नगरपालिका अध्यक्ष पद पर कब्जा कर लिया।
जैन वोट बैंक के लिए साधे समीकरण
बुंदेलखंड में जैन वोट मतदाताओं की संख्या काफी है। मलैया को जैन समाज का सबसे बड़ा नेता माना जाता है। यही कारण है कि मलैया के 75 साल के हो जाने के बाद भी मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि हम मलैया की सेवाएं लेते रहेंगे।
भोपाल। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने एम्स भोपाल में हुए मध्य भारत के पहले हार्ट ट्रांसप्लांट से पुनर्जीवन प्राप्त करने वाले मरीज दिनेश मालवीय से उनकी कुशलक्षेम पूछी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने इस उपलब्धि के लिए एम्स भोपाल की टीम को बधाई दी।
भोपाल। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि सिहंस्थ: 2028 का व्यवस्थित और सफल आयोजन राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। सिंहस्थ की व्यवस्थाओं का विस्तार उज्जैन जिले के ग्रामीण क्षेत्रों तक होगा, अत: इसमें पंचायत प्रतिनिधियों की महत्वपूर्ण भूमिका रहेगी। सिंहस्थ के आयोजन में श्रद्धालुओं के आवागमन की दृष्टि से उज्जैन जनपद विशेष रूप से महत्वपूर्ण है, इंडस्ट्रियल बेल्ट भी इसी क्षेत्र में विद्यमान है।
भोपाल। मध्य प्रदेश में सरकारी यात्री बस सेवा का संचालन कंपनियों के माध्यम से किया जाएगा। इसको लेकर परिवहन विभाग ने प्रस्ताव तैयार कर लिया है। इसको कैबिनेट की बैठक में रखा जाएगा। इससे पहले परिवहन विभाग ने संबंधित अन्य विभागों से यात्री परिवहन बस संचालन को लेकर राय ली। इसमें शहरी विकास विभागऔर विधि विभाग ने अपनी राय दे दी है। इसके तहत एक राज्य स्तर की कंपनी बनाई जाएगी।
भोपाल। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में राज्य सरकार निरंतर किसानों के कल्याण के लिये कृत संपल्पित होकर कार्य कर रही है। सरकार ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के ज्ञान (GYAN) से ध्यान पर फोकस करते हुए 4 मिशन के क्रियान्वयन पर जोर दिया है। जल्द ही प्रदेश में किसान कल्याण के लिये मिशन भी प्रारंभ होने वाला है। वर्तमान में किसानों के कल्याण की विभिन्न योजनाएँ संचालित हो रही है।
भोपाल। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने माँ नर्मदा जयंती की समस्त प्रदेशवासियों को हार्दिक बधाई और शुभकामनाएं दी हैं। उन्होंने कहा कि माँ नर्मदा के अविरल प्रवाह ने मध्यप्रदेश को समृद्ध और खुशहाल बनाया है। मध्यप्रदेश की जीवन रेखा माँ नर्मदा का आशीर्वाद ऐसे ही अनवरत बरसता रहे, यही कामना है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने नर्मदा जयंती पर प्रदेशवासियों से जल और संस्कृति के संरक्षण के लिए संकल्पित होने का आव्हान किया है।
भोपाल। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि युवा वर्ग अपने सपनों को साकार करने के लिए आगे बढ़े। राज्य सरकार हरसंभव सहयोग प्रदान करने के लिए तत्पर है। इस क्रम में कल 5 फरवरी को सभी पात्र निर्धारित विद्यार्थियों को स्कूटी प्रदान की जाएगी। युवा वर्ग अपनी प्रावीण्यता का लाभ ले और अपने साथियों के लिए भी प्रेरणा का स्त्रोत बनें, इस उद्देश्य से यह उपक्रम किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि युवा न केवल उद्यमी बनें अपितु सब प्रकार से सक्षम भी बनें और अपने लक्ष्य प्राप्ति में सफल हों।
भोपाल। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने पूर्वोत्तर राज्यों से भारत एकात्मता यात्रा पर आए विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि मध्यप्रदेश केवल भौगोलिक दृष्टि से ही नहीं, बल्कि सांस्कृतिक रूप से भी देश की एकता और अखंडता को दर्शाता है। उन्होंने प्रदेश की सांस्कृतिक विरासत और राष्ट्रप्रेम की भावना को रेखांकित करते हुए विद्यार्थियों को इस विविधता का सम्मान करने और भारतीय संस्कृति को आत्मसात करने की प्रेरणा दी।
भोपाल। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने हाल ही में पेश केन्द्रीय बजट में मध्यप्रदेश के लिए रेलवे सुविधाओं के लिए 14 हजार 745 करोड़ रुपए के बजट आवंटन के लिए प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी और केन्द्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव का आभार व्यक्त कर मध्यप्रदेश के नागरिकों की ओर से धन्यवाद दिया है।
भोपाल। राज्यपाल मंगुभाई पटेल ने गोपाल भार्गव को राजभवन में विधानसभा के प्रोटेम स्पीकर की शपथ दिलाई। शपथ ग्रहण समारोह का गरिमामय आयोजन राजभवन के दरबार हॉल में किया गया था। समारोह में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव, उप-मुख्यमंत्री जगदीश देवड़ा, उप-मुख्यमंत्री राजेन्द्र शुक्ल भी मौजूद थे।
भोपाल। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास और सबका प्रयास के मंत्र को साकार कर जनता की जिन्दगी बदलना ही हमारी सरकार का लक्ष्य है। प्रधानमंत्री श्री मोदी के नेतृत्व में जन-सामान्य ने अपना विश्वास व्यक्त किया है, उनके नेतृत्व में विकास की प्रक्रिया जारी है। विकास और जनकल्याण के लक्ष्य को संकल्प पत्र-2023 के अनुरूप धरातल पर उतारना हमारा उद्देश्य है। सभी विभाग संकल्प पत्र के सभी वादों, संकल्पों और घोषणाओं की पूर्ति का काम मिशन मोड में आरंभ कर समय-सीमा में लक्ष्य प्राप्ति सुनिश्चित करें।