भोपाल। राज्यपाल मंगुभाई पटेल ने कहा है कि सशस्त्र सीमा बल की सीमाओं की चौकसी में महत्वपूर्ण भूमिका है। जरूरी है कि अधिकारी धैर्य, साहस, विवेक, परिश्रम और देशभक्ति के जज्बे के साथ बल का नेतृत्व करें। राष्ट्रहित की सर्वोच्चता के साथ स्थानीय परिस्थितियों से तालमेल करते हुए समर्पण और ईमानदारी के साथ जिम्मेदारियों का पालन किया जाए। उन्होंने कहा कि सफल अधिकारी के लिए व्यवहार सबसे महत्वपूर्ण है। जहाँ भी रहें, जिन व्यक्तियों से मिलें, हर किसी से अत्यंत सरल भाषा में बात करें, व्यवहार सहयोगी और संवेदनशील होना चाहिए।
राज्यपाल पटेल आज राजभवन में सशस्त्र सीमा बल अकादमी भोपाल में प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे सहायक कमांडेंट के 26वें एवं 27वें सत्र के प्रशिक्षुओं को संबोधित कर रहे थे। राज्यपाल के प्रमुख सचिव डी. पी. आहूजा भी मौजूद थे।
राज्यपाल मंगुभाई पटेल ने कहा है कि भारत-नेपाल और भारत-भूटान के मध्य मजबूत मैत्रीपूर्ण सम्बन्ध हैं। इन सीमाओं से बड़ी संख्या में नागरिकों का आवागमन होता है, यह बहुत अधिक चुनौतीपूर्ण जिम्मेदारी है। पारस्परिक विश्वास और सौहार्द के वातावरण का दुरूपयोग नहीं हो, इसके लिए बहुत अधिक, सावधानी, सतर्कता और सजगता का होना जरूरी है। राज्यपाल श्री पटेल ने कहा कि प्रशिक्षण और जमीनी अनुभवों में अंतर होता है।
व्यवहार में ऐसी समस्याएँ और चुनौतियाँ सामने आती है, जिनका समाधान दिशा-निर्देशों में नहीं मिलता है। ऐसे समय में कार्यक्षेत्र के परिवेश की विशिष्टताओं को समझते हुए, संवेदनशीलता के साथ अधीनस्थ कर्मचारियों और वरिष्ठ अधिकारियों के साथ तालमेल बना कर कार्य करने से ही सफलता प्राप्त की जा सकती है।
अकादमी के उप-महानिरीक्षक सोमित जोशी ने बताया कि संघ लोक सेवा आयोग द्वारा चयनित 43 प्रशिक्षुओं को व्यक्तित्व के सर्वांगीण विकास के लिए 52 सप्ताह का प्रशिक्षण कार्यक्रम अकादमी द्वारा संचालित किया जाता है। उन्होंने बल के गठन की जानकारी दी।
सीमावर्ती क्षेत्रों में राष्ट्रीयता की भावना को मज़बूत बनाने, प्रतिरोध क्षमताओं के विकास के लिए प्रेरणा, प्रशिक्षण और विकास के कार्य बल द्वारा किए जाते हैं। बल की दो वाहिनी आपदा प्रबंधन में लगी हैं। इसमें से एक वाहिनी भोपाल में ही कार्यरत है।
प्रशिक्षु अधिकारी अमित मिश्रा और जीतेन्द्र कुमार ने प्रशिक्षण के अनुभव को साझा करते हुए बताया कि प्रशिक्षण के दौरान बल के सूत्र वाक्य सेवा, सुरक्षा और बंधुत्व के प्रति प्रतिबद्धता के द्वारा संस्कारित किया जा रहा है। बल के डिप्टी कमांडेंट देवेश कुमार ने आभार माना।
भोपाल। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने एम्स भोपाल में हुए मध्य भारत के पहले हार्ट ट्रांसप्लांट से पुनर्जीवन प्राप्त करने वाले मरीज दिनेश मालवीय से उनकी कुशलक्षेम पूछी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने इस उपलब्धि के लिए एम्स भोपाल की टीम को बधाई दी।
भोपाल। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि सिहंस्थ: 2028 का व्यवस्थित और सफल आयोजन राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। सिंहस्थ की व्यवस्थाओं का विस्तार उज्जैन जिले के ग्रामीण क्षेत्रों तक होगा, अत: इसमें पंचायत प्रतिनिधियों की महत्वपूर्ण भूमिका रहेगी। सिंहस्थ के आयोजन में श्रद्धालुओं के आवागमन की दृष्टि से उज्जैन जनपद विशेष रूप से महत्वपूर्ण है, इंडस्ट्रियल बेल्ट भी इसी क्षेत्र में विद्यमान है।
भोपाल। मध्य प्रदेश में सरकारी यात्री बस सेवा का संचालन कंपनियों के माध्यम से किया जाएगा। इसको लेकर परिवहन विभाग ने प्रस्ताव तैयार कर लिया है। इसको कैबिनेट की बैठक में रखा जाएगा। इससे पहले परिवहन विभाग ने संबंधित अन्य विभागों से यात्री परिवहन बस संचालन को लेकर राय ली। इसमें शहरी विकास विभागऔर विधि विभाग ने अपनी राय दे दी है। इसके तहत एक राज्य स्तर की कंपनी बनाई जाएगी।
भोपाल। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में राज्य सरकार निरंतर किसानों के कल्याण के लिये कृत संपल्पित होकर कार्य कर रही है। सरकार ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के ज्ञान (GYAN) से ध्यान पर फोकस करते हुए 4 मिशन के क्रियान्वयन पर जोर दिया है। जल्द ही प्रदेश में किसान कल्याण के लिये मिशन भी प्रारंभ होने वाला है। वर्तमान में किसानों के कल्याण की विभिन्न योजनाएँ संचालित हो रही है।
भोपाल। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने माँ नर्मदा जयंती की समस्त प्रदेशवासियों को हार्दिक बधाई और शुभकामनाएं दी हैं। उन्होंने कहा कि माँ नर्मदा के अविरल प्रवाह ने मध्यप्रदेश को समृद्ध और खुशहाल बनाया है। मध्यप्रदेश की जीवन रेखा माँ नर्मदा का आशीर्वाद ऐसे ही अनवरत बरसता रहे, यही कामना है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने नर्मदा जयंती पर प्रदेशवासियों से जल और संस्कृति के संरक्षण के लिए संकल्पित होने का आव्हान किया है।
भोपाल। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि युवा वर्ग अपने सपनों को साकार करने के लिए आगे बढ़े। राज्य सरकार हरसंभव सहयोग प्रदान करने के लिए तत्पर है। इस क्रम में कल 5 फरवरी को सभी पात्र निर्धारित विद्यार्थियों को स्कूटी प्रदान की जाएगी। युवा वर्ग अपनी प्रावीण्यता का लाभ ले और अपने साथियों के लिए भी प्रेरणा का स्त्रोत बनें, इस उद्देश्य से यह उपक्रम किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि युवा न केवल उद्यमी बनें अपितु सब प्रकार से सक्षम भी बनें और अपने लक्ष्य प्राप्ति में सफल हों।
भोपाल। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने पूर्वोत्तर राज्यों से भारत एकात्मता यात्रा पर आए विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि मध्यप्रदेश केवल भौगोलिक दृष्टि से ही नहीं, बल्कि सांस्कृतिक रूप से भी देश की एकता और अखंडता को दर्शाता है। उन्होंने प्रदेश की सांस्कृतिक विरासत और राष्ट्रप्रेम की भावना को रेखांकित करते हुए विद्यार्थियों को इस विविधता का सम्मान करने और भारतीय संस्कृति को आत्मसात करने की प्रेरणा दी।
भोपाल। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने हाल ही में पेश केन्द्रीय बजट में मध्यप्रदेश के लिए रेलवे सुविधाओं के लिए 14 हजार 745 करोड़ रुपए के बजट आवंटन के लिए प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी और केन्द्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव का आभार व्यक्त कर मध्यप्रदेश के नागरिकों की ओर से धन्यवाद दिया है।
भोपाल। राज्यपाल मंगुभाई पटेल ने गोपाल भार्गव को राजभवन में विधानसभा के प्रोटेम स्पीकर की शपथ दिलाई। शपथ ग्रहण समारोह का गरिमामय आयोजन राजभवन के दरबार हॉल में किया गया था। समारोह में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव, उप-मुख्यमंत्री जगदीश देवड़ा, उप-मुख्यमंत्री राजेन्द्र शुक्ल भी मौजूद थे।
भोपाल। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास और सबका प्रयास के मंत्र को साकार कर जनता की जिन्दगी बदलना ही हमारी सरकार का लक्ष्य है। प्रधानमंत्री श्री मोदी के नेतृत्व में जन-सामान्य ने अपना विश्वास व्यक्त किया है, उनके नेतृत्व में विकास की प्रक्रिया जारी है। विकास और जनकल्याण के लक्ष्य को संकल्प पत्र-2023 के अनुरूप धरातल पर उतारना हमारा उद्देश्य है। सभी विभाग संकल्प पत्र के सभी वादों, संकल्पों और घोषणाओं की पूर्ति का काम मिशन मोड में आरंभ कर समय-सीमा में लक्ष्य प्राप्ति सुनिश्चित करें।