भोपाल। संस्कृति विभाग की साहित्य अकादमी द्वारा कैलेण्डर वर्ष 2019 के कृति पुरस्कारों की घोषणा कर दी गई है। इसमें 13 भारतीय और 15 प्रादेशिक कृति पुरस्कार शामिल हैं। अखिल भारतीय पुरस्कार में प्रति रचनाकार को एक लाख रूपये एवं प्रादेशिक पुरस्कार में प्रति रचनाकार को 51 हजार रूपये के साथ शॉल, श्रीफल, स्मृति-चिन्ह और प्रशस्ति के साथ अलंकृत किया जाता है।
अखिल भारतीय कृति पुरस्कार
अखिल भारतीय पं. माखनलाल चतुर्वेदी (निबंध) पुरस्कार डॉ. मनोज पाण्डेय-नागपुर की कृति "आलोचना के नये परिप्रेक्ष्य'' को, अखिल भारतीय गजानन माधव मुक्तिबोध (कहानी) सच्चिदानंद जोशी दिल्ली की कृति "पल भर की पहचान'' को, अखिल भारतीय राजा वीरसिंह देव (उपन्यास) प्रो. मनीषा शर्मा अमरकंटक की कृति "ये इश्क...'' को, अखिल भारतीय आचार्य रामचन्द्र शुक्ल (आलोचना) डॉ. कविता भट्ट, उत्तराखण्ड की कृति "भारतीय साहित्य में जीवन मूल्य'' को, अखिल भारतीय पं. भवानी प्रसाद मिश्र (गीत एवं हिन्दी गजल) डॉ. आर. पी. सारस्वत, सहारनपुर की कृति "तुम बिन'' को, अखिल भारतीय अटल बिहारी वाजपेयी (कविता) डॉ. इन्दु राव-हरियाणा की कृति "छांह संस्कृति की'' को, अखिल भारतीय कुबेरनाथ राय (ललित निबंध) राजेश जैन-दिल्ली की कृति "ईश्वर की आत्मकथा'' को, अखिल भारतीय विष्णु प्रभाकर (आत्मकथा जीवनी) डॉ. कुलदीप चंद अग्निहोत्री - मोहाली की कृति "श्री गुरु नानक देवजी'' को, अखिल भारतीय निर्मल वर्मा (संस्मरण) प्रो. सूर्यप्रकाश चतुर्वेदी-इंदौर की कृति "बदलती हवाएँ'' को, अखिल भारतीय महादेवी वर्मा (रेखाचित्र) प्रशांत पोल- जबलपुर की कृति "वे पंद्रह दिन'' को, अखिल भारतीय प्रो. विष्णुकांत शास्त्री (यात्रा-वृत्तांत) डॉ. सुधा गुप्ता 'अमृता' कटनी की कृति "चलें भ्रमण की ओर'' को, अखिल भारतीय भारतेन्दु हरिश्चन्द्र (अनुवाद) संतोष रंजन- भोपाल की कृति "थेल्मा मेरी कोरिली'' को और अखिल भारतीय नारद मुनि (फेसबुक/ब्लाग /नेट) पुरस्कार अजय जैन 'विकल्प' -इंदौर को उनके पेज "फेसबुक/ब्लॉग/नेट'' को दिया गया है।
प्रादेशिक कृति पुरस्कार
वृन्दावन लाल वर्मा (उपन्यास) पुरस्कार डॉ. अश्विनी कुमार दुबे-इंदौर की कृति "किसी शहर में'' को, सुभद्रा कुमारी चौहान (कहानी) डॉ. गरिमा संजय दुबे-इंदौर की कृति "दो ध्रुवों के बीच की आस'' को, श्रीकृष्ण सरल (कविता) गुरु सक्सेना- नरसिंहपुर की कृति "सीता वनवास'' को, प्रादेशिक आचार्य नंददुलारे वाजपेयी (आलोचना) बूला कार-इंदौर की कृति "साहित्य मीमांसा'' को, हरिकृष्ण प्रेमी (नाटक) अशोक मनवानी भोपाल की कृति "वतन आजाद देखूं'' को, राजेन्द्र अनुरागी (डायरी) राजेश अवस्थी 'लावा' ग्वालियर की कृति "अतीत के शब्दबिम्ब'' को, पं. बालकृष्ण शर्मा 'नवीन' (प्रदेश के लेखक की पहली कृति) डॉ. अन्नपूर्णा सिसोदिया - अशोकनगर की कृति "औरत बुद्ध नहीं होती'' को, ईसुरी (लोकभाषा विषयक) आचार्य दुर्गाचरण शुक्ल टीकमगढ़ की कृति "मदन रस बरसे'' को, हरिकृष्ण देवसरे (बाल साहित्य) डॉ. प्रेमलता नीलम दमोह की कृति "गले का हार'' को, नरेश मेहता (संवाद, पटकथा लेखन) संदीप शर्मा-धार का पटकथा लेखन "प्रयाग प्रवाह और जयतु सिंहस्थ'' को, जैनेन्द्र कुमार 'जैन' (लघुकथा) डॉ. गिरिजेश सक्सेना- भोपाल की कृति "चाणक्य के दाँत'' को, सेठ गोविन्द दास (एकांकी) डॉ. सुधीर आजाद-भोपाल की कृति "मैं खुदीराम त्रैलोक्यनाथ बोस'' को, शरद जोशी (व्यंग्य) मीरा जैन- उज्जैन की कृति "हेल्य हादसा'' को, वीरेन्द्र मिश्र (गीत) राजेन्द्र शर्मा 'अक्षर' भोपाल की कृति "सम्बोधन'' को और दुष्यंत कुमार (गजल) पुरस्कार डॉ. प्रियंका त्रिपाठी -शहडोल की कृति "गुनगुनी सी धूप'' को दिया गया है।
भोपाल। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने एम्स भोपाल में हुए मध्य भारत के पहले हार्ट ट्रांसप्लांट से पुनर्जीवन प्राप्त करने वाले मरीज दिनेश मालवीय से उनकी कुशलक्षेम पूछी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने इस उपलब्धि के लिए एम्स भोपाल की टीम को बधाई दी।
भोपाल। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि सिहंस्थ: 2028 का व्यवस्थित और सफल आयोजन राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। सिंहस्थ की व्यवस्थाओं का विस्तार उज्जैन जिले के ग्रामीण क्षेत्रों तक होगा, अत: इसमें पंचायत प्रतिनिधियों की महत्वपूर्ण भूमिका रहेगी। सिंहस्थ के आयोजन में श्रद्धालुओं के आवागमन की दृष्टि से उज्जैन जनपद विशेष रूप से महत्वपूर्ण है, इंडस्ट्रियल बेल्ट भी इसी क्षेत्र में विद्यमान है।
भोपाल। मध्य प्रदेश में सरकारी यात्री बस सेवा का संचालन कंपनियों के माध्यम से किया जाएगा। इसको लेकर परिवहन विभाग ने प्रस्ताव तैयार कर लिया है। इसको कैबिनेट की बैठक में रखा जाएगा। इससे पहले परिवहन विभाग ने संबंधित अन्य विभागों से यात्री परिवहन बस संचालन को लेकर राय ली। इसमें शहरी विकास विभागऔर विधि विभाग ने अपनी राय दे दी है। इसके तहत एक राज्य स्तर की कंपनी बनाई जाएगी।
भोपाल। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में राज्य सरकार निरंतर किसानों के कल्याण के लिये कृत संपल्पित होकर कार्य कर रही है। सरकार ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के ज्ञान (GYAN) से ध्यान पर फोकस करते हुए 4 मिशन के क्रियान्वयन पर जोर दिया है। जल्द ही प्रदेश में किसान कल्याण के लिये मिशन भी प्रारंभ होने वाला है। वर्तमान में किसानों के कल्याण की विभिन्न योजनाएँ संचालित हो रही है।
भोपाल। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने माँ नर्मदा जयंती की समस्त प्रदेशवासियों को हार्दिक बधाई और शुभकामनाएं दी हैं। उन्होंने कहा कि माँ नर्मदा के अविरल प्रवाह ने मध्यप्रदेश को समृद्ध और खुशहाल बनाया है। मध्यप्रदेश की जीवन रेखा माँ नर्मदा का आशीर्वाद ऐसे ही अनवरत बरसता रहे, यही कामना है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने नर्मदा जयंती पर प्रदेशवासियों से जल और संस्कृति के संरक्षण के लिए संकल्पित होने का आव्हान किया है।
भोपाल। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि युवा वर्ग अपने सपनों को साकार करने के लिए आगे बढ़े। राज्य सरकार हरसंभव सहयोग प्रदान करने के लिए तत्पर है। इस क्रम में कल 5 फरवरी को सभी पात्र निर्धारित विद्यार्थियों को स्कूटी प्रदान की जाएगी। युवा वर्ग अपनी प्रावीण्यता का लाभ ले और अपने साथियों के लिए भी प्रेरणा का स्त्रोत बनें, इस उद्देश्य से यह उपक्रम किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि युवा न केवल उद्यमी बनें अपितु सब प्रकार से सक्षम भी बनें और अपने लक्ष्य प्राप्ति में सफल हों।
भोपाल। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने पूर्वोत्तर राज्यों से भारत एकात्मता यात्रा पर आए विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि मध्यप्रदेश केवल भौगोलिक दृष्टि से ही नहीं, बल्कि सांस्कृतिक रूप से भी देश की एकता और अखंडता को दर्शाता है। उन्होंने प्रदेश की सांस्कृतिक विरासत और राष्ट्रप्रेम की भावना को रेखांकित करते हुए विद्यार्थियों को इस विविधता का सम्मान करने और भारतीय संस्कृति को आत्मसात करने की प्रेरणा दी।
भोपाल। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने हाल ही में पेश केन्द्रीय बजट में मध्यप्रदेश के लिए रेलवे सुविधाओं के लिए 14 हजार 745 करोड़ रुपए के बजट आवंटन के लिए प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी और केन्द्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव का आभार व्यक्त कर मध्यप्रदेश के नागरिकों की ओर से धन्यवाद दिया है।
भोपाल। राज्यपाल मंगुभाई पटेल ने गोपाल भार्गव को राजभवन में विधानसभा के प्रोटेम स्पीकर की शपथ दिलाई। शपथ ग्रहण समारोह का गरिमामय आयोजन राजभवन के दरबार हॉल में किया गया था। समारोह में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव, उप-मुख्यमंत्री जगदीश देवड़ा, उप-मुख्यमंत्री राजेन्द्र शुक्ल भी मौजूद थे।
भोपाल। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास और सबका प्रयास के मंत्र को साकार कर जनता की जिन्दगी बदलना ही हमारी सरकार का लक्ष्य है। प्रधानमंत्री श्री मोदी के नेतृत्व में जन-सामान्य ने अपना विश्वास व्यक्त किया है, उनके नेतृत्व में विकास की प्रक्रिया जारी है। विकास और जनकल्याण के लक्ष्य को संकल्प पत्र-2023 के अनुरूप धरातल पर उतारना हमारा उद्देश्य है। सभी विभाग संकल्प पत्र के सभी वादों, संकल्पों और घोषणाओं की पूर्ति का काम मिशन मोड में आरंभ कर समय-सीमा में लक्ष्य प्राप्ति सुनिश्चित करें।