भोपाल। नगरीय विकास एवं आवास मंत्री भूपेन्द्र सिंह ने बताया है कि प्रदेश में प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के वेस्ट-टू-वेल्थ के स्वप्न को साकार करने की दिशा में महत्वपूर्ण प्रयास किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा है कि मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के नेतृत्व में प्रदेश अपने संकल्प के साथ देश के अन्य प्रमुख राज्यों के लिए आदर्श बन कर उभरेगा और कचरा प्रबंधन क्षेत्र में प्रदेश की आत्म-निर्भरता की संकल्पना को साकार करेगा।
प्रदेश में शहरी गीले कचरे से बायो गैस, बायो सीएनजी बनाने के लिए बहु-उद्देश्यीय इकाइयों की स्थापना के लिये नीतिगत निर्णय लिया गया। गीले कचरे से बायोगैस अथवा सीएनजी निर्माण के लिए पृथक्कीकृत रूप से कचरा संग्रहण प्रमुख आवश्यकता है। इसके लिए नगरीय निकायों में 5423 कचरा संग्रहण वाहनों से 100 प्रतिशत आवासीय और सार्वजनिक क्षेत्रों से कचरा संग्रहण किया जाता है।
सर्वप्रथम वर्ष 2018-19 में इंदौर के चौइथराम सब्जी मंडी से निकलने वाले गीले कचरे से 20 टन प्रतिदिन और कबीटखेड़ी में 15 टन प्रतिदिन बायो गैस निर्माण के लिए इकाइयों की स्थापना की गई। इसमें से 14 करोड़ 5 लाख रूपये की राशि का निवेश पीपीपी आधार पर किया गया है। इसके अलावा इंदौर, देवास, उज्जैन और भोपाल शहरों में 127 मीट्रिक टन प्रतिदिन प्र-संस्करण क्षमता की बायो गैस इकाइयों की स्थापना की गई। भोपाल में कुल 17.5 मीट्रिक टन गीले कचरे के प्र-संस्करण के लिए 5 लघु इकाइयों की स्थापना की गई। उज्जैन में बायो गैस द्वारा विद्युत निर्माण के लिए 5 मीट्रिक टन प्रतिदिन क्षमता की इकाई स्थापित की गई है। निजी क्षेत्र की भागीदारी के आधार पर देवास में एक लघु इकाई की स्थापना की गई है।
दूसरे चरण में इंदौर नगर निगम द्वारा देव गुराड़िया में 550 मीट्रिक टन प्र-संस्करण क्षमता का गोबर धन बायो सीएनजी संयंत्र स्थापित किया गया। इस इकाई से लगभग 17 हजार 500 किलोग्राम बायो सीएनजी और 100 टन उच्च गुणवत्ता वाली कंपोस्ट का उत्पादन किया जा रहा है। इस परियोजना को एनवायरमेंटल इंफ्रास्ट्रक्चर एंड सर्विसेज लिमिटेड और जर्मन कंपनी प्रोवेप्स के साथ पीपीपी मॉडल आधार पर बनाया गया है। इसी के साथ भोपाल के आदमपुर क्षेत्र में 400 मीट्रिक टन प्रतिदिन क्षमता की बायो सीएनजी इकाई निर्माणाधीन है। इसमें 80 करोड़ का निवेश किया जाना है। इसके लिए भोपाल एनवायरो प्राइवेट लिमिटेट संस्था से अप्रैल-2022 में पीपीपी मॉडल पर अनुबंध किया गया है। इस अनुबंध में 15 माह की समय-सीमा में इकाई का संचालन प्रारंभ किया जाना है।
इंदौर के महत्वाकांक्षी मॉडल की सफलता को प्रदेश के अन्य छोटे-बड़े नगरीय निकायों में क्रियान्वयन किये जाने की तैयारी की जा रही है। नगर निगम ग्वालियर में 7 हजार गौशालाओं से प्राप्त होने वाले गोबर को कचरा प्र-संस्करण संयंत्रों में उपयोग कर बायो गैस निर्माण करने के प्रयास किए जा रहे हैं। इसके अलावा होशंगाबाद, सीहोर, विदिशा और अन्य प्रमुख शहरों में गीले कचरे से बायो गैस निर्माण के लिए लघु परियोजनाएँ बनाने के प्रयास जारी हैं।
भोपाल। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने एम्स भोपाल में हुए मध्य भारत के पहले हार्ट ट्रांसप्लांट से पुनर्जीवन प्राप्त करने वाले मरीज दिनेश मालवीय से उनकी कुशलक्षेम पूछी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने इस उपलब्धि के लिए एम्स भोपाल की टीम को बधाई दी।
भोपाल। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि सिहंस्थ: 2028 का व्यवस्थित और सफल आयोजन राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। सिंहस्थ की व्यवस्थाओं का विस्तार उज्जैन जिले के ग्रामीण क्षेत्रों तक होगा, अत: इसमें पंचायत प्रतिनिधियों की महत्वपूर्ण भूमिका रहेगी। सिंहस्थ के आयोजन में श्रद्धालुओं के आवागमन की दृष्टि से उज्जैन जनपद विशेष रूप से महत्वपूर्ण है, इंडस्ट्रियल बेल्ट भी इसी क्षेत्र में विद्यमान है।
भोपाल। मध्य प्रदेश में सरकारी यात्री बस सेवा का संचालन कंपनियों के माध्यम से किया जाएगा। इसको लेकर परिवहन विभाग ने प्रस्ताव तैयार कर लिया है। इसको कैबिनेट की बैठक में रखा जाएगा। इससे पहले परिवहन विभाग ने संबंधित अन्य विभागों से यात्री परिवहन बस संचालन को लेकर राय ली। इसमें शहरी विकास विभागऔर विधि विभाग ने अपनी राय दे दी है। इसके तहत एक राज्य स्तर की कंपनी बनाई जाएगी।
भोपाल। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में राज्य सरकार निरंतर किसानों के कल्याण के लिये कृत संपल्पित होकर कार्य कर रही है। सरकार ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के ज्ञान (GYAN) से ध्यान पर फोकस करते हुए 4 मिशन के क्रियान्वयन पर जोर दिया है। जल्द ही प्रदेश में किसान कल्याण के लिये मिशन भी प्रारंभ होने वाला है। वर्तमान में किसानों के कल्याण की विभिन्न योजनाएँ संचालित हो रही है।
भोपाल। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने माँ नर्मदा जयंती की समस्त प्रदेशवासियों को हार्दिक बधाई और शुभकामनाएं दी हैं। उन्होंने कहा कि माँ नर्मदा के अविरल प्रवाह ने मध्यप्रदेश को समृद्ध और खुशहाल बनाया है। मध्यप्रदेश की जीवन रेखा माँ नर्मदा का आशीर्वाद ऐसे ही अनवरत बरसता रहे, यही कामना है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने नर्मदा जयंती पर प्रदेशवासियों से जल और संस्कृति के संरक्षण के लिए संकल्पित होने का आव्हान किया है।
भोपाल। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि युवा वर्ग अपने सपनों को साकार करने के लिए आगे बढ़े। राज्य सरकार हरसंभव सहयोग प्रदान करने के लिए तत्पर है। इस क्रम में कल 5 फरवरी को सभी पात्र निर्धारित विद्यार्थियों को स्कूटी प्रदान की जाएगी। युवा वर्ग अपनी प्रावीण्यता का लाभ ले और अपने साथियों के लिए भी प्रेरणा का स्त्रोत बनें, इस उद्देश्य से यह उपक्रम किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि युवा न केवल उद्यमी बनें अपितु सब प्रकार से सक्षम भी बनें और अपने लक्ष्य प्राप्ति में सफल हों।
भोपाल। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने पूर्वोत्तर राज्यों से भारत एकात्मता यात्रा पर आए विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि मध्यप्रदेश केवल भौगोलिक दृष्टि से ही नहीं, बल्कि सांस्कृतिक रूप से भी देश की एकता और अखंडता को दर्शाता है। उन्होंने प्रदेश की सांस्कृतिक विरासत और राष्ट्रप्रेम की भावना को रेखांकित करते हुए विद्यार्थियों को इस विविधता का सम्मान करने और भारतीय संस्कृति को आत्मसात करने की प्रेरणा दी।
भोपाल। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने हाल ही में पेश केन्द्रीय बजट में मध्यप्रदेश के लिए रेलवे सुविधाओं के लिए 14 हजार 745 करोड़ रुपए के बजट आवंटन के लिए प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी और केन्द्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव का आभार व्यक्त कर मध्यप्रदेश के नागरिकों की ओर से धन्यवाद दिया है।
भोपाल। राज्यपाल मंगुभाई पटेल ने गोपाल भार्गव को राजभवन में विधानसभा के प्रोटेम स्पीकर की शपथ दिलाई। शपथ ग्रहण समारोह का गरिमामय आयोजन राजभवन के दरबार हॉल में किया गया था। समारोह में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव, उप-मुख्यमंत्री जगदीश देवड़ा, उप-मुख्यमंत्री राजेन्द्र शुक्ल भी मौजूद थे।
भोपाल। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास और सबका प्रयास के मंत्र को साकार कर जनता की जिन्दगी बदलना ही हमारी सरकार का लक्ष्य है। प्रधानमंत्री श्री मोदी के नेतृत्व में जन-सामान्य ने अपना विश्वास व्यक्त किया है, उनके नेतृत्व में विकास की प्रक्रिया जारी है। विकास और जनकल्याण के लक्ष्य को संकल्प पत्र-2023 के अनुरूप धरातल पर उतारना हमारा उद्देश्य है। सभी विभाग संकल्प पत्र के सभी वादों, संकल्पों और घोषणाओं की पूर्ति का काम मिशन मोड में आरंभ कर समय-सीमा में लक्ष्य प्राप्ति सुनिश्चित करें।