भोपाल। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि शिक्षा के तीन उद्देश्य है। ज्ञान देना, कौशन देना और नागरिकता के संस्कार देना। कौशल शिक्षा की आत्मा है, इसके बिना कोई भी शिक्षा अधूरी है। ज्ञान हमें बताता है कि हमें क्या करना है और कौशल यह सिखाता है कि उसे कैसे करना है। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा िक अगर युवाओं के हाथ में हुनर रहेगा तो रोजगार भी आसानी से मिलेगा। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश को अगर हमें संवारना है तो वह स्किल के माध्यम से ही होगा। युवा जनसंख्या हमारे देश में सबसे अधिक है और यही हमारी ताकत बन कर उभरेगी। उन्होंने कहाकि युवाओं के हाथों में केवल कौशल दे दिया जाएँ तो चमत्कार कर सकते है।
मुख्यमंत्री चौहान आज कुशाभाऊ ठाकरे सभागृह में तकनीकी शिक्षा, कौशल विकास और रोजगार विभाग के राज्य स्तरीय आईटीआई दीक्षांत समारोह को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि अब तक हमने कॉलेज और यूनिवर्सिटी में ग्रेजुएशन पूरा होने पर दीक्षांत समारोह के आयोजन देखे है, लेकिन आज मध्यप्रदेश संभवत: देश का पहला राज्य है जहाँ आईटीआई के विद्यार्थियों के कोर्स पूरा होने पर दीक्षांत समारोह हो रहा है।
मुख्यमंत्री चौहान ने कहा कि आज पूरी दुनिया में यदि सबसे ज्यादा किसी की मांग है तो कौशल की है। हजारों प्रकार की ऐसी सेवाएँ है, जिनकी लोगों को रोज जरूरत पड़ती है और इसके लिये विशेष कौशल की आवश्यकता होती है। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि देश में जिस प्रकार की कौशल की आवश्यकता है उसकी आपूर्ति हमारे आईटीआई करते है।
भोपाल का ग्लोबल स्किल पार्क, सिंगापुर का स्किल पार्क देखने से प्राप्त प्रेरणा का परिणाम है। आज बच्चों के हाथ में यदि कौशल है तो वह बेरोजगार नहीं रहेंगे। कौशल विकास पर हमने निरंतर ध्यान दिया है। औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थाओं की कौशल प्रशिक्षण में महत्वपूर्ण भूमिका है। हम अपने आईटीआई को गुणवत्ता पूर्ण शिक्षा के साथ संचालित कर रहे हैं।
चौहान ने कहा कि प्रदेश की संस्थाओं में नए ट्रेड भी शुरू किए जा रहे। संभाग स्तर पर सभी आईटीआई सुविधा युक्त भवन में संचालित हो, इसके लिए कार्य प्रारंभ किया गया है। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस सहित आधुनिक युग की आवश्यकताओं के अनुसार जरूरी ट्रेड प्रारंभ करने में कोई कसर छोड़ी नहीं जाएगी। बच्चों को अधिक से अधिक काम मिले उसके अनुरूप आवश्यक तकनीकी शिक्षा की व्यवस्था भी की जा रही हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि दीक्षांत समारोह के लिए तकनीकी शिक्षा और कौशल विकास मंत्री श्रीमती यशोधरा राजे सिंधिया और विभाग के अधिकारी बधाई के पात्र हैं।
मुख्यमंत्री चौहान ने कहा कि उद्योगों और औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थाओं को जोड़ने का प्रयास है। युवा अपना उद्यम प्रारंभ करें इसके लिए उन्हें मुख्यमंत्री उद्यम क्रांति योजना से आवश्यक सहयोग दिया जा रहा है। योजना में अपने उद्यम की स्थापना के लिए युवाओं को 50 लाख रूपए तक का ऋण देने का प्रावधान है। राज्य शासन द्वारा लोन की गारंटी भी दी जाएगी। हमारे प्रदेश के विद्यार्थियों में प्रतिभा है। छात्र शिवम, जापान में वर्ल्ड स्किल प्रतियोगिता के लिए जा रहे। ऐसे सभी विद्यार्थियों को बधाई।
मुख्यमंत्री चौहान ने कहा कि रोजगार दिवस के आयोजन से तकनीकी शिक्षा प्राप्त बच्चों को प्लेसमेंट मिले, इसके प्रयास किए जा रहे हैं। इस माह भी 29 सितंबर को रोजगार दिवस मनाया जायेगा। मुख्यमंत्री चौहान ने कहा कि मध्यप्रदेश के हर ब्लॉक में कम से कम एक आईटीआई होगी, जिससे प्रशिक्षण लेने लोगों को दूर नहीं जाना पड़ेगा। आईटीआई प्रमाण-पत्र किसी भी डिग्री से कम नहीं है।
ग्रामीण इंजीनियर योजना
मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने राज्य स्तरीय आईटीआई दीक्षांत समारोह में रिमोट का बटन दबा कर केन्द्र शासन की संकल्प योजना में 'ग्रामीण इंजीनियर योजना' का शुभारंभ किया। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि प्रत्येक पंचायत में ग्रामीण इंजीनियर पदस्थ करने से नल जल योजना के संधारण, जल सप्लाई लाइन के सुधार, प्रधानमंत्री आवास योजना के आवासों के लिए मार्गदर्शन और अन्य कार्यों में ऐसे इंजिनियर्स भूमिका निभाएंगे।
उन्होंने कहा कि हम ग्रामीण इंजीनियर की परिकल्पना पर काम करेंगे। हर ग्राम पंचायत में कम से कम 4 ग्रामीण इंजीनियर होंगे, जो वहाँ की सुविधाओं जैसे बिजली, पानी, निर्माण कार्यों आदि में अपना योगदान देंगे।
19 आईटीआई को 3 स्टार और 96 को 2 स्टार रेटिंग
प्रमुख सचिव तकनीकी शिक्षा एवं कौशल विकास श्री आकाश त्रिपाठी ने बताया कि प्रदेश के 52 जिलों में 237 विकासखण्डों में 262 शासकीय आईटीआई संचालित है। आईटीआई विहीन 46 विकासखण्डों में इस सत्र से 25 नवीन शासकीय आईटीआई प्रारंभ किये जा रहे है। उन्होंने बताया कि आईटीआई 57 कौशल आधारित व्यवसायों में 46 हजार 8 युवाओं को प्रवेश देने की क्षमता उपलब्ध है।
भारत सरकार द्वारा आयोजित आईटीआई परीक्षा में प्रदेश के 82 हजार 271 प्रक्षिणार्थियों ने 71 हजार 838 प्रशिक्षणार्थी उत्तीर्ण हुए है। इस वर्ष अभी तक लगभग 4 हजार 507 प्रशिक्षणार्थियों का विभिन्न नियोजक कम्पनियों द्वारा प्राथमिक चयन किया गया है। साथ ही विगत एक वर्ष में विभिन्न नेशनल अप्रेन्टीसशिप मेले में 14 हजार 330 अभ्यर्थी चयनित हुए है। प्रदेश के 19 आईटीआई को देश में 3 स्टार और 96 आईटीआई को 2 स्टार रेटिंग मिली है। मध्यप्रदेश शासकीय आईटीआई संख्या के मामले में देश में तीसरे स्थान पर है।
प्रमाण-पत्र और पारितोषिक राशि का वितरण
मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कार्यक्रम में वर्ल्ड स्किल प्रतियोगिता के प्रतिभागियों को प्रमाण-पत्र एवं पारितोषिक राशि का वितरण किया। उन्होंने राज्य स्तर पर मेरिट अनुसार 10 प्रशिक्षणार्थियों को स्वयं का व्यवसाय प्रारंभ करने वाले और प्लेसमेंट प्राप्त 5-5 प्रशिक्षणार्थियों को भी प्रमाण-पत्र वितरित किये। मुख्यमंत्री चौहान ने राज्य स्तर पर प्लेसमेंट के लिये उत्कृष्ठ कार्य करने वाले 2 उत्कृष्ठ अधिकारियों को प्रमाण-पत्र दिये। "स्किल गेप एनालिसिस" बुकलेट का विमोचन मुख्यमंत्री चौहान और तकनीकी शिक्षा, कौशल विकास मंत्री यशोधरा राजे सिंधिया ने "स्किल गेप एनालिसिस" बुकलेट का विमोचन भी किया।
कार्यक्रम में रोजगार बोर्ड के अध्यक्ष शैलेंद्र शर्मा, उपाध्यक्ष मध्यप्रदेश राज्य कौशल विकास एवं निर्माण बोर्ड नरेन्द्र बिरथरे और संचालक कौशल विकास हरजिंदर सिंह उपस्थित थे। दीक्षांत समारोह में औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान के विद्यार्थियों की बड़ी संख्या में भागीदारी रही।
भोपाल। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने एम्स भोपाल में हुए मध्य भारत के पहले हार्ट ट्रांसप्लांट से पुनर्जीवन प्राप्त करने वाले मरीज दिनेश मालवीय से उनकी कुशलक्षेम पूछी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने इस उपलब्धि के लिए एम्स भोपाल की टीम को बधाई दी।
भोपाल। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि सिहंस्थ: 2028 का व्यवस्थित और सफल आयोजन राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। सिंहस्थ की व्यवस्थाओं का विस्तार उज्जैन जिले के ग्रामीण क्षेत्रों तक होगा, अत: इसमें पंचायत प्रतिनिधियों की महत्वपूर्ण भूमिका रहेगी। सिंहस्थ के आयोजन में श्रद्धालुओं के आवागमन की दृष्टि से उज्जैन जनपद विशेष रूप से महत्वपूर्ण है, इंडस्ट्रियल बेल्ट भी इसी क्षेत्र में विद्यमान है।
भोपाल। मध्य प्रदेश में सरकारी यात्री बस सेवा का संचालन कंपनियों के माध्यम से किया जाएगा। इसको लेकर परिवहन विभाग ने प्रस्ताव तैयार कर लिया है। इसको कैबिनेट की बैठक में रखा जाएगा। इससे पहले परिवहन विभाग ने संबंधित अन्य विभागों से यात्री परिवहन बस संचालन को लेकर राय ली। इसमें शहरी विकास विभागऔर विधि विभाग ने अपनी राय दे दी है। इसके तहत एक राज्य स्तर की कंपनी बनाई जाएगी।
भोपाल। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में राज्य सरकार निरंतर किसानों के कल्याण के लिये कृत संपल्पित होकर कार्य कर रही है। सरकार ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के ज्ञान (GYAN) से ध्यान पर फोकस करते हुए 4 मिशन के क्रियान्वयन पर जोर दिया है। जल्द ही प्रदेश में किसान कल्याण के लिये मिशन भी प्रारंभ होने वाला है। वर्तमान में किसानों के कल्याण की विभिन्न योजनाएँ संचालित हो रही है।
भोपाल। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने माँ नर्मदा जयंती की समस्त प्रदेशवासियों को हार्दिक बधाई और शुभकामनाएं दी हैं। उन्होंने कहा कि माँ नर्मदा के अविरल प्रवाह ने मध्यप्रदेश को समृद्ध और खुशहाल बनाया है। मध्यप्रदेश की जीवन रेखा माँ नर्मदा का आशीर्वाद ऐसे ही अनवरत बरसता रहे, यही कामना है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने नर्मदा जयंती पर प्रदेशवासियों से जल और संस्कृति के संरक्षण के लिए संकल्पित होने का आव्हान किया है।
भोपाल। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि युवा वर्ग अपने सपनों को साकार करने के लिए आगे बढ़े। राज्य सरकार हरसंभव सहयोग प्रदान करने के लिए तत्पर है। इस क्रम में कल 5 फरवरी को सभी पात्र निर्धारित विद्यार्थियों को स्कूटी प्रदान की जाएगी। युवा वर्ग अपनी प्रावीण्यता का लाभ ले और अपने साथियों के लिए भी प्रेरणा का स्त्रोत बनें, इस उद्देश्य से यह उपक्रम किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि युवा न केवल उद्यमी बनें अपितु सब प्रकार से सक्षम भी बनें और अपने लक्ष्य प्राप्ति में सफल हों।
भोपाल। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने पूर्वोत्तर राज्यों से भारत एकात्मता यात्रा पर आए विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि मध्यप्रदेश केवल भौगोलिक दृष्टि से ही नहीं, बल्कि सांस्कृतिक रूप से भी देश की एकता और अखंडता को दर्शाता है। उन्होंने प्रदेश की सांस्कृतिक विरासत और राष्ट्रप्रेम की भावना को रेखांकित करते हुए विद्यार्थियों को इस विविधता का सम्मान करने और भारतीय संस्कृति को आत्मसात करने की प्रेरणा दी।
भोपाल। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने हाल ही में पेश केन्द्रीय बजट में मध्यप्रदेश के लिए रेलवे सुविधाओं के लिए 14 हजार 745 करोड़ रुपए के बजट आवंटन के लिए प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी और केन्द्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव का आभार व्यक्त कर मध्यप्रदेश के नागरिकों की ओर से धन्यवाद दिया है।
भोपाल। राज्यपाल मंगुभाई पटेल ने गोपाल भार्गव को राजभवन में विधानसभा के प्रोटेम स्पीकर की शपथ दिलाई। शपथ ग्रहण समारोह का गरिमामय आयोजन राजभवन के दरबार हॉल में किया गया था। समारोह में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव, उप-मुख्यमंत्री जगदीश देवड़ा, उप-मुख्यमंत्री राजेन्द्र शुक्ल भी मौजूद थे।
भोपाल। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास और सबका प्रयास के मंत्र को साकार कर जनता की जिन्दगी बदलना ही हमारी सरकार का लक्ष्य है। प्रधानमंत्री श्री मोदी के नेतृत्व में जन-सामान्य ने अपना विश्वास व्यक्त किया है, उनके नेतृत्व में विकास की प्रक्रिया जारी है। विकास और जनकल्याण के लक्ष्य को संकल्प पत्र-2023 के अनुरूप धरातल पर उतारना हमारा उद्देश्य है। सभी विभाग संकल्प पत्र के सभी वादों, संकल्पों और घोषणाओं की पूर्ति का काम मिशन मोड में आरंभ कर समय-सीमा में लक्ष्य प्राप्ति सुनिश्चित करें।