भोपाल। राज्यपाल मंगुभाई पटेल ने राजभवन की ओर से तीन जिलों के टी.बी. रोगियों को आर्थिक सहायता उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि टी.बी. रोग उन्मूलन प्रयासों में रोग संबंधी जरूरी सावधानियों, आहार, पोषण, दिनचर्या और दवाओं के नियमित सेवन के बारे में रोगी और नि-क्षय मित्र के दिशा-दर्शन के प्रयास किए जाएँ।
उन्होंने कहा कि रोगी को पोषण अनुदान के रूप में दी जाने वाली आर्थिक सहायता में वृद्धि की संभावनाओं को तलाशे रोगी के बैंक खाते और मोबाइल नंबर की जानकारी नि-क्षय मित्र को उपलब्ध कराने की पहल भी करें, जिससे नि-क्षय मित्र और रोगी के मध्य नियमित सीधा संवाद, सहायता और सहयोग का प्लेटफार्म उपलब्ध हो। राज्यपाल पटेल राजभवन में में टी.बी. उन्मूलन कार्यक्रम के तहत सामुदायिक सहभागिता नि-क्षय 2.0 की गतिविधियों पर स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों के साथ चर्चा कर रहे थे।
राज्यपाल मंगुभाई पटेल ने कहा कि टी.बी. उपचार प्रयासों में रोगी द्वारा उचित आहार, आवश्यक सावधानियों का पालन और नियमित दवा का सेवन सभी पर समग्र रूप से फोकस किया जाना जरूरी है। रोगी धूम्रपान नहीं करें। चूल्हे पर खाना नहीं बनाए। खखार को इधर-उधर नहीं फैलने दें। पोषक तत्वों वाला आहार ग्रहण करें। यह बताना भी जरूरी है कि टी.बी. शरीर को धीरे-धीरे अंदर ही अंदर खोखला करता है। इसलिए जितनी जल्दी उपचार शुरू होगा, सावधानियों का जितनी कड़ाई से पालन होगा, रोगी भी उतनी ही जल्दी स्वस्थ होगा।
उन्होंने उपचार प्रयासों में सहयोग के कार्यों को व्यवहारिक स्वरूप में प्रभावी बनाने की आवश्यकता बताई। उन्होंने कहा कि टी.बी. प्रभावित महिलाओं को उज्जवला योजना में गैस चूल्हे की उपलब्धता सुनिश्चित की जाए। उन्होंने कहा कि लंबे उपचार से कई बार रोगी में नैराश्य का भाव उत्पन्न हो जाता है। यह आवश्यक है कि उसका मनोबल कम नहीं हो। नि-क्षय मित्र एवं स्वास्थ्य कार्यकर्ता का इस संबंध में उन्मुखीकरण किया जाना जरूरी है। उन्होंने सक्रिय नि-क्षय मित्रों के प्रोत्साहन प्रयासों पर भी ध्यान दिए जाने की जरूरत बताई। उनके सम्मान और प्रसिद्ध व्यक्तियों के साथ संवाद के कार्यक्रम भी किए जाने पर बल दिया।
अपर मुख्य सचिव स्वास्थ्य मोहम्मद सुलेमान ने बताया कि नि-क्षय मित्र 2.0 प्रदेश में तीव्र गति से संचालित किया जा रहा है। केंद्र शासित प्रदेशों को छोड़ कर क्षय रोगियों को नि-क्षय मित्रों के साथ जोड़ने में 90 प्रतिशत की उपलब्धि के साथ मध्यप्रदेश प्रथम स्थान पर है। विकासखण्ड स्तर पर मॉलिक्यूलर टेस्टिंग की व्यवस्था से रोगी चिन्हांकन कार्य में भी तेज गति आई है। राज्यपाल के प्रमुख सचिव डी.पी. आहूजा, स्वास्थ्य आयुक्त डॉ. सुदाम खाड़े, मिशन संचालक एन.एच.एम. प्रियंका दास सहित अधिकारी उपस्थित थे।
भोपाल। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने एम्स भोपाल में हुए मध्य भारत के पहले हार्ट ट्रांसप्लांट से पुनर्जीवन प्राप्त करने वाले मरीज दिनेश मालवीय से उनकी कुशलक्षेम पूछी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने इस उपलब्धि के लिए एम्स भोपाल की टीम को बधाई दी।
भोपाल। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि सिहंस्थ: 2028 का व्यवस्थित और सफल आयोजन राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। सिंहस्थ की व्यवस्थाओं का विस्तार उज्जैन जिले के ग्रामीण क्षेत्रों तक होगा, अत: इसमें पंचायत प्रतिनिधियों की महत्वपूर्ण भूमिका रहेगी। सिंहस्थ के आयोजन में श्रद्धालुओं के आवागमन की दृष्टि से उज्जैन जनपद विशेष रूप से महत्वपूर्ण है, इंडस्ट्रियल बेल्ट भी इसी क्षेत्र में विद्यमान है।
भोपाल। मध्य प्रदेश में सरकारी यात्री बस सेवा का संचालन कंपनियों के माध्यम से किया जाएगा। इसको लेकर परिवहन विभाग ने प्रस्ताव तैयार कर लिया है। इसको कैबिनेट की बैठक में रखा जाएगा। इससे पहले परिवहन विभाग ने संबंधित अन्य विभागों से यात्री परिवहन बस संचालन को लेकर राय ली। इसमें शहरी विकास विभागऔर विधि विभाग ने अपनी राय दे दी है। इसके तहत एक राज्य स्तर की कंपनी बनाई जाएगी।
भोपाल। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में राज्य सरकार निरंतर किसानों के कल्याण के लिये कृत संपल्पित होकर कार्य कर रही है। सरकार ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के ज्ञान (GYAN) से ध्यान पर फोकस करते हुए 4 मिशन के क्रियान्वयन पर जोर दिया है। जल्द ही प्रदेश में किसान कल्याण के लिये मिशन भी प्रारंभ होने वाला है। वर्तमान में किसानों के कल्याण की विभिन्न योजनाएँ संचालित हो रही है।
भोपाल। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने माँ नर्मदा जयंती की समस्त प्रदेशवासियों को हार्दिक बधाई और शुभकामनाएं दी हैं। उन्होंने कहा कि माँ नर्मदा के अविरल प्रवाह ने मध्यप्रदेश को समृद्ध और खुशहाल बनाया है। मध्यप्रदेश की जीवन रेखा माँ नर्मदा का आशीर्वाद ऐसे ही अनवरत बरसता रहे, यही कामना है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने नर्मदा जयंती पर प्रदेशवासियों से जल और संस्कृति के संरक्षण के लिए संकल्पित होने का आव्हान किया है।
भोपाल। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि युवा वर्ग अपने सपनों को साकार करने के लिए आगे बढ़े। राज्य सरकार हरसंभव सहयोग प्रदान करने के लिए तत्पर है। इस क्रम में कल 5 फरवरी को सभी पात्र निर्धारित विद्यार्थियों को स्कूटी प्रदान की जाएगी। युवा वर्ग अपनी प्रावीण्यता का लाभ ले और अपने साथियों के लिए भी प्रेरणा का स्त्रोत बनें, इस उद्देश्य से यह उपक्रम किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि युवा न केवल उद्यमी बनें अपितु सब प्रकार से सक्षम भी बनें और अपने लक्ष्य प्राप्ति में सफल हों।
भोपाल। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने पूर्वोत्तर राज्यों से भारत एकात्मता यात्रा पर आए विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि मध्यप्रदेश केवल भौगोलिक दृष्टि से ही नहीं, बल्कि सांस्कृतिक रूप से भी देश की एकता और अखंडता को दर्शाता है। उन्होंने प्रदेश की सांस्कृतिक विरासत और राष्ट्रप्रेम की भावना को रेखांकित करते हुए विद्यार्थियों को इस विविधता का सम्मान करने और भारतीय संस्कृति को आत्मसात करने की प्रेरणा दी।
भोपाल। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने हाल ही में पेश केन्द्रीय बजट में मध्यप्रदेश के लिए रेलवे सुविधाओं के लिए 14 हजार 745 करोड़ रुपए के बजट आवंटन के लिए प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी और केन्द्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव का आभार व्यक्त कर मध्यप्रदेश के नागरिकों की ओर से धन्यवाद दिया है।
भोपाल। राज्यपाल मंगुभाई पटेल ने गोपाल भार्गव को राजभवन में विधानसभा के प्रोटेम स्पीकर की शपथ दिलाई। शपथ ग्रहण समारोह का गरिमामय आयोजन राजभवन के दरबार हॉल में किया गया था। समारोह में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव, उप-मुख्यमंत्री जगदीश देवड़ा, उप-मुख्यमंत्री राजेन्द्र शुक्ल भी मौजूद थे।
भोपाल। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास और सबका प्रयास के मंत्र को साकार कर जनता की जिन्दगी बदलना ही हमारी सरकार का लक्ष्य है। प्रधानमंत्री श्री मोदी के नेतृत्व में जन-सामान्य ने अपना विश्वास व्यक्त किया है, उनके नेतृत्व में विकास की प्रक्रिया जारी है। विकास और जनकल्याण के लक्ष्य को संकल्प पत्र-2023 के अनुरूप धरातल पर उतारना हमारा उद्देश्य है। सभी विभाग संकल्प पत्र के सभी वादों, संकल्पों और घोषणाओं की पूर्ति का काम मिशन मोड में आरंभ कर समय-सीमा में लक्ष्य प्राप्ति सुनिश्चित करें।