भोपाल। विमुक्त, घुमक्कड़ एवं अर्द्धघुमक्कड़ जनजाति कल्याण राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) रामखेलावन पटेल ने कहा है कि प्रदेश में विमुक्त जनजाति के लोगों को मुख्य धारा से जोड़े जाने के लिये राज्य सरकार द्वारा हरसंभव प्रयास किये जायेंगे। इनके सामाजिक एवं शैक्षणिक सुधार के लिये राज्य सरकार ने विभिन्न योजनाएँ चलाई हैं। उन्होंने जन-प्रतिनिधियों से इन योजनाओं को जन-सामान्य तक पहुँचाने के लिये सहयोग करने का आग्रह किया। राज्य मंत्री श्री पटेल आज भोपाल में विमुक्ति दिवस पर हुए समारोह को संबोधित कर रहे थे। राज्य मंत्री श्री पटेल ने प्रतिभाशाली विद्यार्थियों को पुरस्कृत भी किया।
राज्य मंत्री श्री पटेल ने कहा कि योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन के लिये प्रदेश में विमुक्त घुमन्तु एवं अर्द्धघुमन्तु जनजाति कल्याण विभाग का पृथक से गठन किया गया है। पिछले वर्ष मुख्यमंत्री निवास पर इन वर्गों के विकास के लिये पंचायत भी आयोजित की गई थी। मुख्यमंत्री श्री चौहान द्वारा की गई 17 घोषणाओं में से 11 घोषणाओं पर अमल किया जा चुका है। विमुक्त जनजाति के गौरव इतिहास का उल्लेख करते हुए राज्य मंत्री श्री पटेल ने कहा कि देश के प्रथम स्वतंत्रता संग्राम आंदोलन में इन वर्गों के साहसिक योगदान को दबाने के लिये ब्रिटिश सरकार ने विमुक्त जाति को आपराधिक घोषित कर दिया था। देश की आजादी के बाद 31 अगस्त 1952 में संसद में बिल लाकर इस काले कानून को हटाया गया। तब से देश में 31 अगस्त को विमुक्त जाति दिवस के रूप में मनाया जा रहा है।
राज्य मंत्री श्री पटेल ने कहा कि इन वर्गों के बच्चों को उच्च शिक्षा दिलाने के लिये सारा खर्च राज्य सरकार उठा रही है। इस योजना में प्रदेश में 8 हजार से अधिक विद्यार्थी लाभ ले रहे हैं। विमुक्त जाति में से कुछ जातियाँ वर्ष भर भ्रमण करती हैं। इस कारण बच्चों की पढ़ाई प्रभावित न हो, इसके लिये पहले एडमिशन के आधार पर दूसरे स्कूल में एडमिशन दिये जाने की सुविधा दी जा रही है। प्रत्येक जिले में इन वर्गों की योजनाओं के ठोस क्रियान्वयन के लिये अब जिला कलेक्टर की अध्यक्षता में कमेटियाँ गठित कर दी गई हैं। सर्वोदय, ज्ञानोदय, एकलव्य विद्यालय एवं छात्रावासों में इन वर्गों के बच्चों की पढ़ाई के लिये 2 प्रतिशत सीटें आरक्षित की गई हैं। राज्य मंत्री श्री पटेल ने कहा कि विमुक्त घुमन्तु एवं अर्द्धघुमन्तु जनजाति संस्कृति को संरक्षित करने के लिये संग्रहालय निर्माण के लिये इंदौर में 10 एकड़ भूमि आरक्षित किये जाने की कार्यवाही तेजी से की जा रही है। उन्होंने कहा कि इन वर्गों के भाई-बहनों को अनुसूचित जनजाति प्रमाण-पत्र बनाने की प्रक्रिया भी प्रचलन में है।
प्रतिभाशाली विद्यार्थी हुए पुरस्कृत
राज्य मंत्री श्री पटेल ने विमुक्ति दिवस पर हुई खेल-कूद, निबंध, लेखन और भाषण प्रतियोगिता के विजेता विद्यार्थियों को प्रमाण-पत्र और पुरस्कार देकर सम्मानित किया। राज्य मंत्री श्री पटेल ने इन वर्गों के जन-प्रतिनिधियों और विद्यार्थियों से सीधा संवाद भी किया। उप सचिव लता शरणागत ने भी संबोधित किया।
भोपाल। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने एम्स भोपाल में हुए मध्य भारत के पहले हार्ट ट्रांसप्लांट से पुनर्जीवन प्राप्त करने वाले मरीज दिनेश मालवीय से उनकी कुशलक्षेम पूछी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने इस उपलब्धि के लिए एम्स भोपाल की टीम को बधाई दी।
भोपाल। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि सिहंस्थ: 2028 का व्यवस्थित और सफल आयोजन राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। सिंहस्थ की व्यवस्थाओं का विस्तार उज्जैन जिले के ग्रामीण क्षेत्रों तक होगा, अत: इसमें पंचायत प्रतिनिधियों की महत्वपूर्ण भूमिका रहेगी। सिंहस्थ के आयोजन में श्रद्धालुओं के आवागमन की दृष्टि से उज्जैन जनपद विशेष रूप से महत्वपूर्ण है, इंडस्ट्रियल बेल्ट भी इसी क्षेत्र में विद्यमान है।
भोपाल। मध्य प्रदेश में सरकारी यात्री बस सेवा का संचालन कंपनियों के माध्यम से किया जाएगा। इसको लेकर परिवहन विभाग ने प्रस्ताव तैयार कर लिया है। इसको कैबिनेट की बैठक में रखा जाएगा। इससे पहले परिवहन विभाग ने संबंधित अन्य विभागों से यात्री परिवहन बस संचालन को लेकर राय ली। इसमें शहरी विकास विभागऔर विधि विभाग ने अपनी राय दे दी है। इसके तहत एक राज्य स्तर की कंपनी बनाई जाएगी।
भोपाल। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में राज्य सरकार निरंतर किसानों के कल्याण के लिये कृत संपल्पित होकर कार्य कर रही है। सरकार ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के ज्ञान (GYAN) से ध्यान पर फोकस करते हुए 4 मिशन के क्रियान्वयन पर जोर दिया है। जल्द ही प्रदेश में किसान कल्याण के लिये मिशन भी प्रारंभ होने वाला है। वर्तमान में किसानों के कल्याण की विभिन्न योजनाएँ संचालित हो रही है।
भोपाल। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने माँ नर्मदा जयंती की समस्त प्रदेशवासियों को हार्दिक बधाई और शुभकामनाएं दी हैं। उन्होंने कहा कि माँ नर्मदा के अविरल प्रवाह ने मध्यप्रदेश को समृद्ध और खुशहाल बनाया है। मध्यप्रदेश की जीवन रेखा माँ नर्मदा का आशीर्वाद ऐसे ही अनवरत बरसता रहे, यही कामना है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने नर्मदा जयंती पर प्रदेशवासियों से जल और संस्कृति के संरक्षण के लिए संकल्पित होने का आव्हान किया है।
भोपाल। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि युवा वर्ग अपने सपनों को साकार करने के लिए आगे बढ़े। राज्य सरकार हरसंभव सहयोग प्रदान करने के लिए तत्पर है। इस क्रम में कल 5 फरवरी को सभी पात्र निर्धारित विद्यार्थियों को स्कूटी प्रदान की जाएगी। युवा वर्ग अपनी प्रावीण्यता का लाभ ले और अपने साथियों के लिए भी प्रेरणा का स्त्रोत बनें, इस उद्देश्य से यह उपक्रम किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि युवा न केवल उद्यमी बनें अपितु सब प्रकार से सक्षम भी बनें और अपने लक्ष्य प्राप्ति में सफल हों।
भोपाल। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने पूर्वोत्तर राज्यों से भारत एकात्मता यात्रा पर आए विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि मध्यप्रदेश केवल भौगोलिक दृष्टि से ही नहीं, बल्कि सांस्कृतिक रूप से भी देश की एकता और अखंडता को दर्शाता है। उन्होंने प्रदेश की सांस्कृतिक विरासत और राष्ट्रप्रेम की भावना को रेखांकित करते हुए विद्यार्थियों को इस विविधता का सम्मान करने और भारतीय संस्कृति को आत्मसात करने की प्रेरणा दी।
भोपाल। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने हाल ही में पेश केन्द्रीय बजट में मध्यप्रदेश के लिए रेलवे सुविधाओं के लिए 14 हजार 745 करोड़ रुपए के बजट आवंटन के लिए प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी और केन्द्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव का आभार व्यक्त कर मध्यप्रदेश के नागरिकों की ओर से धन्यवाद दिया है।
भोपाल। राज्यपाल मंगुभाई पटेल ने गोपाल भार्गव को राजभवन में विधानसभा के प्रोटेम स्पीकर की शपथ दिलाई। शपथ ग्रहण समारोह का गरिमामय आयोजन राजभवन के दरबार हॉल में किया गया था। समारोह में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव, उप-मुख्यमंत्री जगदीश देवड़ा, उप-मुख्यमंत्री राजेन्द्र शुक्ल भी मौजूद थे।
भोपाल। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास और सबका प्रयास के मंत्र को साकार कर जनता की जिन्दगी बदलना ही हमारी सरकार का लक्ष्य है। प्रधानमंत्री श्री मोदी के नेतृत्व में जन-सामान्य ने अपना विश्वास व्यक्त किया है, उनके नेतृत्व में विकास की प्रक्रिया जारी है। विकास और जनकल्याण के लक्ष्य को संकल्प पत्र-2023 के अनुरूप धरातल पर उतारना हमारा उद्देश्य है। सभी विभाग संकल्प पत्र के सभी वादों, संकल्पों और घोषणाओं की पूर्ति का काम मिशन मोड में आरंभ कर समय-सीमा में लक्ष्य प्राप्ति सुनिश्चित करें।