बजट पेश करने से पहले मोदी सरकार को अर्थव्यवस्था के मोर्चे पर एक और खुशखबरी मिली है. विश्व बैंक ने 2018 में भारत की विकास दर 7.3 फीसदी रहने का अनुमान लगाया है. बैंक ने अपनी रिपोर्ट में इसके अगले दो सालों में भारत की अर्थव्यवस्था 7.5 फीसदी की दर से बढ़त का अनुमान लगाया है. अगले 10 सालों में भारत की विकास दर 7 फीसदी के आसपास रहेगी. विश्व बैंक ने कहा है कि 2018 में भारत चीन को पीछे छोड़ देगा.
देश में निर्यात संवर्धन और आर्थिक वृद्धि की दृष्टि से माल पहुंचाने की अच्छी लॉजिस्टिक्स सुविधाओं के मामले में गुजरात अव्वल राज्य है. वाणिज्य मंत्रालय की आज जारी एक रपट में यह निष्कर्ष सामने आया है. वाणिज्य मंत्रालय की रपट के मुताबिक ( विभिन्न राज्यों में लॉजिस्टिक्स सुगमता) सूचकांक के अनुसार गुजरात 22 राज्यों के बीच प्रथम स्थान और जम्मू-कश्मीर अंतिम स्थान पर है.
रिलायंस जियो ने नए साल के उपलक्ष्य में अपने उपभोक्ताओं को लुभाने के लिए बाजार में नए ऑफर उतारे हैं। कंपनी ने अपने ‘हैपी न्यू ईयर 2018 ऑफर’ के तहत नया प्लान लॉन्च किया है। इसके तहत ग्राहकों को 50 फीसदी ज्यादा डेटा या 50 रुपए सस्ता रीचार्ज पैक दिया जाएगा। यानी अब 199 रुपए का रीचार्ज पैक 149 रुपए में कराया जा सकेगा। इसकी वैधता 28 दिन होगी। इसमें उपभोक्ताओं को प्रतिदिन एक जीबी डेटा मिलेगा। अगर उपभोक्ता 198 रुपए का रीचार्ज कराएंगे तो उन्हें 28 की जगह 42 जीबी डेटा (28 दिनों के लिए) मिलेगा।
भारतीय स्टेट बैंक ने नये साल की शुरुआत अपने ग्राहकों को ब्याज दरों में कटौती का तोहफा देकर की. लेकिन तोहफे मिलने का दौर यहीं खत्म नहीं हुआ है. एसबीआई अब आपको एक और बड़ा तोहफा दे सकता है. इसकी बदौलत आप न सिर्फ बैंक में कम पैसे रख पाएंगे, बल्कि चार्ज देने से भी बच जाएंगे.
हाल ही में आई एक रिपोर्ट के मुताबिक एसबीआई ने पिछले साल मिनिमम बैलेंस चार्ज के तौर पर 1771 करोड़ रुपये वसूले. चार्जेज की ये रकम बैंक की एक तिमाही के नेट प्रोफिट से भी ज्यादा थी.
भारतीय स्टेट बैंक ने नये साल की शुरुआत अपने ग्राहकों को ब्याज दरों में कटौती का तोहफा देकर की. लेकिन तोहफे मिलने का दौर यहीं खत्म नहीं हुआ है. एसबीआई अब आपको एक और बड़ा तोहफा दे सकता है. इसकी बदौलत आप न सिर्फ बैंक में कम पैसे रख पाएंगे, बल्कि चार्ज देने से भी बच जाएंगे.
हाल ही में आई एक रिपोर्ट के मुताबिक एसबीआई ने पिछले साल मिनिमम बैलेंस चार्ज के तौर पर 1771 करोड़ रुपये वसूले. चार्जेज की ये रकम बैंक की एक तिमाही के नेट प्रोफिट से भी ज्यादा थी.
चेन्नई। कन्फेडरेशन ऑफ रियल एस्टेट डेवलपर्स एसोसिएशन ऑफ इंडिया (क्रेडाई) ने आज कहा कि उत्पादन लागत बढ़ने की वजह से संपत्ति की कीमतें बढ़ने की संभावना है।
क्रेडाई चेन्नई के अध्यक्ष सुरेश कृष्ण ने कहा कि कच्चे माल जैसे कि रेत, जो पहले 35 रुपए घनफुट में उपलब्ध थी, आज उसका दाम 135 रुपए घनफुट पर पहुंच गया है। वहीं सीमेंट के बैग का दाम 270 रुपए बढ़कर 330 रुपए हो गया है। कृष्ण ने कहा कि हमारा मानना है कि कच्चे माल की लागत बढ़ने की वजह से संपत्ति कीमतों में बढ़ोतरी तय है।
यदि आपका खाता पंजाब नेशनल बैंक (PNB) में है तो यह खबर आपके लिए है. यह खबर आपको परेशान कर सकती है. दरअसल पीएनबी अपनी देशभर में मौजूद शाखाओं को तर्कसंगत बनाने का काम तेजी से कर रही है. इसके तहत पीएनबी ने अपनी 300 शाखाओं को निगरानी में डाल दिया है. इन शाखाओं पर सख्ती करते हुए कहा गया है कि या तो वे अपनी स्थिति में सुधार करें अथवा बंदी या विलय के लिए तैयार रहें. यदि पीएनबी ने इस योजना को क्रियान्वित किया तो आपका जिस ब्रांच में खाता है वह बंद हो सकती है या फिर आपके घर से दूर हो सकती है.
दिल्ली में आबकारी विभाग सीज की गई 450 गाड़ियों की नीलामी करने वाला है. ये सभी गाड़ियां अवैध शराब के साथ पकड़ी गई थी. इन गाड़ियों में दो साल पुरानी एक 80 लाख की मर्सिडीज बेंज (ई-350) भी शामिल है. जिसकी ऑनलाइन नीलामी होने जा रही है.
इसके अलावा टोयोटा कोरोला, होंडा सीआरवी, होंडा सिटी और इनोवा सहित कई अन्य महंगी कारें भी नीलाम होने वाली हैं. बताया जा रहा है कि इन कारों पर बोली पांच लाख से शुरु होगी.
सोने के भाव में पिछले पांच दिन से जारी तेजी पर शुक्रवार (29 दिसंबर) को ब्रेक लग गया. स्थानीय आभूषण निर्माताओं की मांग कमजोर पड़ने से सोने का भाव 25 रुपये गिरकर 30,225 रुपये प्रति दस ग्राम रह गया. हालांकि, औद्योगिक इकाइयों की मांग बढ़ने से चांदी 200 रुपये चढ़ गई. चांदी के सिक्का बनाने वालों और औद्योगिक इकाइयों की मांग बढ़ने से चांदी हाजिर भाव 200 रुपये बढ़कर 39,700 रुपये किलो पर पहुंच गया.
सरकार अगले 3 महीनों में और 50000 करोड़ रुपये का कर्ज लेगी. सरकार ने बुधवार को इस संबंध में जानकारी जारी की है. सरकार ये कर्ज इसलिए ले रही है ताकि अलग-अलग योजनाओं की फंडिंग से जुड़े खर्चों और ब्याज का भुगतान किया जा सके. सरकार ये कर्ज निश्चित समय वाली सिक्योरिटीज़ के माध्यम से ले रही है. इसकी एक अहम वजह सरकारी राजस्व की वसूली में आई कमी है और जुलाई में लागू होने के बाद से ही जीएसटी की वसूली में कमी आ रही है.