श्रद्धेय सुंदरलाल पटवा जी को मैंने 1974 के उपचुनाव में पहली बार देखा। उनके चेहरे पर तेज और वाणी में ओज था। उनके भाषण ने मुझे बहुत प्रभावित किया। पटवा जी कुशल संगठक, प्रभावी जननेता और अद्भुत वक्ता थे। उनकी भाषण शैली के सभी कायल थे। विधानसभा में जब वो बोलते थे तो पिन ड्राप साइलेंस हो जाता था।...
राज्य सरकार के दृढ़ संकल्प और कुशल नीतियों से प्रदेश में तकनीकी शिक्षण संस्थाओं की संख्या एवं प्रवेश क्षमता में प्रभावी बढ़ोत्तरी हुई है। वर्ष 2005 की तुलना में पिछले वित्त वर्ष तक बी.ई. में लगभग पाँच सौ और डिप्लोमा पाठ्यक्रम में चार सौ प्रतिशत विद्यार्थियों की संख्या बढ़ी है।...
प्रचीन काल से ही भारत में कुटीर उद्योगों का महत्वपूर्ण योगदान रहा है। सहिष्णु भारत की संस्कृति में विदेशी शासकों के हस्तक्षेप ने इसको धूमिल तो किया, परंतु यह नष्ट नहीं हो पायी।...
मध्यप्रदेश में चिकित्सा शिक्षा के क्षेत्र का विस्तार पिछले 11 वर्ष में महत्वपूर्ण रहा है। जहाँ एक ओर अस्पतालों के हालात में आमूल-चूल परिवर्तन आया है, वहीं चिकित्सा शिक्षा बेहतर हुई है...
स्वाधीनता संग्राम के दस्तावेजीकरण और आजादी के संघर्ष के आदर्शों, बलिदानों, प्रेरक विचारों को समाज के बीच पहुँचाने एवं स्वाधीनता संग्राम में आदिवासियों की भागीदारी, जनजातीय चेतना और संघर्ष को शिद्दत के साथ रेखांकित करने में मध्यप्रदेश देश में अव्वल स्थान पर काबिज है।...
मध्यप्रदेश में भूमि, खनिज, मेन पावर की उपलब्धता और आवागमन की सुविधा से निवेश का माहौल न केवल बना है बल्कि युवाओं को रोजगार के नये अवसर सुलभ करवाने में सफलता हासिल हुई है।...
याद करिये 11-12 साल पहले के उस दौर को जब आप बाजार से घर लौट रहे होते थे या आपके यहाँ शादी-ब्याह, बर्थ-डे मनाया जा रहा होता था अथवा आपका बच्चा परीक्षा की अंतिम तैयारी कर रहा होता था कि अचानक बिजली चली जाती थी।...
पिछले 11 साल में मध्यप्रदेश में मछली-पालन रोजगार का सशक्त जरिया बनकर उभरा है। यहाँ जल-क्षेत्र बढ़ने के साथ मत्स्य और मत्स्य-बीज उत्पादन में अभूतपूर्व वृद्धि हुई है।...