देश की आजादी और फिर राज्य का गठन जैसी घटनाओं का साक्ष्य इतिहास के रूप में हमारे सामने उपस्थित रहा है। जल के बिना जीवन की कल्पना नहीं की जा सकती है। कल, आज और कल के पूरे परिदृश्य में जल प्रत्येक जीव की पहली जरूरत रही है। कालांतर में ग्रामीण आबादी की पेयजल व्यवस्था के स्रोत कुआँ, बाबड़ी, तालाब, पोखर और नदियाँ जरूर रहे हैं, लेकिन परिवार की जल व्यवस्था की जिम्मेदारी हमारी आधी आबादी (महिलाओं) पर ही रही है। पानी के स्त्रोत कितनी भी दूर हों और मौसम कैसा भी दुष्कर, पर पानी लाने का काम माँ, बहन, बहू और बेटियों को ही करना होता था।
विद्युत एक महत्वपूर्ण कार्य क्षेत्र है। वर्ष 2003-04 में जब हमारी सरकार सत्ता में आई, उस समय प्रदेश में बिजली की स्थिति अत्यंत दयनीय थी। आये दिन विद्युत कटौती होती थी एवं उद्योगों और कृषकों को भी नियमित विद्युत प्रदाय नहीं हो पा रहा था। उस समय हमारी सरकार ने प्रदेश के विद्युत क्षेत्र में सुधार को एक चुनौती के रूप में लिया और न केवल प्रदेश को बिजली के क्षेत्र में आत्म-निर्भर बनाया, अपितु विद्युत आधिक्य वाले राज्य के रूप में भी स्थापित किया।
संभावनाशील और अद्भुत प्रदेश मध्यप्रदेश के नागरिक होने का हमें गर्व है। मध्यप्रदेश के 67वें स्थापना दिवस पर सभी नागरिकों को हार्दिक बधाई और शुभकामनाएँ। मध्यप्रदेश ने विकास और समृद्धि की एक लंबी यात्रा तय की है। इस यात्रा में हर वर्ग के नागरिकों का सहयोग और योगदान रहा है। विकास की इस यात्रा में नागरिकों ने कई चुनौतियों का सफलतापूर्वक सामना किया और सरकार के सहयोग से नए रास्ते और नए विकल्प खोज लिए। प्रदेश का स्थापना दिवस हमारे लिए एक उत्सव है।
प्रदेश के साढ़े 4 लाख परिवारों का दीपावली के पहले अपने आवास का सपना साकार होने जा रहा है। इन ग्रामीण परिवारों को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी धनतेरस के दिन प्रधानमंत्री आवास योजना में आवास की सौगात देते हुए वर्चुअल गृह-प्रवेश करवायेंगे। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान गृह-प्रवेशम के राज्य स्तरीय कार्यक्रम में सतना से शामिल होंगे। कार्यक्रम का शुभारंभ 22 अक्टूबर को अपरान्ह 3 बजे होगा।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा 11 अक्टूबर को उज्जैन में ‘’श्री महाकाल लोक’’ के लोकार्पण की घटना राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय महत्व की है। भारत के धार्मिक और आध्यात्मिक पर्यटन के नक्शे पर उज्जैन एक प्रमुख स्थल के रूप में दर्ज होने जा रहा है। हाल ही में केन्द्र सरकार द्वारा नई पर्यटन नीति का मसौदा तैयार किया गया है, जिसमें धार्मिक और आध्यात्मिक पर्यटन से निवेश में वृद्धि और रोजगार के अवसर बढ़ाने का उल्लेख है। मध्यप्रदेश इस दिशा में पहल कर अग्रणी प्रांत बना है।
11 अक्टूबर को पूरा मध्यप्रदेश शिवमय होने जा रहा है। अवसर होगा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा प्रदेश की संस्कारधानी ऐतिहासिक, पौराणिक धार्मिक नगरी उज्जैन में श्री महाकाल लोक का लोकार्पण। उज्जैन में "श्री महाकाल लोक" के साथ ही पूरे प्रदेश में गाँव-गाँव, शहर-शहर देवालयों में बड़ी संख्या में लोग एकत्रित होकर शिव भजन, पूजन, कीर्तन, अभिषेक, आरती करेंगे। शंख-ध्वनि होगी, घंटे-घड़ियाल बजाए जाएंगे।
भगवान श्रीकृष्ण की शिक्षा स्थली, प्राचीन काल-गणना, ज्योतिष, संस्कृति का केन्द्र, महाकवि कालिदास एवं सम्राट विक्रमादित्य की गौरवशाली नगरी का प्राचीन वैभव अब नए स्वरूप "श्री महाकाल लोक" में अवतरित होने जा रहा है। पौराणिक नगरी उज्जैन के वैभव, परंपराओं, धार्मिक, सांस्कृतिक, ऐतिहासिक महत्व को पूरी तरह ध्यान में रखते हुए राज्य शासन ने श्री महाकाल क्षेत्र के समग्र विकास के लिए प्रभावी विकास योजना बनाई, जो मूर्तरूप ले रही है।
भोपाल। संचालक किसान-कल्याण एवं कृषि विकास विभाग और अध्यक्ष नेशनल कोएलीशन फॉर नेचुरल फार्मिंग (एनसीएनएफ) के मध्य आज अधिक प्राकृतिक खेती को और बढ़ावा देने के लिये एमओयू साइन हुआ। संचालक कृषि प्रीति मैथिल ने कहा हैकि प्राकृतिक खेती के प्रति किसानों को जागरूक करने और खेती की लागत में कमी लाकर उनकी आय में वृद्धि करने में एमओयू कारगर साबित होगा। एनसीएनएफ के अध्यक्ष मीर शाह ने कहा कि मध्यप्रदेश प्राकृतिक खेती के क्षेत्र में देश में अग्रणी राज्य है।
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का देश की ग्रामीण आबादी के लिए राष्ट्रीय जल जीवन मिशन ऐसा वरदान है जो इनकी पेयजल की कठिनाइयों को पूरी तरह दूर कर देगा। आजादी के बाद श्री मोदी ऐसे पहले प्रधानमंत्री हैं, जिन्होंने ग्रामीण परिवारों की पेयजल व्यवस्था की बड़ी कठिनाई को समझा, उस पर गंभीरता से चिंतन किया और निदान के लिये जल जीवन मिशन को मूर्तरूप दिया।
भोपाल। सभी वन्य जीवों में बाघ को विशाल हृदय वाला संभ्रांत प्राणी माना जाता है। यह गर्व की बात है कि देश में सबसे ज्यादा बाघ मध्यप्रदेश में है और मध्यप्रदेश को बाघ प्रदेश का दर्जा मिला है। अंतर्राष्ट्रीय बाघ दिवस 29 जुलाई मध्यप्रदेश के लिये विशेष महत्व का दिन है।