भाद्रपद मास के शुक्ल पक्ष, रविवार 23 सितंबर को अनन्त चतुर्दशी है। वहीं पितृपक्ष भी इसी सप्ताह से शुरू हो रहे है। यहां पढ़ें इस सप्ताह के व्रत और त्योहार:
भाद्रपद से विचित्र रिश्ता
पंडित दीपक पांडे ने बताया है कि महाभारत काल से पूर्व भाद्रपद को हिंदी कैलेंडर के अनुसार अच्छा महीना नहीं माना जाता था। इसी कारण इस महीने में शुभ कार्य जैसे ग्रह प्रवेश आैर शादी विवाह जैसे शुभ कार्य नहीं होते परंतु श्री कृष्ण जन्माष्टमी आैर इस माह की गणेश चर्तुथी आैर गणेशोत्सव के कारण ये शुद्घ हुआ आैर इसका महत्व बढ़ा। इसके साथ जन्माष्टमी को अबूझ मुहूर्त, यानि जिस पर बिना पत्रा विचारे, शुभ कार्य किया जा सके माना जाता है। श्री कृष्ण के लौकिक पिता वसुदेव को विशुद्घ चित्त आैर माता देवकी को निष्काम बुद्घि का प्रतीक माना जाता है, जिनके मिलन से भगवान अवतरित होते हैं।
भादों के महीने में होता है पर्व
हरछठ जिसे हलषष्ठी भी कहते हैं का व्रत भाद्रपद माह के कृष्ण पक्ष की षष्ठी तिथि को मनाया जाता है। यह पर्व भगवान श्रीकृष्ण के ज्येष्ठ भ्राता श्री बलरामजी के जन्मोत्सव के रूप में मनाया जाता है। बलरामजी का प्रधान शस्त्र हल तथा मूसल है, इसी लिए उन्हें हलधर भी कहा जाता है, आैर इसी कारण इस पर्व को 'हलषष्ठी या हरछठ' कहते हैं। वैसे भारत के पूर्वी हिस्सों में इसे 'ललई छठ' के नाम से भी जाना जाता है। इस दिन विशेष रूप से हल की पूजा करने आैर महुए की दातून करने की परंपरा है।
भगवान श्रीकृष्ण का पूरा जीवन उनकी लीलाओं से भरा पड़ा है, जिसके कारण उनका व्यक्तित्व उतना ही मनमोहक लगता है। लेकिन मनमोहक के साथ इनका पूरा जीवन रहस्यों से भी भरा पड़ा है। आज हम आपको उनके बारे में एेसी ही कुछ रहस्यमयी बातों के बारे में बताने जा रहे हैं, जिसे शायद कोई नहीं जानता होगा।
हजरत इब्राहिम की कुर्बानी की याद में मनाते हैं
मेष: रचनात्मक प्रयास फलीभूत होंगे। यात्रा देशाटन की स्थिति सुखद व उत्साहवर्धक होगी। पारिवारिक जीवन सुखमय होगा। आर्थिक पक्ष मजबूत होगा। दूसरे से सहयोग लेने में सफलता मिलेगी।
भोपाल। मध्य प्रदेश में नवंबर-दिसंबर के बीच होने वाले विधानसभा चुनाव को लेकर कांग्रेस को भाजपा हल्के में नहीं ले रही है। गुजरात चुनाव से सबक लेते हुए पार्टी का मानना है कि मुकाबला कड़ा होगा। गुजरात में न मजबूत संगठन था न ही कोई बड़ा नेता फिर भी 80 सीटें जीती थीं। मध्य प्रदेश में तो कांग्रेस के पास कई नेता हैं। संगठन और जनाधार भी है, जिसे कम आंकना ठीक नहीं।
रक्षाबंधन का पावन पर्व बहुत ही शुभ माना जाता है। यह खास पर्व भाई-बहन के प्यार और रिश्ते में विश्वास का प्रतीक माना जाता है। रक्षाबंधन के इस अवसर पर कुछ विशेष पूजन किया जाता है और कई क्षेत्रों में रक्षाबंधन के दिन ग्रह दोष निवारण संबंधी उपाय भी किए जाते हैं। रक्षाबंधन के इस पवित्र दिन बहन अपने भाई की कलाई पर रक्षासूत्र बांधती है और उससे रक्षा का वचन मांगती है। वही भाई भी उसे रक्षा का वचन देता है। लेकिन क्या आप जानते हैं इस दिन कुछ उपाय किए जा सकते हैं जिनसे भाई-बहन के बीच प्यार के साथ-साथ अपार धन की प्राप्ति हो। आइए लाल किताब के अनुसार आपको बताते हैं ऐसे ही कुछ आसान से उपाय जो भाई बहनों के बीच प्यार तो बढ़ाएगा ही धन भी बढ़ाने में आपकी मदद करेगा और आपको मालामाल बना देगा। तो रक्षाबंधन के दिन करें ये आसान उपाय...
सावन माह का यह शनिवार सभी के लिए अनेक शुभ संयोग लेकर आया हैं, खास इसलिए भी है कि इस दिन अमावस्या भी है और शनिवार को है तो इसका महत्व और भी बढ़ जाता है, अगर कोई व्यक्ति बेरोजगार है, नौकरी नहीं मिल रही है, या किसी व्यापार को करने की कोई सही राह नहीं मिल रहा हो तो परेशान होने की जरूरत नहीं इस शनिवार यानि की 11 अगस्त को इस टोटका को एक बार जरूर आजमाएं आपकी नौकरी नौकरी संबंधित समस्या दूर हो जायेगी ।
Sawan Shivaratri 2018: सावन का महीना भगवान शिव को समर्पित माना गया है। कहा जाता है कि सावन में शिव की आराधना करने से वे बड़ी जल्दी प्रसन्न हो जाते हैं। और अपने भक्तों की मनोकामनाओं को पूरा करते हैं। इन सबके बीच सावन महीने में पड़ने वाली शिवरात्रि अपना खास महत्व रखती है। कहा जाता है कि जो व्यक्ति श्रद्धाभाव से शिवरात्रि के दिन शिव जी की आराधना करता है, उस पर उनकी कृपा बरसती है। मालूम हो कि शिवरात्रि की महत्ता शास्त्रों में भी बताई गई है। शास्त्रों के अनुसार शिव जी को प्रसन्न करने का सबसे आसान तरीका है कि सावन माह में उनकी पूजा-अर्चना की जाए। इसके भी आसान तरीका शिवरात्रि पर उनका जलाभिषेक करना बताया गया है।