आप सभी को बता दें कि कल यानी 22 दिसंबर को मार्गशीर्ष पूर्णिमा यानि अगहन पूर्णिमा है. जी हाँ, यह पूर्णिमा बहुत ख़ास मानी जाती है और इस दिन का महत्व सबसे ख़ास बताया जाता है. कल सभी जगह अन्नपूर्णा जयंती मनाई जाने वाली है. कहा जाता है मां पार्वती का ही एक रूप अन्नपूर्णा है और माँ अन्नपूर्णा को अन्न की देवी कहा जाता है. ऐसे में शास्त्रों में कहा गया है कि जो व्यक्ति अन्नपूर्णा जयंती पर श्रद्धापूर्वक माँ अन्नपूर्ण की पूजा- उपासना करता है उसको कभी भी अन्न की कमी नहीं होती है.
दीप दर्शन
प्रातकाल स्नान करके जब गणेश जी का पूजन करें तो सबसे पहले उन्हें दीप दर्शन करायें और इस मंत्र का पाठ करें-
सोमवार को शिव पूजन की विधि
सुख, शांति और विवाह की कामना
सोमवार को होती है शिव पूजा
खत्म भी होता है शनि का प्रभाव
शिव-पार्वती के विवाह में पुत्र गणेश की पूजा
54 साल बाद आया है ये योग
प्रकाश पर्व का अर्थ