भोपाल में घर में घुसकर कुत्ते ने बच्चे पर किया हमला, 8 साल का इब्राहिम घायल
भोपाल। राजधानी भोपाल के शाहजहांनाबाद क्षेत्र में आवारा कुत्ते के हमले में आठ वर्षीय बच्चा गंभीर रूप से घायल हो गया। नूर महल स्थित लाल मस्जिद रोड पर 16 अक्टूबर को हुई इस घटना में कुत्ते ने घर में घुसकर बच्चे के चेहरे पर हमला कर दिया। घायल बच्चे को उपचार के लिए हमीदिया अस्पताल ले जाया गया, जहां उसकी सर्जरी की गई।
चेहरे पर चार जगह गंभीर चोटें
मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, घायल बच्चे की पहचान इब्राहिम के रूप में हुई है। बताया गया है कि कुत्ते ने उसके चेहरे पर चार जगह गहरे घाव कर दिए। परिजन उसे तुरंत अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां डॉक्टरों ने सर्जरी की। बच्चे के मामा फैजान के मुताबिक, इब्राहिम का पिछले पांच दिनों से इलाज चल रहा था। डॉक्टरों ने जरूरत पड़ने पर दोबारा ऑपरेशन किए जाने की संभावना भी बताई है।
इलाके में कुत्तों के झुंड से लोगों में चिंता
स्थानीय निवासियों का कहना है कि क्षेत्र में आवारा कुत्तों की संख्या बढ़ने से लोगों को घर से निकलने में परेशानी हो रही है। रहवासियों ने दावा किया कि पांच दिनों के भीतर इलाके में करीब 15 लोगों को कुत्ते काट चुके हैं। सुबह मस्जिद जाने वाले लोगों और स्कूल आने-जाने वाले बच्चों को भी खतरे का सामना करना पड़ रहा है।
स्थानीय निवासी वासिद खान ने बताया कि कुत्तों के कारण बच्चों को स्कूल भेजने में भी परेशानी हो रही है। वहीं, हनीफ खान के अनुसार, इलाके में 50 से अधिक आवारा कुत्ते घूम रहे हैं। हालांकि, ये आंकड़े स्थानीय निवासियों के दावे हैं।
नगर निगम से कार्रवाई की मांग
रहवासियों का आरोप है कि आवारा कुत्तों की समस्या को लेकर विधायक आतिफ अकील, वार्ड पार्षद और नगर निगम अधिकारियों से शिकायत की गई, लेकिन उन्हें अपेक्षित राहत नहीं मिली। स्थानीय लोगों ने कुत्तों को पकड़ने और क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था बेहतर बनाने की मांग की है।
नसबंदी पर करोड़ों खर्च, फिर भी समस्या बरकरार?
रिपोर्ट में नगर निगम सूत्रों के हवाले से भोपाल में लगभग 1.25 लाख स्ट्रीट डॉग्स होने का अनुमान बताया गया है। आवारा कुत्तों की नसबंदी के लिए नगर निगम हर साल तीन करोड़ रुपये से अधिक खर्च करता है। चालू वित्तीय वर्ष के लिए इस मद में 3.30 करोड़ रुपये का बजट बताए जाने के बावजूद हमलों की घटनाओं को लेकर सवाल उठ रहे हैं।
इस घटना के बाद बच्चों और अन्य नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने तथा आवारा कुत्तों की समस्या के समाधान के लिए प्रभावी कदम उठाने की मांग फिर तेज हो गई है।












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