इंदौर के हेड कांस्टेबल की 46 संपत्तियों की जांच, ₹65 करोड़ का मामला
इंदौर। मध्यप्रदेश के इंदौर में पुलिस ट्रेनिंग कॉलेज में पदस्थ हेड कांस्टेबल चालक फिरोज खान से जुड़े कथित आय से अधिक संपत्ति के मामले में जांच का दायरा बढ़ गया है। लोकायुक्त पुलिस की पड़ताल में अब तक 46 अचल संपत्तियों की जानकारी सामने आने की बात कही गई है। इन संपत्तियों का अनुमानित बाजार मूल्य करीब 65 करोड़ रुपये बताया गया है। मामले की निगरानी भोपाल स्थित लोकायुक्त मुख्यालय से की जा रही है।
परिवार और परिचितों के नाम दर्ज संपत्तियों की पड़ताल
जांच एजेंसी यह पता लगाने में जुटी है कि संबंधित संपत्तियां किन लोगों और संस्थाओं के नाम पर खरीदी गईं तथा उनके लिए धन कहां से आया। जांच में फिरोज खान के परिवार के सदस्यों, परिचितों और उनसे जुड़ी व्यावसायिक संस्थाओं के नाम पर दर्ज संपत्तियों की जानकारी सामने आई है। हालांकि, किसी व्यक्ति के नाम पर संपत्ति दर्ज होना अपने आप में अपराध साबित नहीं करता। अंतिम निष्कर्ष जांच और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर ही निकलेगा।
जमीन के सौदों और स्टाम्प ड्यूटी की जांच
लोकायुक्त की पड़ताल में जमीनों की खरीद-फरोख्त से जुड़े दस्तावेजों की भी जांच की जा रही है। अधिकारियों का ध्यान रजिस्ट्री में दर्ज कीमत, संपत्ति के अनुमानित बाजार मूल्य और जमा की गई स्टाम्प ड्यूटी के बीच संभावित अंतर पर है। एजेंसी यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि कहीं किसी लेन-देन में नियमों का उल्लंघन तो नहीं हुआ।
स्कीम-94 की संपत्ति पर भी ध्यान
जांच के दौरान इंदौर की स्कीम-94 स्थित एक संपत्ति के लेन-देन को महत्वपूर्ण माना जा रहा है। इसके अलावा मगरखेड़ा की कस्तूरी बाई से संबंधित जमीन के दस्तावेजों की भी पड़ताल की जा रही है। इस जमीन के क्रय-विक्रय और उससे जुड़े कानूनी रिकॉर्ड की जांच जारी है। फिलहाल इन मामलों में किसी अनियमितता को अंतिम रूप से प्रमाणित मानना उचित नहीं होगा।
रजिस्ट्रियों में गवाह और कंपनियों की भूमिका
जांचकर्ताओं को कुछ संपत्तियों की रजिस्ट्रियों में फिरोज खान के गवाह के रूप में दर्ज होने की जानकारी मिली है। अधिकारी यह स्पष्ट करने की कोशिश कर रहे हैं कि इन सौदों में उनकी भूमिका क्या थी। साथ ही, उनसे जुड़ी व्यावसायिक फर्मों के नाम पर खरीदी गई संपत्तियों और उनमें इस्तेमाल किए गए धन के स्रोत की भी जांच की जा रही है।
जांच पूरी होने के बाद सामने आएगी स्थिति
लोकायुक्त पुलिस संपत्तियों के स्वामित्व, वित्तीय लेन-देन और संबंधित लोगों की भूमिका से जुड़े दस्तावेजों की समीक्षा कर रही है। जांच के दौरान नए तथ्य सामने आने पर संपत्तियों की सूची और अनुमानित मूल्य में बदलाव संभव है। मामले में आरोपों की पुष्टि और जिम्मेदारी तय करने का निर्णय जांच के निष्कर्षों तथा कानूनी प्रक्रिया के आधार पर ही होगा।












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