MP में 9 शहीद पुलिसकर्मियों के परिवारों को ₹1-1 करोड़
भोपाल। मध्यप्रदेश में कर्तव्य निभाते हुए जान गंवाने वाले नौ पुलिसकर्मियों के परिवारों को पुलिस स्मृति दिवस के अवसर पर सम्मानित किया गया। राज्य सरकार की ओर से प्रत्येक परिवार को एक करोड़ रुपये की आर्थिक सहायता, अनुकंपा नियुक्ति और अन्य पात्र लाभ दिए जाने की व्यवस्था है। ये पुलिसकर्मी सितंबर 2025 से अगस्त 2026 के बीच अलग-अलग घटनाओं में शहीद हुए थे।
मुख्यमंत्री ने दी श्रद्धांजलि
भोपाल के लाल परेड मैदान में आयोजित पुलिस स्मृति दिवस समारोह में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव जी ने शहीद पुलिसकर्मियों को श्रद्धांजलि अर्पित की। इस अवसर पर उन्होंने देश और प्रदेश की आंतरिक सुरक्षा में पुलिस बल के योगदान को याद किया। सरकार ने शहीदों के परिवारों को आर्थिक सहायता के साथ अन्य सुविधाएं उपलब्ध कराने की बात कही।
सहायता राशि के बंटवारे को लेकर अहम फैसला
मुख्यमंत्री ने बताया कि एक करोड़ रुपये की सहायता राशि में से 50 प्रतिशत पत्नी और 50 प्रतिशत माता-पिता को देने का निर्णय लिया गया है। इस व्यवस्था का उद्देश्य शहीद पुलिसकर्मियों के परिवार के सदस्यों को सहायता राशि का लाभ उपलब्ध कराना है।
नक्सलियों से मुठभेड़ में शहीद हुए निरीक्षक आशीष शर्मा
सम्मानित किए जाने वाले पुलिसकर्मियों में निरीक्षक आशीष शर्मा शामिल हैं, जिन्होंने छत्तीसगढ़ के जंगलों में नक्सलियों के साथ मुठभेड़ के दौरान अपनी जान गंवाई थी। उनका बलिदान नक्सल विरोधी अभियान में पुलिसकर्मियों के सामने आने वाले जोखिमों को दर्शाता है।
उज्जैन में लापता बच्ची की तलाश के दौरान हादसा
उज्जैन जिले के उन्हेल थाने में पदस्थ उपनिरीक्षक आलोक शर्मा, सहायक उपनिरीक्षक मदनलाल निनामा और आरक्षक आरती पाल की सितंबर 2025 में शिप्रा नदी में डूबने से मौत हो गई थी। तीनों 14 वर्षीय लापता बच्ची की तलाश में मिले सुराग के आधार पर जा रहे थे, तभी उनकी कार नदी में गिर गई।
सड़क हादसों में भी गई पुलिसकर्मियों की जान
ड्यूटी के दौरान सड़क दुर्घटनाओं में जान गंवाने वालों में उमरिया के प्रधान आरक्षक ओमप्रकाश भावेदी, राजगढ़ के प्रधान आरक्षक सर्जन सिंह भील, सतना के आरक्षक विकास चतुर्वेदी और शहडोल के आरक्षक महेश पाठक शामिल हैं। सागर जिले में बांदरी के पास राष्ट्रीय राजमार्ग-44 पर बम निरोधक दस्ते और डॉग स्क्वॉड की वैन की ट्रक से टक्कर में प्रधान आरक्षक परिमल सिंह तोमर की भी मृत्यु हुई थी।
परिवारों को सहायता और अनुकंपा नियुक्ति
राज्य सरकार ने वर्ष 2017 में ड्यूटी के दौरान जान गंवाने वाले पुलिसकर्मियों के परिवारों को एक करोड़ रुपये की सहायता देने की व्यवस्था घोषित की थी। इसके अतिरिक्त पात्र परिवारों को अनुकंपा नियुक्ति और अन्य लाभ दिए जाते हैं। पुलिस स्मृति दिवस पर इन परिवारों का सम्मान कर्तव्य निर्वहन के दौरान सर्वोच्च बलिदान देने वाले जवानों के योगदान को याद करने का अवसर है।












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