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कटनी में दमन का काला अध्याय शुरू ...

भोपाल (एमपी मिरर)। आम आदमी की दबाई जा रही है आवाज 2003 से लगातार भारी बहुमत से जनता द्वारा चुनी जा रही भाजपा सरकार की दमकारी नीति शुरू...कटनी वासियों को आई अग्रेजो के शासन की याद...500 करोड के हवाला लेन देन मे काग्रेस से भाजपा मे जाकर मंत्री बने संजय पाठक का नाम आने के बाद ईमानदार अफसर को जिले से हटाने की कार्यवाही के विरोध मे समूचा जिला लामबंद हुआ....शहर के प्रमुख स्थान सुभाष चौक जो हमेशा अभिव्यक्ति के जाना पहचाना स्थान है पर शासन प्रशासन ने जनता की अभिव्यक्ति पर लगाया प्रतिबंध... आगे देखिये सरकार एक खदान व्यापारी से मंत्री बने नेता को बचाने के लिए कैसे आम जनता को प्रदर्शन करने से रोक रही है। आवाज़ दबा रही है। ये तो इमरजेंसी जैस माहौल बनता जा रहा है।कटनी जिला प्रशासन ने सुभाष चौक पर लगे टेंट और ध्वनि विस्तारक यंत्रों को उखाड कर 100 डायल खडी करवा दी है।...

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सीएमएचओ के संरक्षण में अवैध तरीके से संचालित हो रहे नर्सिंग होम

  • नितिन चौबे
दमोह (एमपी मिरर)। सूबे के वित्तमंत्री जयंत मलैया के गृह जिला दमोह में स्वास्थ्य विभाग का भ्रष्टाचार चरम पर है। वर्तमान में मुख्य स्वास्थ्य एवं चिकित्सा अधिकारी कार्यालय भ्रष्टाचार का गढ़ बना हुआ है। स्वास्थ्य सेवाओं के नाम पर लकदक करता जिला अस्पताल जहां एक ओर डॉक्टरों की कमी से जूझ रहा है, वहीं दूसरी ओर जिले में लगातार एक के बाद एक नए नए नर्सिंग होम अस्तित्व में आ रहे हैं। जिला अस्पताल की कमियों का फायदा उठाकर नित नए खुल रहे नर्सिंग होम्स में मरीज के परिजनों का जमकर आर्थिक शोषण किया जाता है। जिले में वर्तमान में 14 नर्सिंग होम एवं क्लीनिक विभाग में पजीकृत हैं और अनेक नर्सिंग होम बिना अनुमति के ही संचालित हो रहे हैं। मुख्य स्वास्थ्य एवं चिकित्सा अधिकारी की नाक के नीचे जिले में ऐसे नर्सिंग होम भी संचालित हैं, जो बिना रजिस्ट्रेशन के ही संचालित किए जा रहे हैं।

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आईएएस अफसर ने बदली जिले की तकदीर

  • पवन देवलिया

भोपाल (एमपी मिरर)। एक भागीरथ को भारतीय इतिहास में इसलिए जाना जाता है कि वे गंगा को इस धरती पर लाए थे। इस पुण्य कार्य को सफल बनाने के लिए भागीरथ ने अपना सारा जीवन खपा दिया था। इस पुण्य कार्य को करने के बाद उनके साथ दो चीजें हमेशा के लिए जुड़ गईं। एक तो गंगा को धरती पर लाने के बाद उनका नाम गंगाजी के साथ हमेशा के लिए जुड़ गया। इसके लिए उन्हें भागीरथी कहा जाने लगा। दूसरा यह कि जो दुनिया में उस हर असंभव कार्य को संभव कर दिखाता है, उस कार्य को करने का जो प्रयास, प्रयत्न, मेहनत करता है, उस हर कार्य को भागीरथी प्रयत्न कहा जाने लगा।

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मुख्यमंत्री के दावों की पोल खोलती स्कूल की खास रिपोर्ट...

सुरेन्द्र त्रिपाठी

उमरिया (एमपी मिरर)। यह स्कूल उमरिया जिले की शासकीय प्राथमिक शाला बेलमना है जिला मुख्यालय से 40 किलोमीटर दूर है यहाँ का हाल बेहाल है, सन 2013 में इस भवन में शाला लगना चालू हो गई शासन स्तर पर यहाँ सारी सुविधाएँ मुहैया है, यदि एजुकेशन पोर्टल पर देखा जाय तो यहाँ हैण्ड पम्प, बाउंड्री वाल सब कुछ है, लेकिन जब जमीनी हकीकत देखने पहुँचे तो वहां कुछ और ही नजर आया, देखिये ये बच्चे बोतल अपने पास रख कर बैठे हैं, इन बोतलों को देख कर पहले तो चौंक गए कि जंगल और तीन तरफ से नाले के किनारे बनी इस स्कूल में आखिर ऐसी क्या बात है कि बच्चे बोतल लेकर बैठे हैं | इन बच्चों से जब जाना गया तो पता चला कि यहाँ तो पानी ही नहीं है, कक्षा 4 का छात्र भरत यादव बताया कि पानी पीने बहुत दूर जाना पड़ता है और अगर स्कूल समय में शौच के लिए जाना पड़ गया तो बहुत दूर पानी लेने जाना पड़ता है, वहीँ कक्षा 5 की छात्राएं कुमारी नंदिनी साहू और नीतू राय बताई कि यहाँ हैण्ड पम्प नहीं है बहुत दूर से पानी लेट हैं तब पीते हैं और टायलेट में ताला लगा होने का कारन पानी का न होना बताई, नीतू राय बताई कि जब बोतल लाना भूल जाते हैं तो प्यासे रहना पड़ता है|...

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ये कैसा शिक्षा अभियान, खड़ी ट्रेन के नीचे से गुजरने को मजबूर स्कूली बच्चे

गुना (एमपी मिरर)। स्कूल चलें हम..., सर्व शिक्षा अभियान..., राष्ट्रीय साक्षरता मिशन... और पढ़ें और पढ़ाएं... जैसे अलग-अलग नाम से जिले में वर्षों से शिक्षा को बढ़ावा देने को लेकर अभियान चलाए जाते रहे हैं। यही नहीं, बच्चों को शिक्षित करने के लिए स्कूलों में भोजन, साइकिल आदि कई सुविधाएं भी मुहैया की जा रही हैं। इसके बाद भी ऐसी तस्वीर सामने आ जाती हैं, जो शिक्षा और बच्चों के बीच धुंधली सी दूरी तय कर देती है। ताजा मामला किसी गांव का नहीं बल्कि शहर के महावीरपुरा इलाके का है, जहां बच्चों को स्कूल पहुंचने के लिए पटरियां पार करना पड़ता है। मजबूरियां झेलकर शिक्षा हांसिल करने की ये तस्वीर उस वक्त और विचित्र हो जाती है, जब पटरियों पर कोई ट्रेन या मालगाड़ी खड़ी होती है और उसके नीचे से बच्चे गुजरकर स्कूल पहुंचते हैं। ऐसा नहीं है, कि बच्चों को स्कूल तक पहुंचने का वैकल्पिक रास्ता नहीं है, लेकिन तीन किमी की दूरी तय करने की वजाय वे पटरियां पार कर चंद मिनिटों में स्कूल पहुंचने का जोखिम उठाते हैं। वर्षों से महावीरपुरा क्षेत्र के स्कूली बच्चे भार्गव कालोनी स्थित निजी स्कूल पहुंचते हैं। जबकि भार्गव कालोनी के भी कुछ बच्चे इसी तरह रेलवे ट्रेक पार दूसरे छोर पर स्थित निजी और सरकारी स्कूल में पहुंचते हैं।...

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मुख्यमंत्री के मंच पर पहुंची महिला ने मचाया उत्पात

बैतूल/भोपाल (एमपी मिरर)। प्रधानमंत्री आवास योजना हितग्राही सम्मलेन के तहत यहां चल रही सीएम शिवराज सिंह चौहान की लाइव आमसभा में शराबियों ने जमकर हंगामा मचाया। सरकार की व्यवस्थाओं से नाराज एक युवती नशे में टल्ली होकर आई और मंच पर चढ़कर हंगामा करने लगी। वहीं मंच के नीचे दूसरा शराब आराम से धूल चाटते हुए सीएम का सीधा प्रसारण देख रहा था।...

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शिक्षकविहीन स्कूलों में बच्चों का भविष्य अंधकार में

  • मनोहर पाल

भोपाल (एमपी मिरर)। मप्र के सरकारी स्कूलों में शिक्षा का स्तर लगातार गिरता जा रहा है और बच्चों का भविष्य अंधकारमय होता जा रहा है, फिर भी सरकार इस ओर कोई कदम नहीं उठा रहा है। प्रदेश के हजारों स्कूल शिक्षकविहीन हैं और इन स्कूलों में शिक्षकों की नियुक्ति के लिए सरकार कोई कदम नहीं उठा रही है। जनशिक्षा अधिकार संरक्षण समिति के अध्यक्ष रमाकांत पांडे ने बताया कि स्कूल संचालन की केवल प्रशासकीय खानापूर्ति हो रही है। इसका समाधान खोजने में प्रशासनिक तंत्र की कोई रुचि नहीं है। पांडे ने बताया कि जनशिक्षा अधिकार संरक्षण समिति इस संबंध में प्रदेश सरकार से लेकर केंद्र सरकार तक को अवगत करा चुकी है, लेकिन सरकार के कान पर जूं तक नहीं रेंगा और स्कूलों के हालात बद से बदतर होते जा रहे हैं। यही कारण है कि अभिभावक सरकारी स्कूलों को छोड़कर निजी स्कूलों का सहारा ले रहे हैं।

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MP गजब है व्यापमं के खेल के बाद मध्यप्रदेश मे एक और फर्जीवाड़ा...

  • पवन देवलिया

भोपाल (एमपी मिरर)। मध्यप्रदेश मे शासकीय स्कूलों मे पढने वाले बच्चों को केन्द्रीय सरकार की मदद से कम्प्यूटर का टेक्निकल ज्ञान आधारित शिक्षा देने के लिए वर्ष 2003 से लगातार प्रदेश के राज्य शिक्षण संस्थान को पहली किस्त मे करीब 100 करोड का बजट दिया गया था। DPI ने अपने शर्तों के साथ देश भर की टेक्नोलॉजी के क्षेत्र मे कार्य करने वाली बडी कंपनियों को स्कूलों मे कम्प्यूटर लेब बनाने के लिए निविदा आमंत्रित की थी। कुछ कंपनियों से लाखो का खर्चा कर डेमो  कम्प्यूटर लेब भी बनवाई गई। बाद मे तकनीकि खामी बताकर बंद कर दिया गया।

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देश में सबसे महंगा पेट्रोल भोपाल में

भोपाल (एमपी मिरर)। मप्र के भोपाल में देश के अन्य शहरों की अपेक्षा सबसे महंगा पेट्रोल बिक रहा है, जबकि अन्य राज्यों में पेट्रोल की कीमत काफी कम है। भोपाल में पेट्रोल की कीमत 76.17 रुपए है, जबकि देश के अन्य शहरों में काफी कम है। मप्र सरकार पेट्रोल पर कई तरह के टैक्स वसूल रही है, जिस कारण पेट्रोल की कीमत मप्र में सबसे अधिक है।...

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उमरिया जिले में आंगनबाड़ियों की स्थिति बदतर

  • सुरेंद्र त्रिपाठी
उमरिया (एमपी मिरर)। जिले के महिला एवं बाल विकास विकास विभाग के परियोजना क्रमांक 1 का हाल देखने के लिए 14 गांवों के समूह आकाश कोट एरिया का भ्रमण किये तो वहां की जमीनी हकीकत सामने आई देखिये एक रिपोर्ट–  उमरिया जिले के बांधवगढ़ तहसील का ग्राम करौंदी का हाल यह है कि बच्चों को खाने के नाम पर सूखी रोटी और दाल दिया जाता है वह भी दाल पतली थाली से सब्जी नदारद रही, खाना बनाने के लिए कोई रसोई घर नही है आंगनबाडी केंद्र के भीतर ही एक कमरे में बच्चों के लिए खाना बनाया जाता है वह भी लकड़ी से |...

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