mp mirror logo

GST से सैनिटरी पै : दूध, अनाज, सब्जियां सस्ती, तेल-घी होगा महंगा

जीएसटी परिषद की श्रीनगर में गुरुवार को हुई बैठक में दूध और अनाज को इसके दायरे में नहीं लाने का फैसला लिया गया। इसके साथ ही तेल और साबुन की कर दरों में कटौती को मंजूरी दी गई है। केंद्रीय वित्त मंत्री अरुण जेटली की अध्यक्षता वाली परिषद ने बैठक के पहले सत्र में नए नियमों को मंजूरी दी।
तेल-साबुन पर दर घटी : जीएसटी के तहत बालों के तेल, साबुन, टूथपेस्ट पर 18 प्रतिशत की दर से जीएसटी लगेगा। जबकि अभी इस पर कर की दर 22 से 24 फीसदी है।
अनाज पर भी जीएसटी नहीं लगेगा जिसपर अभी पांच फीसदी कर लगता है। इसके अलावा चीनी, चाय, कॉफी, खाद्य तेल पर भी पांच प्रतिशत की दर से कर लगेगा जो मौजूदा कर की दर के करीब है। जबकि मिठाई पर पांच फीसदी की दर से जीएसटी लगेगा। नई कर व्यवस्था के तहत कोयला भी सस्ता हो जाएगा। कोयले पर जीएसटी दर पांच फीसदी होगी। इस पर अभी 11.69 प्रतिशत कर लगता है।
वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) परिषद ने यहां गुरुवार को शुरू अपनी दो दिन की बैठक के पहले दिन 80 से 90 प्रतिशत वस्तुओं और सेवाओं पर कर की दरों का निधार्रण कर लिया है। प्रस्तावित जीएसटी व्यवस्था में चार स्तर की दरें रखी गई हैं, जिनमें रोजमर्रा के इस्तेमाल की आवश्यक वस्तुओं पर पांच प्रतिशत की न्यूनतम दर रखी गई है।
केंद्रीय वित्त मंत्री अरुण जेटली की अध्यक्षता वाली परिषद ने बैठक के पहले सत्र में वस्तु एवं सेवा कर व्यवस्था के तहत नियमों को भी मंजूरी दी। 
जीएसटी 1 जुलाई से लागू किए जाने की योजना है। परिषद में सभी राज्यों के वित्त मंत्री या उनके प्रतिनिधि शामिल हैं। जेटली ने कहा कि आज की बैठक में 1,211 में से छह को छोड़कर बाकी सभी वस्तुओं के लिए जीएसटी दर तय कर ली गई।
आधिकारिक सूत्रों ने बताया कि 80 से 90 प्रतिशत वस्तुओं के बारे में यह तह हो गया है कि उन्हें 5, 12, 18 और 28 प्रतिशत के कर ढांचे में कहां रखा जाएगा। फिटमेंट इस तरीके से किया गया है कि लोगों पर नई कर व्यवस्था के कारण कर का बोझ नहीं बढ़े। इसलिए वस्तुओं और सेवाओं को उनके ऊपर इस समय लागू उत्पाद शुल्क, वैट या सेवा कर को ध्यान में रखकर जीएसटी की विभिन्न दरों के साथ जोड़ा जा रहा है। विभिन्न राज्यों के वित्त मंत्रियों ने रेशमी धागे, पूजा की सामग्री और हस्तशिल्प उत्पादों को जीएसटी दरों में छूट की मांग की है।  
जीएसटी नेटवर्क की आरटीआई में जानकारी नहीं : गृह मंत्रालय ने जीएसटी नेटवर्क को सुरक्षा संबंधी मंजूरी का ब्योरा सूचना के अधिकार (आरटीआई) के तहत देने से इनकार कर दिया है। मंत्रालय ने हाल ही में जीएसटी लागू करने के लिए जीएसटीएन को सुरक्षा मंजूरी प्रदान की है। 
जनिए क्या सस्ता होगा और क्या महंगा?
सस्ता   
अनाज और उसके उत्पाद : गेहूं, चावल, दूसरे अनाज, आटा, मैदा, बेसन, चूड़ा, रस्क, पिज्जा ब्रेड, नमकीन भुजिया, मिक्सचर, पास्ता, नूडल्स, पेस्ट्री और केक के दाम घटेंगे।
दूध और उसके उत्पाद : दूध, दही, लस्सी, पनीर और मिल्क फूड के दाम नहीं बढ़ेंगे।
कच्ची सब्जियां और फल : प्रोसेस्ड फल-सब्जियां, फ्रूट-वेजिटेबल जूस, और जूसमिक्स ड्रिंक्स सस्ते होंगे।
चीनी, गुड़ और फ्लेवर्ड चीनी सस्ती होगी।
स्टील और कोयला में भी टैक्स कुछ कम होने से कोयले से बनने वाली बिजली और लोहा सस्ता हो सकता है।
महंगा
कॉस्मेटिक्स महंगा होगा :  मेकअप के सामान, सनस्क्रीन लोशन, शैंपू, हेयर क्रीम, हेयर डाइ, शेविंग क्रीम, डिओड्रेंट 
तेल, घी, रिफाइंड ऑयल, जैम, जेली, ज्विंगम, हेयर ऑयल साबुन और टूथपेस्ट महंगा होगा। फ्लोर कवरिंग, बाथरूम के सामान और कारें महंगी होंगी।

सेवाओं पर फैसला आज
जीएसटी परिसद की शुक्रवार को बैठक में सेवाओं पर कर की दर भी तय की जाएगी। साथ ही परिषद सोना, फुटवियर, ब्रांडेड आइटम व बीड़ी के लिए कर की दर तय करेगी। इसी तरह डिबा बंद खाद्य वस्तुओं के लिए जीएसटी अभी तय की जानी है।
कारें महंगी होंगी
कारों पर 28% की सर्वोच्च दर से जीएसटी लगेगा। साथ ही छोटी कारों पर 1% मध्यम पर 3% और बड़ी एवं लग्जरी कारों पर 15% की दर से उपकर भी लगेगा। 
कुछ राज्यों की अलग मांग
दिल्ली : 500 रुपये से कम के जूते-चप्पल को 5% की श्रेणी में लाया जाए
उत्तर प्रदेश : सूती, रेशम धागा और पूजा सामग्री पर छूट मिले
तटीय राज्य : मछली पकड़ने वाले जाल पर जीएसटी से राहत मिले
जम्मू-कश्मीर : हैंडलूम और हस्तशिल्प को शू्न्य प्रतिशत के दायरे में लाया जाए

"बिजनेस" से अन्य खबरें

इंडियन ऑयल को बेचने की तैयारी, इन 5 बैंकों की होगी हिस्सेदारी

केन्द्र सरकार ने अपनी सबसे बड़ी तेल कंपनी इंडियन ऑयल कॉरपोरेशन के शेयर्स को बेचने के लिए 5 बैंकों को हिस्सेदारी देने का फैसला किया है. न्यूज एजेंसी रॉयटर के हवाले से आई खबर के मुताबिक केन्द्र सरकार सभी बैंकों को 3 फीसदी हिस्सेदारी देकर सरकार अपने लिए फंड जुटाएगी.

Read More

अब आपके PF खाते में सेंध लगा सकती है नरेंद्र मोदी सरकार, न्‍यूनतम अंशदान बेसिक सैलरी का 10 फीसदी करने पर व‍िचार

कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (ईपीएफओ) का न्यासी बोर्ड अपनी सामाजिक सुरक्षा योजनाओं में अनिवार्य अंशदान को घटाकर 10 प्रतिशत करने के प्रस्ताव को कल मंजूरी दे सकता है। मौजूदा व्यवस्था के तहत कर्मचारी व नियोक्ता कर्मचारी भविष्य निधि योजना (ईपीएफ), कर्मचारी पेंशन योजना (ईपीएस) तथा कर्मचारी जमा सम्बद्ध बीमा योजना (ईडीएलआई) में कुल मिला कर मूल वेतन की 12-12 प्रतिशत राशि का योगदान (प्रत्येक) करते हैं।

Read More

चाय बेचने वालों को बड़ा फायदा, GST से चीनी और चाय सस्ते

वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) लागू होने पर चीनी, चाय एवं कॉफी (इंस्टेंट कॉफी को छोड़कर) और दूध पाउडर पर कर का बोझ कम होगा क्योंकि चीनी पर वर्तमान कर की दर 8 फीसदी है जबकि जीएसटी कर की दर 5 फीसदी होगी।
इसी प्रकार से दूध पाउडर, चाय एवं कॉफी (इंस्टेंट कॉफी को छोड़कर) पर वर्तमान कर की दर 7 फीसदी है, जबकि प्रस्तावित जीएसटी में इसके लिए 5 फीसदी कर की दर तय की गई है।

Read More

BSNLने लॉन्च की सैटेलाइट फोन सर्विस, बिना नेटवर्क वाले क्षेत्रों में मिलेगी सेवा

नई दिल्ली। सार्वजनिक क्षेत्र की टेलिकॉम कंपनी बीएसएनएल ने इनमारसैट के जरिये सैटेलाइट फोन सर्विस शुरू की है। अभी कंपनी सरकारी एजेंसियों को यह सर्विस देगी। बाद में चरणबद्ध तरीके से यह सेवा दूसरे नागरिकों के लिए खोली जाएगी। फिलहाल टाटा कम्युनिकेशंस सरकारी एजेंसियों को सैटेलाइट फोन सर्विस प्रदान कर रही है।

Read More

मकानों के लिये कर्ज पर 'ब्याज सब्सिडी योजना' से घर के सपने को लग सकते हैं

लखनऊ: केन्द्र की नरेन्द्र मोदी सरकार द्वारा सस्ते मकान उपलब्ध कराने के लिये शुरू की गई कर्ज से जुड़ी ब्याज सब्सिडी योजना (सीएलएसएस) से आम गरीबों के साथ-साथ मध्यम आय वर्ग के लोगों के भी घर के सपने को पंख लग सकते हैं. प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत इस महत्वपूर्ण पहल के तहत निजी बिल्डरों को भी काम करने की छूट से यह काम और आसान हो गया है.

Read More

GST लागू होने से घट सकते हैं विदेशी टूरिस्‍ट,'जीएसटी से राज्य की आर्थिक स्थिति होगी मजबूत'

नई दिल्ली: जीएसटी काउंसिल ने कई वस्तुओं और सेवाओं पर जीएसटी टैक्स की दरें पिछले हफ्ते तय कर दी हैं. अब सरकार की ओर से कहा गया है कि वे स्मार्टफोन खरीदने वालों, विभिन्न प्रकार के चिकित्सकीय उपकरणों और सीमेंट की कीमतें टैक्स के लागू होने के चलते कम हो जाएंगी. यानी, 1 जुलाई को जीएसटी पूरे देश में लागू होने के बाद आपको ये चीजें अपेक्षाकृत सस्ती पड़ेंगी. इसके अलावा पूजा सामग्री को जीएसटी की 'nil' कैटिगरी में रखा गया है. 

Read More

जीएसटी में घर बनाना हुआ महंगा कई चीजों पर बढ़ी टैक्स दरे

नई दिल्ली. जीएसटी में कई चीजों पर बढ़ी टैक्स दरों से आने वाले समय में घर बनाना महंगा हो जाएगा। घर बनाने में इस्तेमाल सामान पर 8.75% तक टैक्स बढ़ रहा है। प्लाईबोर्ड, पार्टिकल बोर्ड पर 19.25% की जगह जीएसटी में 28% यानी 8.75% ज्यादा टैक्स लगेगा। टाइल्स पर भी 28% टैक्स लगेगा, जो कि मौजूदा दरों से 8.25% ज्यादा बनता है। हालांकि घर सजाने के सामान पर 12.5% तक कम टैक्स लगेगा। एक्सपर्ट्स से जानें जीएसटी का आप पर असर...

Read More

GST से सैनिटरी पै : दूध, अनाज, सब्जियां सस्ती, तेल-घी होगा महंगा

जीएसटी परिषद की श्रीनगर में गुरुवार को हुई बैठक में दूध और अनाज को इसके दायरे में नहीं लाने का फैसला लिया गया। इसके साथ ही तेल और साबुन की कर दरों में कटौती को मंजूरी दी गई है। केंद्रीय वित्त मंत्री अरुण जेटली की अध्यक्षता वाली परिषद ने बैठक के पहले सत्र में नए नियमों को मंजूरी दी।
तेल-साबुन पर दर घटी : जीएसटी के तहत बालों के तेल, साबुन, टूथपेस्ट पर 18 प्रतिशत की दर से जीएसटी लगेगा। जबकि अभी इस पर कर की दर 22 से 24 फीसदी है।

Read More

ईपीएफअो ने अब पीएफ निकालने की समयसीमा को किया कम

कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (ईपीएफओ) ने पीएफ निकासी, पेंशन और बीमा जैसे विभिन्न दावों के निपटान के लिए निर्धारित समयसीमा को मौजूदा 20 दिन से घटाकर 10 दिन कर दिया है। जुलाई 2015 में, कर्मचारी भविष्‍य निधि संगठन (EPFO) ने विभिन्‍न दावों को निपटाने की समयावधि को घटाकर 20 दिन किया था। अपने 4 करोड़ से अधिक सदस्‍यों को बेहतर सर्विस उपलब्‍ध कराने के लिए संगठन ने 1 मई 2017 को ऑनलाइन क्‍लेम सेटलमेंट सुविधा भी शुरू की थी। संगठन की योजना है कि आधार और बैंक एकाउंट से जुड़े सभी ईपीएफ खातों के दावों का निराकरण आवेदन मिलने के तीन घंटे के भीतर ही कर दिया जाए। 

Read More

2018 में भारत की विकास दर 8% मुमकिन, बैंकों का फंसा कर्ज मोदी सरकार के लिए बड़ी चिंता: संयुक्त राष्ट्र

संयुक्त राष्ट्र: संयुक्त राष्ट्र ने 2017 में भारत के लिए अपने आर्थिक वृद्धि दर अनुमान में कमी की है हालांकि उसको उम्मीद है कि अगले साल यह बढ़कर 7.9 प्रतिशत हो जाएगी. संयुक्त राष्ट्र ने आगाह किया है कि देश के बैंकिंग क्षेत्र के खराब प्रदर्शन के चलते निकट भविष्य में निवेश में शायद ज्यादा मजबूती नहीं आए. यहां मंगलवार (16 मई) को जारी ‘संयुक्त राष्ट्र विश्व आर्थिक परिस्थिति व परिदृश्य’ रपट (मध्य 2017)में यह निष्कर्ष निकाला गया है. इसके अनुसार 2017 में भारत की जीडीपी वृद्धि दर 7.3 प्रतिशत रहना अनुमानित है. संयुक्त राष्ट्र ने अपने अनुमान में कमी की है क्योंकि जनवरी 2017 में उसने वृद्धि दर 7.7 प्रतिशत रहने का अनुमान लगाया था.

Read More