mp mirror logo

एक महीने से छात्रावास में चावल से पेट भर विद्यार्थी

  • मांगने पर भी छात्रावास में नहीं मिल रही रोटी
  • केंद्र के गेहूं आवंटन पर रोक लगाए जाने से बिगड़े हालात
गुना (एमपी मिरर)। छात्रावासों में रहने वाले छात्र-छात्राओं को केंद्र सरकार के फरमान से खाने के लाले पड़ गए हैं। गेहूं के आवंटन रोक लगाए जाने से जिले के तमाम छात्रावासों में रहने वाले छात्र-छात्राओं को चावल से पेट भरना पड़ रहा है। हालत यह है कि चावल खाते-खाते वह उकता चुके हैं।
यह स्थिति शहर ही नहीं बल्कि पूरे जिले के छात्रावासों की हैं। जहां गेहूं मांगने पर भी छात्रों को पेट भरने के लिए रोटी नहीं मिल रही। केंद्र सरकार के गेहूं के आवंटन पर रोक लगाए जाने के बाद राज्य सरकार ने भी पूरी तरह से हाथ खड़े कर दिए हैं। राज्य सरकार का यह तुगलकी फरमान है कि छात्रावास प्रबंधन चावल की रोटी छात्रों को परोसे। लेकिन चावल की रोटी छात्रों के हलक से नीचे नहीं उतर रही। पहले तक छात्रावास में रहने वाले छात्रों को प्रति छात्र के मान से 10 किलो गेहूं और दो किलो चावल दिए जा रहे थे। सभी छात्रावास में तीन महीने का आवंटन भेजा जाता है। इस बार जो आवंटन केंद्र सरकार की तरफ से भेजा गया है। वह सिर्फ चावल का है। खाद्य आपूर्ति विभाग को  जिले के छात्रावासों के लिए 456 क्विंटल चावल का आवंटन भेजा गया है। जिसे छात्रावासों को जारी भी कर दिया गया है। इस बार जब छात्रावास प्रबंधन को सिर्फ चावल का आवंटन भेजा गया तो न सिर्फ प्रबंधन बल्कि छात्र भी भौचक्के रह गए। इसकी उन्होंने खाद्य आपूर्ति अधिकारी से शिकायत भी की। लेकिन केंद्र का फरमान होने की बात कहकर खाद्य विभाग ने भी हाथ खड़े कर दिए हैं। आदिम जाति कल्याण विभाग के सभी छात्रावासों में भी चावल का आवंटन भेजा गया है। लेकिन यह चावल छात्रों को रास नहीं आ रहे।

एक महीने से भात पर आश्रित छात्र
एक महीने से छात्रावास में छात्र भात के भरोसे हैं। रोटियां उन्हें मांगने पर भी नहीं मिल रही। रोजाना भात खा खाकर वह उगता चुके हैं। इसकी शिकायत जब खाद्य विभाग से की गई थी। जिस पर विभाग ने चावल को बाजार में बेचकर गेहूं खरीदने पर विचार किया था। इस पर वरिष्ठ अधिकारियों का मार्गदर्शन भी मांगा गया था। लेकिन अधिकारियों से दिशा निर्देशन नहीं मिलने से बाद में छात्रावास को चावल का आंवटन जारी  कर दिया गया।

कलेक्टर ने कमिश्नर को लिखा पत्र
छात्रों की समस्या को मद्देनजर रखते हुए कलेक्टर राजेश जैन ने कमिश्नर को पत्र लिखकर जिले में छात्रावासों में गेहूं का आवंटन जारी करने की मांग की है। पत्र में उन्होंने जिक्र किया है कि, जिले में भोजन में सर्वाधिक गेहूं का उपयोग किया जाता है। गेहूं नहीं मिलने से छात्रों की सेहत पर भी असर पड़ रहा है। लिहाजा राज्य सरकार इस मामले में दखल देने के साथ ही गेहूं के आवंटन को जारी करे। पूर्व में छात्रावासों के लिए जिस तरह से खाद्यान का आवंटन जारी होता था। उसे यथावत रखा जाए।

दक्षिण भारत में भेजी जाती है खेप
भारत सरकार दक्षिण भारत के छात्रावासों में चावल की बड़ी खेप भेजती हैं। क्योंकि वहां प्रतिदिन दिनचर्या  के भोजन में चावल का इस्तेमाल उसी तरह से होता है, जिस तरह से मध्य भारत में गेहूं का। लेकिन इस बार केंद्र सरकार ने इन सभी तथ्यों पर बिना कोई गौर करे, थोक में चावल का आवंटन यह कहते हुए जारी कर दिया  कि जब दक्षिण भारत में चावल से रोटियां पकाई जा सकती हैं, तो मध्यभारत में इसका सेवन करने से भला किस तरह का परहेज। मजेदार बात यह है कि राज्य सरकार ने भी केंद्र के इस फैसले पर कोई आवाज नहीं उठाई, बल्कि स्थिति साफ करने की जगह केंद्र सरकार के इस फैसले का उसने भी समर्थन कर दिया।
 

"मुख्य ख़बरें" से अन्य खबरें

बूचड़खानों पर 'योगी राह' पकड़ रहे BJP शासित राज्य, झारखंड समेत राजस्थान, छत्तीसगढ़, MP और UK में दुकानें बंद

नई दिल्ली उत्तर प्रदेश में अवैध बूचड़खानों को बंद किए जाने की कार्रवाई बीजेपी शासित राज्यों में दोहराई जा रही है। यूपी में इस आदेश के अगले दिन झारखंड में भी अवैध बूचड़खानों पर ताला लगाने का आदेश दिए जाने के बाद मंगलवार को चार और बीजेपी शासित राज्य राजस्थान, उत्तराखंड, छत्तीसगढ़ और मध्य प्रदेश भी यही कार्रवाई कर रहे हैं। इन राज्यों में प्रशासन द्वारा की गई कार्रवाई में हरिद्वार की तीन, रायपुर की 11 व इंदौर में एक मीट शॉप को बंद कर दिया गया।

Read More

देश ने नहीं... भारत के मुसलमानों ने खुद को कभी देश का हिस्सा नहीं समझा

अभी दो हफ्ते पहले उत्तर प्रदेश के जो चुनावी नतीजे आये हैं, वो अपने आप में ऐतिहासिक हैं और इसमें किसी तरह का कोई शक भी नहीं है.
लेकिन ऐतिहासिक इसलिए नहीं हैं कि बीजेपी ने बड़ा बहुमत प्राप्त किया है. ऐतिहासिक इसलिए भी नहीं कि देश में पहली बार किसी प्रदेश का चुनाव 40 प्रतिशत वोट-शेयर से जीता गया है, शायद इसलिए भी नहीं कि बीएसपी और एसपी के गढ़ में दिन-दहाड़े सेंध लग गयी.

ये चुनाव इसलिए ऐतिहासिक है क्योंकि इसमें मुसलमान हार गया है. कम से कम मुसलमान यही सोच रहा है अगर गलती से नहीं भी सोच रहा है तो उसे ऐसा सोचने को मजबूर किया जा रहा है. बात चाहे कहीं से शुरू कीजिये खत्म इस बात पर होती है कि, 'और मुसलमान हार गया.'

Read More

'योगी जिंदाबाद' का नारा लगाने पर सपा नेता ने मारी गोली, मौत

उत्तर प्रदेश में समाजवादी पार्टी को भारतीय जनता पार्टी से चुनावों में करारी हार का सामना करना पड़ा. योगी आदित्यनाथ ने मुख्यमंत्री बनने के बाद लगातार गुंडागर्दी को खत्म करने का आह्वान किया है. लेकिन यूपी के मुरादाबाद मंडल के समाजवादी पार्टी नेता योगी के मुख्यमंत्री बनने से इतने नाराज हुए कि एक 17 वर्षीय लड़के के योगी जिंदाबाद का नारा लगाने पर उसे गोली मार दी, जिससे युवक की मौत हो गई.

Read More

यूपी में हड़ताल पर मीट विक्रेता | कुछ बोले, कार्रवाई सही और आरोप लगाया- अवैध बूचड़खानों में कुत्ते भी काटे जाते हैं

लखनऊ: उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ समेत कई दूसरे इलाकों में मीट मछली खाने वालों को आज दिक्कत का सामना करना पड़ेगा क्योंकि बूचड़खानों पर हो रही कार्रवाई के विरोध में मांस विक्रेताओं की हड़ताल में मटन और चिकन विक्रेताओं के बाद अब मछली कारोबारियों ने भी इस हड़ताल में शामिल होने का ऐलान किया है. प्रदेश में हड़ताल की वजह से मांस परोसने वाले होटल अब बंदी की कगार पर पहुंच गए हैं. 100 साल के इतिहास में लखनऊ का टुंडे कबाबी पहली बार बंद हुआ, हालांकि मांसाहार का होटल चलाने वाले कुछ लोगों ने अवैध बूचड़खाने बंद किए जाने का स्वागत किया है. उनका कहना है कि प्रदेश में अगर मांस की किल्लत हुई तो वह दिल्ली से मटन मंगवाएंगे. उनका आरोप है कि अवैध बूचड़खानों में कुत्तों तक को भी काटा जाता था.

Read More

प्रशासन के दावे की खुली पोल: अवैध रेत खदान धंसने से दो मजदूरों की मौत

बड़वानी (एमपी मिरर)। जिले के छोटी कसरावद में अवैध रेत खनन का कारोबार चल रहा था, अचानक खदान धंस गई और उसकी मिट्टी में मजदूर भी दब गए। अवैध खदान में रेत खनन कर रहे दो मजदूरों की मिट्टी धसने से दबने पर मौत हो गई। घटना जिला मुख्यालय से लगे डूब प्रभावित ग्राम छोटी कसरावद के देदला फलिया में शनिवार सुबह 10.30 बजे की है। घटना के बाद रेत खनन में लगे अन्य मजदूर वहां से ट्रैक्टर-ट्रॉली लेकर भाग निकले।...

Read More

मंदिरों को सरकारी नियंत्रण से मुक्त कराने 50 हजार पुजारी 1 मार्च को करेंगे प्रदर्शन

भोपाल (एमपी मिरर)। अखिल भारतीय संतजन परमार्थ सेवा समिति सहित अन्य सभी धार्मिक संगठनों के 50 हजार पुजारी मंदिरों को सरकारी नियंत्रण से मुक्त कराने को लेकर 1 मार्च को राजधानी में प्रदर्शन करेंगे। रविवार को संत पुजारियों का एक दल मुख्यमंत्री को इस संबंध में ज्ञापन सौंपा। ज्ञात हो कि सरकारी या दान की भूमि पर बने मंदिर सार्वजकि तौर पर घोषित हैं, उनका प्रबंधन सरकार अपने हाथों में लेने की तैयारी में हैं। इसे लेकर मठ मंदिरों के पुजारियों में शासन और सरकार के प्रति आक्रोश है।

Read More

मर्जर से राहत न मिलने पर एनएसयूआई ने जलाया सीएम का पुतला

संतहिरदाराम नगर/ भोपाल (एमपी मिरर)। एनएसयूआई ने हुजूर विधानसभा अध्यक्ष राहुल मंडलोई के नेतृत्व में रविवार को चंचल चैराहे पर मुख्यमंत्री का पुतला दहन किया गया। पुतला दहन के दौरान मंडलोई ने बताया कि प्रदेश के मुख्यमंत्री ने नवयुवक सभागार में संत नगरवासियों से कहा था कि आप घबराएं नहीं, मर्जर समस्या का समाधान मैं जल्द करूंगा।...

Read More

यात्री स्काई वॉक से बस स्टैंड से पहुंचेंगे रेलवे स्टेशन

भोपाल (एमपी मिरर)। बस स्टैंड से रेलवे स्टेशन जाने वाले यात्रियों को भीड़ भरे सड़क मार्ग से जाने से निजात मिल जाएगी। दरअसल, नगर निगम बस स्टैंड और भोपाल रेलवे स्टेशन के बीच स्कॉई वॉक का निर्माण करा रहा है। ऐसे में स्काई वॉक के रास्ते यात्री बस स्टैंड से रेलवे स्टेशन और रेलवे स्टेशन से बस स्टैंड आना-जाना कर सकेंगे।..

Read More

उमरिया में दो आरोपियों के साथ पकड़ी गई 45 लीटर शराब कोतवाली

  • सुरेन्द्र त्रिपाठी

उमरिया (एमपी मिरर)। जिले से बिहार के लिए ले जाई जा रही शराब की खेप जब्त गोंदिया बरौनी ट्रेन में उमरिया स्टेशन में दो आरोपियों के साथ पकड़ी गई 45 लीटर शराब कोतवाली पुलिस की कार्यवाही 2009 से शराब की तश्करी में जुटे हैं आरोपी |...

Read More

गणतंत्र दिवस पर 'पहल' ने की पहल, सैकड़ों मरीजों का किया निःशुल्क इलाज

भोपाल (एमपी मिरर)। गणतंत्र दिवस के अवसर पर 26 जनवरी को पहल मानव जीवन संस्थान द्वारा  निःशुल्क चिकित्सा शिविर आयोजित किया गया। शिविर में डा. विनय प्रताप सिंह  एवं डा. राहुल शर्मा द्वारा कई समस्याओं का निदान कर सैंकडो मरीजो का उपचार किया गया।...

Read More