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रिलायंस इन्फ्रा को 2,950 करोड़ का मुआवजा देगा DMRC

नई दिल्ली: रिलायंस इन्फ्रास्ट्रक्चर की सहायक कंपनी दिल्ली एयरपोर्ट मेट्रो एक्सप्रेस प्राइवेट लिमिटेड (डीएएमईपीएल) को दिल्ली मेट्रो रेल कॉरपोरेशन (डीएमआरसी) के खिलाफ आर्बिट्रेशन में जीत हासिल हुई है। इस जीत से कंपनी को 2,950 करोड़ रुपये का मुआवजा मिलेगा। अनिल अंबानी के मलिकानाहक वाली कंपनी ने गुरुवार को एक बयान में यह बात कही। कंपनी को यह मुआवजा प्रोजेक्ट का रियायत समझौता रद्द किए जाने के बदले में मिल सकता है।
2012 में खत्म कर दिया था अनुबंध
राजधानी दिल्ली में मेट्रो एक्सप्रेस प्रोजेक्ट को विकसित करने और संचालित करने का अनुबंध रखने वाली रिलायंस इन्फ्रास्ट्रक्चर ने 2012 में अनुबंध खत्म कर दिया था। कंपनी ने कहा था कि डीएमआरसी प्रोजेक्ट के सिविल स्ट्रक्चर में आई खामियों को दूर करने में नाकाम रही है। कंपनी ने बाद में इस पर मुआवजे की मांग की और यह मामला एक आर्बिट्रेशन के पास चला गया।
अगस्त 2013 सेमिलेगाब्याज
इस घटना के जानकार सूत्रों के मुताबिक, डीएएमईपीएल को अगस्त 2013 से इस रकम पर ब्याज भी मिलेगा। इस तरह से कंपनी को मिलने वाली मुआवजे की रकम बढ़कर 4,450 करोड़ रुपये तक पहुंच सकती है। रिलायंस इन्फ्रा के चीफ कार्यकारी अधिकारी ललित जालान ने माडिया को बताया कि हम इस नतीजे से खुश हैं।
यहां तक कि अगर डीएमआरसी इसे हाईकोर्ट में भी चुनौती देती है तो भी उन्हें 75 फीसदी रकम देनी पड़ेगी जिससे एसपीवी (स्पेशल परपज व्हीकल) को कर्ज चुकाने में मदद मिलेगी और साथ ही इससे पेरेंट कंपनी पर भी कर्ज का बोझ कम होगा। सरकार द्वारा 2016 में जारी एक दिशा निर्देश, जिसमें कहा गया है कि पब्लिक सेक्टर की कंपनियों को आर्बिट्रेशन अवॉर्ड की 75 प्रतिशत धनराशि देनी ही होगी, भले ही वे इस फैसले को ऊपरी अदालत में चुनौती क्यों न दे रही हों।

 

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