mp mirror logo

ये 10 चीजें खाएं और इम्यून सिस्टम को बनाएं मजबूत

यह मौसम कई मौसमी बीमारियों को साथ लेकर आता है। यह हम सभी जानते हैं, फिर भी हम बीमार हो जाते हैं। आप अक्सर सोचते हैं कि काश कोई ऐसा उपाय होता कि हम बीमारी से बचे रहते। आपको पता है कि आप बीमार क्यों होते हैं? दरअसल बीमार होने के पीछे सबसे प्रमुख कारण है आपके शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता (इम्यून सिस्टम) का कमजोर होना। जैसे ही आपका इम्यून सिस्टम कमजोर होता है, यह रोगों का डटकर सामना नहीं कर पाता और इस स्थिति में आप बीमार हो जाते हैं। अगर आप अपनी रोग-प्रतिरोधक क्षमता को कमजोर ही न होने दें तो बीमार होने की आशंका बेहद कम हो जाएगी। आज हम आपसे कुछ ऐसी चीजों पर बात करते हैं, जिन्हें अपने भोजन में शामिल कर आप अपने इम्यून सिस्टम को मजबूत बना सकते हैं और हमेशा स्वस्थ रह सकते हैं। 

लहसुन 
हर रसोई में पाया जाने वाला लहसुन बड़े काम का है। लहसुन के लाभदायक गुणों का उल्लेख हमारे आयुर्वेद और पुराणों में भी है और आज भी डॉक्टर इसकी खूबियों के मुरीद हैं। बीएल कपूर हॉस्पिटल के डॉ. आंचल अग्रवाल के अनुसार लहसुन में सल्फर पाया जाता है, जो रोग-प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने का काम करता है। यह एंटिबायोटिक्स का काम करता है और कई बीमारियों से बचाने में मदद करता है।

मशरूम
मशरूम सेहत के लिए बहुत फायदेमंद है। डायटीशियन सुषमा कुमारी के अनुसार अच्छे स्वास्थ्य के लिए मशरूम का सेवन बेहद जरूरी है। मशरूम व्हाइट ब्लड सेल (डब्ल्यूबीसी) को बढ़ाने का काम करता है। डब्ल्यूबीसी हमारे लिए बेहद जरूरी है। हमारे शरीर में प्लेटलेट्स बनाने और इम्यून सिस्टम बढ़ाने का काम डब्ल्यूबीसी ही करता है। इसलिए नियमित रूप से मशरूम का सेवन करें।

गाजर
केआरवी हेल्थकेयर की एमडी ड़ॉ. रिदवाना सनम के अनुसार गाजर में विटामिन ए पाया जाता है। यह आपके शरीर में विटामिन ए की कमी को पूरा करता है और संक्रमण आदि से लड़ने में मदद करता है। साथ ही साथ आपके शरीर को हमेशा तरोताजा रखने का काम भी करता है।

चुकंदर
चुकंदर हमारे शरीर के लिए उतना ही जरूरी है, जितना कि गाजर या मशरूम। चुकंदर हमारे शरीर में रक्त को बढ़ाने का काम करता है। रेड ब्लड सेल (आरबीसी) को बढ़ाने में चुकंदर काफी मदद करता है। आरबीसी की वजह से ही हमारे खून का रंग लाल होता है। आरबीसी के बगैर मानव जिन्दा नहीं रह सकता है। इस आरबीसी को संतुलित रखना बेहद जरूरी है।

हरी सब्जियां
हरी सब्जियों के बगैर आपका आहार संतुलित हो ही नहीं सकता। हरी सब्जियां तो ऐसा रामबाण हैं, जो हर मौसम, हर पल, हर दिन आपके स्वास्थ्य को बेहतर बनाती और तरोताजा रखती हैं। हरी सब्जियों में कई तरह के विटामिन और प्रोटीन पाए जाते हैं। ये सभी रोग-प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने और आपको स्वस्थ रखने का काम करते हैं। अपने भोजन की थाली में हरी सब्जियों को ज्यादा से ज्यादा जगह दें। ताजी हरी सब्जियों का ही इस्तेमाल करें।

मौसमी फल
मौसमी फल के बगैर आप स्वस्थ रहने के बारे में सोच भी नहीं सकते। जितना जरूरी आपके लिए चावल-दाल और रोटी है, उससे कई गुणा ज्यादा जरूरी हैं मौसमी फल। डॉ. रवि मलिक के अनुसार, इस मौसम में गहरे रंग वाले फल नियमित रूप से खाना चाहिए। संतरा, पपीता, खरबूजा, सेब, अंगूर, अनार आदि फलों में कई तरह के विटामिन और एन्टी ऑक्सीडेंट पाए जाते हैं जो आपके शरीर के लिए बेहद जरूरी है।

दही
डायटीशियन सुषमा के अनुसार दही में लैक्टोबैसिल्स नामक बैक्टीरिया पाया जाता है जो हमारे शरीर के लिए बेहद लाभदायक है। यह आपके खाने को पचाने का काम करता है। स्वस्थ रहने के लिए यह बेहद जरूरी है कि आपका खाना सही तरह से पच जाए। जब भोजन का उचित प्रकार से पाचन होगा, तभी यह आपके शरीर के लिए फायदेमंद होगा। ऐसे में जरूरी है कि आप अपने भोजन को पचाने और शरीर के लिए लाभदायक बैक्टीरिया लैक्टोबिसल्स को बढ़ाने के लिए दही का सेवन करें।

स्वच्छ पानी
डॉ. रवि मलिक के अनुसार स्वस्थ शरीर के लिए स्वच्छ पानी अतिआवश्यक है। पानी की वजह से कई तरह के संक्रमण और बीमारियों का सामना करना पड़ता है। गंदा पानी शरीर की रोग-प्रतिरोधक क्षमता को कम कर देता है। इसलिए हमेशा स्वच्छ पानी ही पिएं और ज्यादा से ज्यादा पानी पीने की कोशिश करें। प्रतिदिन कम से कम 5 से 6 लीटर पानी निश्चित ही पिएं।

इन्हें न खाएं तो बेहतर
ज्यादा मीठा
कुछ मीठा हो जाए... ये तो चलता है, लेकिन ज्यादा मीठा खाना ठीक नहीं। ज्यादा मीठा खाने से आपके शरीर में इंसुलिन की मात्रा बढ़ जाएगी, जो इम्यून सिस्टम को प्रभावित कर सकती है। कोल्ड ड्रिंक, जैम, मिठाई आदि कम से कम खाएं।

फास्ट फूड
पिज्जा, बर्गर जैसे फास्ट फूड का ज्यादा सेवन आपके शरीर के लिए ठीक नहीं है। इससे रोग प्रतिरोधक क्षमता कम होती है और मोटापे की आशंका अत्यधिक रहती है।

ज्यादा तेल-मसाले
कभी भी ज्यादा तेल-मसाले न खाएं। यह कभी भी आपको हेल्दी नहीं बनाते, बल्कि आपकी सेहत का नुकसान ही 
करते हैं।

"सेहत" से अन्य खबरें

इस कारण पुरुषों में तेजी से बढ़ रही हार्ट अटैक की समस्या

भारतीय मूल के शोधकर्ता की अगुवाई वाले दल को एक अध्ययन में पता चला है कि कार्डियोवस्कुलर रोग के शिकार रहे पुरुषों को सेक्स के दौरान या उसके बाद अचानक कार्डिएक अरेस्ट (हार्ट अटैक) होने का जोखिम हो सकता है. अचानक कार्डिएक अरेस्ट (एससीए) में दिल एकाएक धड़कना बंद कर देता है और ऐसा बिना किसी चेतावनी के होता है. इस शोध के निष्कर्षो से पता चला कि एससीए की घटनाएं काफी दुर्लभ है, लेकिन इसमें पीड़ित के जीवित रहने की दर काफी कम है.

Read More

डायलिसिस पर हैं तो भूल कर भी ना खाएं ये 10 फूड

किडनी हमारे शरीर के लिए फ़िल्टर का काम करती हैं। ये यूरिन (मूत्र) के द्वारा हमारे शरीर से टॉक्सिंस (विषारी पदार्थ) को बाहर निकालती हैं। परन्तु जब किडनी अपना काम ठीक तरह से नहीं कर पाती तो डायलिसिस करना पड़ता है।
यह एक ऐसा उपचार है जिससे लगभग हर डायबिटीक रोगी (मधुमेह से ग्रस्त रोगी) को गुज़रना पड़ता है। डायलिसिस की सहायता से शरीर से टॉक्सिंस कृत्रिम रूप से बाहर निकाले जाते हैं।

Read More

सूखा नारियल खाएं और रहें कई बीमारियों से दूर

नारियल चाहे किसी भी रूप में ले आपको सिर्फ फायदा ही पहुंचाएगा. गर्मियों में मिनरल्स से भरपूर नारियल पानी पीने से लू बचाव होता है. स्ट्रोक नहीं होता. पेट को ठंडा रखता है. दिमाग को कूल करता है. हृदय को फायदा पहुंचाता है. वैसे पानी वाला नारियल प्राकृतिक रूप से सूख जाने के बाद पूरी तरह से गरीयुक्त हो जाता है जिसे एक गोले के रूप में निकाल कर रख लिया जाता है. इसमें पानी नहीं होता है बल्कि पानी ही सूखकर नारियल तेल का रूप ले लेता है. इस तेल में बैड कोलेस्ट्रॉल नहीं होता है और इसके कई सारे फायदे होते हैं. सूखे नारियल में डाईटरी फाइबर, कॉपर, मैग्नीशियम और सेलेनियम भी होता है. इसमें उच्च पोषक तत्व होते हैं. आइए जानते है कौन-कौन से होते हैं फायदे..

Read More

फल और सब्जियां खाने के इन फायदों के बारे में जानकर हैरान हो जाएंगे आप...

हम बचपन से सुनते आए हैं कि फल और सब्जियां खानी चाहिए. उनके फायदों के बारे में भी हमने खूब सुना है. अपने आहार में फलों और सब्जियों की मात्रा बढ़ाने से पैरों में रक्त प्रवाह को प्रभावित करने वाली धमनियों के रोगों के विकास का खतरा कम हो सकता है. पेरीफरल आर्टरी डिसीस (पीएडी) पैरों की धमनियों को संकुचित करती है, मांसपेशियों में रक्त प्रवाह को सीमित कर देती है और इससे चलने या खड़े रहने के दौरान तेज दर्द होता है.

Read More

एक मुट्ठी अखरोट खाने का यह फायदा नहीं जानते होंगे आप

नई दिल्ली : कैलिफोर्निया वालनट कमीशन (सीडब्ल्यूसी) ने रोगों की रोकथाम और स्वास्थ्य में अखरोट की भूमिका पर चर्चा के लिए एक दिवसीय वैज्ञानिक एवं स्वास्थ्य शोध सम्मेलन की मेजबानी की. चिकित्सा जगत के पेशेवरों ने कहा कि एक मुट्ठी अखरोट में 4 ग्राम प्रोटीन, 2 ग्राम फाइबर और मैग्नीशियम (10 प्रतिशत डीवी) होता है.

कार्डियोलॉजिकल सोसाइटी ऑफ इंडिया के अध्यक्ष डॉ. एचके. चोपड़ा ने कहा कि अखरोट एकमात्र ऐसा फल है, जिसमें पादप-आधारित ओमेगा-3 और अल्फा-लिनोलेनिक एसिड प्रचुर मात्रा में होता है, जो मानव शरीर के लिए आवश्यक है. एक मुट्ठी अखरोट में 4 ग्राम प्रोटीन, 2 ग्राम फाइबर और मैग्नीशियम (10 प्रतिशत डीवी) होता है.

Read More

दांतों और मसूड़ों को मजबूती देंगे ये असरदार उपाय

सफेद और मजबूत दांत अच्छे स्वस्थ की निशानी है। दांतों का असर पर्सनेलिटी पर भी पड़ता है। कई बार दांतों का दर्द,कमजोर मसूड़े और समय से पहले दांतों के टूटने से सेहत से जुड़ी और भी बहुत सी परेशानियों का सामना करना पड़ता है। जिससे खाने-पीने में परेशानी होती है, खाना अगर सही तरीके से न चबाया जाए तो इससे पाचन क्रिया पर भी बुरा असर पड़ता है। सुबह और शाम सिर्फ ब्रश करना ही नहीं बल्कि इसके अलावा भी इन्हे खान देखभाल की जरूरत होती है। आइए जानें किस तरह से करें दांतों की देखभाल।

Read More

दिमाग की क्षमता बढ़ाना चाहते हैं तो बदल डालें अपनी ये आदतें

दिमाग की हमारे शरीर में कितनी अहमियत है यह बताने की जरूरत नहीं। शरीर की हर क्रिया का संचालन दिमाग के बिना संभव नहीं है। सांस लेना, मसल्स कंट्रोल, सोचना, समझना, याद रखना, हार्मोंन्स का नियंत्रण आदि सभी कार्यों का संचालन मस्तिष्क से ही होता है। इसलिए हमारे भोजन का अधिकांश हिस्सा दिमाग के पोषण के लिए चला जाता है। दिमाग से कमजोर व्यक्ति समाज में काफी उपेक्षित होता है इसलिए हर कोई अपने दिमाग की क्षमता बढ़ाने के प्रयास में लगा रहता है। हमारे दैनिक जीवन की बहुत सी आदतें ऐसी होती हैं जो हमारे दिमाग की क्षमता पर असर डालती हैं। 

Read More

भारत में कुपोषण का शिकार हैं 21 प्रतिशत बच्चे

भारत में पांच वर्ष से कम आयु के 21 प्रतिशत बच्चे कुपोषण के शिकार हैं. देश में बाल कुपोषण 1998-2002 के बीच 17.1 प्रतिशत था, जो 2012-16 के बीच बढ़कर 21 प्रतिशत हो गया. दुनिया के पैमाने पर यह काफी ऊपर है. एक रपट के मुताबिक, पिछले 25 सालों से भारत ने इस आंकड़े पर ध्यान नहीं दिया और न ही इस स्थिति को ठीक करने की दिशा में कोई उल्लेखनीय प्रगति हुई है. ग्लोबल हंगर इंडेक्स (जीआई) 2017 में शामिल जिबूती, श्रीलंका और दक्षिण सूडान ऐसे देश हैं, जहां बाल कुपोषण का आंकड़ा 20 प्रतिशत से अधिक है. इस सूचकांक के चार प्रमुख मानकों में से कुपोषण भी एक है.

Read More

आपका बॉडी शेप खोलता है आपकी सेहत का राज...

लाइफस्टाइल और डाइट अलग-अलग होने की वजह से इंसान का बॉडी शेप भी अलग-अलग होता है. इसका आपके स्वास्थ्य पर भी बहुत असर पड़ता है. किसी का बॉडी शेप देखकर ही आप उसकी फिटनेस का अंदाजा लगा सकते हैं. आप ये भी बता सकेंगे कि आने वाले समय में उस व्यक्ति को कौन-कौन सी बीमारियां हो सकती हैं. 

Read More

Karwa Chauth 2017: व्रत में सेहत का रखें ख्याल, जानिए व्रत के पहले और बाद में क्या खाएं-क्या नहीं

करवा चौथ का खास दिन पति-पत्नी के बीच प्यार और अपनेपन की एक अलग मिठास घोल देता है. करवा चौथ का व्रत निर्जला होता है और इसमें पूरे दिन न तो कुछ खाना होता और ना ही कुछ पीना होता है. हम सभी यह जानते हैं कि पानी हमारे शरीर के लिए कितना जरूरी है, शरीर में इसकी कमी से करवा चौथ के बाद कई महिलाएं बीमार तक हो जाती हैं. 

Read More