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व्रत में सेहत के लिए पौषक तत्‍वों का पिटारा है कुट्टु का आटा

व्रत के दौरान कुट्टू का आटा खाया जाता है। कुट्टू का आटा फल से बनता है और अनाज का बेहतर विकल्प होने के साथ पौष्टिक तत्वों भरपूर भी होता है। ये व्रत में एनर्जी देता है।  कुट्टू का आटा प्रोटीन से भरपूर होता है और जिन्हें गेहूं से एलर्जी हो, उनके लिए भी यह बेहतरीन विकल्प है। इसमें मैग्नीशियम, विटामिन-बी, आयरन, कैल्शियम, फॉलेट, जिंक, कॉपर,  और फासफोरस की भरपूर मात्रा होती है।

इसमें फाइटोन्यूट्रिएंट रूटीन भी होता है जो कोलेस्ट्रोल और ब्लड प्रेशर को कम करता है। सेलियक रोग से पीड़ितों को भी इसे खाने की सलाह दी जाती है। चूंकि कुट्टू के आटे को चबाना आसान नहीं होता, इसलिए इसे छह घंटे पहले भिगो कर रखा जाता है, फिर इन्हें नर्म बनाने के लिए पकाया जाता है, ताकि आसानी से पच सके।

चूंंकि इसमे ग्लूटन नहीं होता इसलिए इसे बांधने के लिए आलू का प्रयोग किया जाता है।

फायदा : 1 कुट्टू 75 प्रतिशत जटिल काबोहाइड्रेट है और 25 प्रतिशत हाई क्वालिटी प्रोटीन, वजन कम करने में यह बेहतरीन मदद करता है।  इसमें अल्फा लाइनोलेनिक एसिड होता है, जो एचडीएल कोलेस्ट्रोल को बढ़ाता है और एलडीएल को कम करता है।

2 यह अघुलनशील फायबर का अच्छा स्रोत है और गॉलब्लैडर में पत्थरी होने से बचाता है। अमेरिकन जरनल ऑफ गेस्ट्रोएनट्रोलॉजी के मुताबिक, 5 प्रतिशत ज्यादा घुलनशील फायबर लेने से गाल ब्लैडर की पत्थरी होने का खतरा 10 प्रतिशत कम हो जाता है।

3 फाइबर से भरपूर और ग्लिसेमिक इंडेक्स कम होने से यह डायब्टीज वालों के लिए बेहतर विकल्प है. कुट्टू के आटे का ग्लिसेमिक इंडेक्स 47 होता है।

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अगर कुछ हेल्दी खाने का मन है तो आप मूंग दाल और पालक का सूप बना सकते हैं। ये हेल्दी होने के साथ-साथ आपको टेस्टी भी लगेगा। 

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हाई यूरिक एसिड को यूं करें कम

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1. बेकिंग सोडा का सेवन

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नाइट शिफ्ट में काम करने से आपके लीवर को झेलने पड़ते हैं ये बुरे प्रभाव

रात के वक्त यानी नाइट शिफ्ट में काम करना आपके स्वास्थय के लिए काफी नुकसानदेह साबित हो सकता है। शोध में चौंकाने वाला खुलासा हुआ है कि नाइट शिफ्ट में जिगर यानी लीवर बुरी तरह प्रभावित होता है। लिवर 24 घंटों में दिन और रात के हिसाब से भोजन और भूख के चक्र का आदी हो जाता है।

रात की ड्यूटी यानी नाइट शिफ्ट के चलते आप समय पर भोजन नहीं कर पाते, जिसका सीधा असर आपके लिवर पर पड़ता है। शोधकर्ताओं ने चूहों पर प्रयोग कर पाया कि लिवर का आकार रात में बढ़ता है और वह खुद को ज्यादा खुराक के लिए तैयार करता है, लेकिन उसे समय पर उतनी खुराक नहीं मिल पाती।

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ठंडी होती है जामुन की तासीर, गर्मियों में खाने से होंगे ये 8 फायदे

खाने में स्वादिष्ट और औषधीय गुणों से भरपूर जामुन गर्मियों का फल है. स्वाद में थोड़ा मीठा और थोड़ा खट्टा होता है. जामुन में लगभग वे सारी चीजें होती हैं, जिनकी जरूरत हमारे शरीर को है. आम के साथ ही जामुन का मौसम भी शुरू हो जाता है. इस फल के गर्मियों में पैदा होने के पीछे भी एक कारण है. जामुन की तासीर ठंडी होती है और लू लग जाने की स्थिति में यह बहुत लाभदायक है.

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फल खाना सेहत के लिए अच्छा यह तो हम सभी जानते हैं, क्योंकि इससे हमारे शरीर को कई जरूरी पोषक तत्व प्राप्त होते हैं। एक ताजे शोध में कहा गया है कि रोजाना ताजे फलों का सेवन और जीवनशैली में बदलाव लाकर डायबिटीज के खतरे को काफी हद तक कम किया जा सकता है।

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गर्मियों में शरीर को ठंडा रखता है शर्बत!

नई दिल्ली : गर्मियों में तेज धूप और पसीने के कारण आपको डिहाइड्रेशन की समस्या हो सकती है. इसलिए इन दिनों कोल्ड ड्रिंक और पैकेज फ्रूट जूस जैसी अन्हेल्दी चीजें नहीं बल्कि घर में बनने वाले विभिन्न तरह के हेल्दी और टेस्टी शर्बत ही पिएं. 

सौंफ का शर्बत- इसे पीने से आपका शरीर और दिमाग कूल रहते हैं. इसे बनाने के लिए एक चम्मच सौंफ को रातभर पानी में भिगोकर रखें. सुबह सौंफ अलग कर लें और पानी में चीनी व शहद डालकर शर्बत बनाएं.

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सावधान.. ज्‍यादा मीठा खाने के हैं शौकीन, तो हो सकता है ये नुकसान

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सेहत के लिए फायदेमंद है देसी गाय का दूध!

नई दिल्ली: एक ताजा शोध में ये बात सामने आई है कि देशी गाय का दूध जिसे कि ए-2 दूध कहा जाता है, हमारी सेहत के लिए वरदान है. वहीं दूसरी ओर बाजार में बिकने वाले ज्यादातर गाय के दूध क्रॉस ब्रीड या विदेशी गायों का होता है वो सेहत के लिए सही नहीं है.  

अमूल जैसी बड़ी कंपनियां भी अब A-2 दूध के साथ बाजार में उतर रही हैं. लेकिन अमूल के एमडी आरएस सोढ़ी का कहना है कि, "जब आप इसे प्रिमियम प्राइस पर बेचना चाहते हैं तब मार्केट अपने आप छोटा हो जाता है. लेकिन धीरे-धीरे अब जागरूकता बढ़ रही है."

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ब्रोकली
इसका सेवन आपके दिल को लम्बे समय तक स्वस्थ बनाए रखने में मदद करता है। साल 2010 में जर्नल प्लांट फूड फॉर ह्यूमन न्यूट्रीशन में प्रकाशित शोध के अनुसार ब्रोकली स्प्राउट्स का रोजाना सेवन न सिर्फ ऑक्सीडेटिव स्ट्रेस को कम करता है बल्कि हार्ट सेल्स को डैमेज होने से भी बचाता है। इस बतौर सलाद भी खाया जा सकता है।

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क्या कहती है रिसर्च-
एक हालिया रिसर्च में ये बात सामने आई है कि बहुत ज्यादा आर्टिफिशियल स्वीटनर्स के सेवन से याददाश्त कमजोर हो सकती है. शोध के मुताबिक, बहुत ज्यादा मीठे पेय पदार्थों के सेवन से स्ट्रोक और डिमेंशिया का खतरा बढ़ जाता है. इससे याददाश्त‍ पर भी बुरा असर पड़ता है.

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