mp mirror logo

उमरिया जिला अस्पताल में बड़ा घोटाला

  • सुरेन्द्र त्रिपाठी

  उमरिया (एमपी मिरर)। जिला अस्पताल को अगर घोटालों का अस्पताल कहें तो कोई अतिशयोक्ति नहीं होगी, इस अस्पताल में नहीं चलते किसी के आदेश, यहाँ पदस्थ है दो जिला कार्यक्रम समन्वयक और फर्जी निकल रहे हैं बिल, इतना ही नहीं नियम विरुद्ध नियुक्तियां भी हैं, शिकायतों पर नहीं होती जांच, मामलों की हो रही है लीपापोती –

एक तरफ जहां प्रदेश के मुखिया आम जनता को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं मुहैया कराने के बड़े – बड़े वादे और दावे करते हैं वहीँ उमरिया जिला अस्पताल की नब्ज जब टटोली गई तो वहां कुछ और ही सामने आया देखिये एक रिपोर्ट, सच को उजागर करती ये खास पेशकश –

  यह है उमरिया जिला अस्पताल यहाँ भी हर जिलों की भांति ग्रामीण स्वास्थ्य मिशन का कार्यक्रम संचालित है, नियमानुसार हर जिले में एक जिला कार्यक्रम समन्वयक अर्थात डी पी एम की पदस्थापना होती है लेकिन यहाँ दो– दो डी पी एम नियुक्त हैं, उमरिया जिले में पदस्थ डी पी एम का ट्रांसफर हो जाने के बाद निवर्तमान सी एम एच ओ डाक्टर एम पी तिवारी डी सी एम निधि अग्रवाल को डी पी एम के पद का प्रभार अस्थाई तौर पर दे दिए, लेकिन बाद में जब निधि अग्रवाल के द्वारा किये गए आर्थिक अनियमितताओं और घोटालों की शिकायत नगर के जागरुक नागरिक सुनील सिंह सोलंकी द्वारा जिले के कलेक्टर से लेकर पी एस हेल्थ भोपाल तक की गई, जिसमें इनके द्वारा फर्जी तौर पर आशा सहयोगिनी की भरती पैसे लेकर की गई, और आशा कार्यकर्ताओं के ड्रेस के पैसे नहीं दिए गए वहीँ 1 ट्रेनिंग करवा कर 3 – 3 ट्रेनिंग रजिस्टरों में दस्तखत करवाए गए का मामला रहा, इस पर पी एस हेल्थ डाक्टर गौरी सिंह द्वारा 3 सदस्यीय टीम बना कर जाँच के निर्देश दिए गए, और वह जांच आज तक नहीं हुई इसकी शिकायत दुबारा बीजेपी के नेता दिव्य प्रकाश गौतम द्वारा की गई लेकिन उस पर भी आज तक कोई कार्यवाही नहीं हुई |

    इन शिकायतों को देखते हुए ज्वाइन डायरेक्टर रीवा डाक्टर सालम द्वारा निधि अग्रवाल को वापस डी सी एम के पद पर करते हुए प्रजीत कौर को जिले में डी पी एम के पद पर नियुक्त तो कर दिया गया लेकिन आज भी निधि अग्रवाल डी पी एम के पद पर कार्यरत हैं और कार्यालय में अपना कब्जा बरकरार रखी हैं जब उनसे जानने का प्रयास किया गया तो वो कैमरा देखते ही भड़क गईं और बाईट देने के नाम कहने लगी कि आप इसको बंद कीजिये हमको कुछ नहीं देना है बोल कर भागने लगीं, बाद में जब दूसरी डी पी एम प्रजीत कौर से बात किया गया तो वो बताई कि ये ज्वाइन डायरेक्टर डाक्टर सालम साहब का आदेश है और सी एम एच ओ साहब का भी आदेश है मैं डी पी एम के पद पर हूँ लेकिन आज तक मेरे को किसी तरह का प्रभार निधि अग्रवाल द्वारा नहीं दिया गया है और न ही कोई फ़ाइल सौंपी गई है और न चार्ज दिया गया है |

  इस मामले में जब सी एम एच ओ उमरिया डाक्टर आर के सिंह से बात किया गया तो उनका कहना है कि पहले जो डी पी एम थे उनका ट्रांसफर हो गया तो तो पूर्व सी एम एच ओ द्वारा निधि अग्रवाल को प्रभार दे दिया गया था किन्तु संयुक्त संचालक स्वाथ्य सेवाएँ रीवा संभाग रीवा द्वारा दूसरे को डी पी एम बना दिया गया है जिस आदेश का मेरे द्वारा पालन किया जा चुका है किन्तु अभी तक उनके द्वारा प्रभार का लेन देन नहीं हो पाया है, आज मेरे द्वारा आदेश कर दिया गया है कि तुरंत प्रभार दें तथा उनका बैठने का स्थान खाली कर दें जिससे डी पी एम अपना काम अच्छे से संधारित कर सकें और जिले की जो भी समस्याएं हो उसका निवारण कर सके |

    अब दूसरा पहलू भी देखिये जिसमें मेल सुपरवाईजर किस तरह कोल्ड चैन का प्रभारी बना बैठा है और क्षेत्र में स्वास्थ्य सुविधाएँ प्रभावित हो रही हैं, कुर्सी का मोह फील्ड में जाने की अनुमति ही नहीं दे रहा है,

   उमरिया जिला अस्पताल में किसी के आदेश नहीं चलते हैं, यहाँ तो बस मनमानी ही चलती है, जहां लाभ का पद दिख जाय वहां कब्जा जमाये रहो चाहे उसके लिए जो भी करना पड़े, इसी नीति पर पदस्थ मेल सुपरवाईजर राजेश गुप्ता कर रहे हैं कार्य, इतना ही नहीं इनका वेतन भी 2013 से फर्जी ढंग से निकल रहा है, पुरुष बहुउद्देशीय स्वास्थ्य कार्यकर्ता के पद पर भरती हुए गुप्ता की सन 2013 में संयुक्त संचालक स्वास्थ्य रीवा के द्वारा पदोन्नति पुरुष सुपरवाईजर के पद पर करके प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र करकेली से नगरीय परिवार कल्याण केंद्र उमरिया ट्रांसफर कर दिया गया | इस बारे में नगर के जागरुक नागरिक सुनील सिंह और युवा भाजपा नेता का कहना है कि राजेश गुप्ता एम पी डब्ल्यू के पद पर पदस्थ हुए और 2013 में पदोन्नत होकर मेल सुपरवाईजर हो गए और उनकी नियुक्ति शहरी क्षेत्र, जिला अस्पताल उमरिया में हो गई लेकिन यहाँ वह पद था ही नहीं, सुपरवाईजर का पद न होने की स्थिति में उनकी तनख्वाह कहाँ से निकले और यहाँ प्रयोगशाला सहायक का पद खाली था और 5500 – 20 हजार 200 का बेसिक दोनों का है इसलिए उनका पद परिवर्तन करके यहाँ कोल्ड चैन और प्रशिक्षण प्रभारी बना दिया गया और उनसे काम लिया जा रहा है और उनकी तनख्वाह सिविल सर्जन कार्यालय से प्रयोगशाला सहायक के तौर पर निकाली जा रही है लेकिन सीनियर पद पर हरेन्द्र सिंह रेफ्रिजरेटर मैकेनिक यहाँ पदस्थ हैं और उनको प्रभार नहीं दिया गया वो यहाँ सहायक के पद पर रह कर काम करते हैं, वहीँ युवा भाजपा नेता दिव्य प्रकाश गौतम ने आरोप लगाया कि राजेश गुप्ता की नियुक्ति अवैध रूप से तत्कालीन सीएमएचओ डाक्टर एम पी तिवारी ने किया था जबकी उमरिया जिले में अर्बन सुपरवाईजर का पद स्वीकृत ही नहीं है और प्रयोगशाला सुपरवाईजर का पेमेंट निकाला जाता है

साथ में इनसे अर्बन सुपरवाईजर का काम भी नहीं लिया जाता है, इनको जिले के टीकाकरण का काम, ट्रेनिंग प्रोग्राम के प्रभार दिए गए हैं जो नियम विरुद्ध हैं, डाक्टर एम पी तिवारी के रहते जितने भी नियम विरुद्ध काम किये गए हैं, उनके कार्यकाल की जांच पूरी तरह से होनी चाहिए, उनके द्वारा कई ऐसे पत्र बना कर दे दिए जाते थे, वरिष्ठ कार्यालयों में भेज दिए जाते थे जिनका कोई रिकार्ड नहीं होता था सब मनमानी होता था, मेरे द्वारा आज तक जो भी शिकायत की गई उसकी कोई जांच नहीं हुई है और प्रदेश से लेकर जिले तक पूरा भ्रष्टाचार फैला है, सब अपने सिस्टम में हैं |

     इस बारे में जब राजेश गुप्ता से जानकारी ली गई तो उन्होंने स्वीकार किया कि मेरी पदोन्नति 2013 में ज्वाइन डायरेक्टर के आदेश से मेल सुपरवाईजर के पद हुई थी और उसी के आधार पर मैंने जिला अस्पताल में ज्वाइन किया है और 2010 में स्वास्थ्य आयुक्त का आदेश था कि मेल सुपरवाइजरों को ही कोल्ड चैन का प्रभार दिया जाय तो मैं प्रभारी हूँ और ये तो सी एम एच ओ की व्यवस्था है कहाँ से पेमेंट निकाले | गौरतलब है कि इनकी पदोन्नति 2013 में हुई और ये प्रभार के लिए हवाला 2010 के आदेश का दे रहे हैं जिससे साफ गड़बड़झाला नजर आ रहा है |

     इस पूरे मामले में जब सी एम एच ओ  डाक्टर आर के सिंह से बात किया गया तो उनका कहना है कि उनकी पदस्थापना किस आधार पर हुई है ये मेरे को जानकारी नहीं है, कल किसी के पात्र के द्वारा मेरे को जानकारी हुई है मैंने बाबू को लिख दिया है कि उनके पदस्थापना मूल पद करने का आदेश बनाये |

  अब जरा एक नजर आर सी एच की तरफ डालें तो वहां भी संजय शर्मा नाम का युवक अवैतनिक रूप से कार्य कर रहा है, जबकी उच्च न्यायालय द्वारा उसको जिला अस्पताल से हटाये जाने का आदेश था फिर भी अभी तक कार्यरत है इस बारे में सी एम एच ओ का कहना है कि अभी मेरे को इसके बारे में कोई जानकारी नहीं है आज वो बाबू नहीं है जिसके पास आदेश है, मैं देखता हूँ कि क्या आदेश है कोर्ट का और कोर्ट के आदेश का पालन हुआ कि नही हुआ |

   गौरतलब है कि जिला अस्पताल उमरिया को घोटालों का अस्पताल कहें तो कोई अतिशयोक्ति नहीं होगी वहीँ सबसे बड़ी बात तो यह है कि इस अस्पताल में ज्वाइन डायरेक्टर के आदेश हो या सीएमएचओ के या फिर संचालक के आदेश हों सब पर संविदा कर्मचारी और छोटे कर्मचारी भारी हैं, इतना ही नहीं यहाँ शासकीय राशि की भी जम कर होली खेली जा रही है, ऐसे में सहज ही अनुमान लगाया जा सकता है कि जिले के नागरिको को कितना लाभ मिलता होगा, जबकि जागरूक लोग शिकायतें तो कर रहे हैं लेकिन सालों से आज तक जांच ही नहीं हुई ऐसे में प्रदेश सरकार की सारी घोषणाये यहाँ दम तोड़ती नजर आ रही हैं |

"स्पेशल रिपोर्ट" से अन्य खबरें

उफान पर थी कामुकता...

इंदौर (एमपी मिरर)। शहला मसूद हत्याकांड में सीबीआई की कोर्ट ने सभी आरोपियों को आजीवन कारवास की सजा सुनाई है। इसमें जाहिदा परवेज, सबा फारुखी, शाकिब और ताबिश शामिल हैं। केवल सरकारी गवाह इरफान को क्षमादान दिया गया है। सीबीआई कोर्ट इस मामले में पिछले 10 दिन से आरोपियों और सीबीआई की ओर से अंतिम बहस सुन रही थी। आरटीआई कार्यकर्ता शहला मसूद की 16 अगस्त 2011 को गोली मारकर हत्या कर दी गई थी।...

Read More

उमरिया जिला अस्पताल में बड़ा घोटाला

  • सुरेन्द्र त्रिपाठी

  उमरिया (एमपी मिरर)। जिला अस्पताल को अगर घोटालों का अस्पताल कहें तो कोई अतिशयोक्ति नहीं होगी, इस अस्पताल में नहीं चलते किसी के आदेश, यहाँ पदस्थ है दो जिला कार्यक्रम समन्वयक और फर्जी निकल रहे हैं बिल, इतना ही नहीं नियम विरुद्ध नियुक्तियां भी हैं, शिकायतों पर नहीं होती जांच, मामलों की हो रही है लीपापोती, एक तरफ जहां प्रदेश के मुखिया आम जनता को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं मुहैया कराने के बड़े – बड़े वादे और दावे करते हैं वहीँ उमरिया जिला अस्पताल की नब्ज जब टटोली गई तो वहां कुछ और ही सामने आया देखिये एक रिपोर्ट, सच को उजागर करती ये खास पेशकश...

Read More

शिवराज बने शेर बाकी सब राजनैतिक बोने

भोपाल (एमपी मिरर)। मप्र के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान कई रिकॉर्ड तोड़ रहे हैं। वो सबसे ज्यादा समय तक मप्र पर शासन करने वाले नेता बन चुके हैं। इसके साथ ही उन्होंने सिंहस्थ का वो मिथक भी तोड़ दिया जो 1956 से लगातार चला आ रहा था। यहां हर बार सिंहस्थ के बाद या तो सरकार बदल जाती थी या फिर मुख्यमंत्री। सिंहस्थ 2016 के बाद ऐसा कतई नहीं हुआ। उल्टा सिंहस्थ से पहले जो सरकार दवाब में चल रही थी अब वो भी खत्म हो गया। इन दिनों मुख्यमंत्री शिवराज सिंह और उनके मंत्री बिना किसी दवाब के, पूरी आजादी के साथ काम कर रहे हैं। कोई तनाव नहीं है।...

Read More

हवाला कांड: ईडी की जांच पर टिकी सबकी निगाहें

कटनी/ भोपाल (एमपी मिरर)। तत्कालीन एसपी गौरव तिवारी ने सरावगी के आॅफिस से खुर्दबुर्द करने के लिए ले जाए जा रहे 28 बोरे दस्तावेज जब्त किए थे।अब ईडी ने जांच शुरू की है और वो भी सरावगी के आॅफिस से 4 बोरे दस्तावेज जब्त कर लाई है।  इंदौर से ईडी की टीम कटनी के कोतवाली थाने पहुंची और रिकॉर्ड देखे। इसके बाद पुलिस ने कोयला कारोबारी सतीश सरावगी के दफ्तर पर छापा मारा। पुलिस वहां से 4 बोरों में दस्तावेज भरकर अपने साथ ले गई है। ईडी ने पूर्व एसपी गौरव तिवारी द्वारा तैयार की गई 120 पन्नों की रिपोर्ट भी देखी है।...

Read More

ये सख्श नहीं चाहता राहुल गांधी फटा कुर्ता पहनें, इसलिए भेज दिया 20 रुपए का ड्रॉफ्ट

होशंगाबाद/भोपाल (एमपी मिरर)। कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी हाल ही में एक सभा के दौरान फटा कुर्ता पहनकर नजर आए थे। उन्होंने इसे बाकायदा जनता को दिखाया था। पर मप्र में एक शख्स ऐसा है, जो यह नहीं चाहता कि राहुल गांधी फटा कुर्ता पहनें और अगर वो अपना फटा कुर्ता पहनकर देश से बाहर चले गए तो इस कुर्ते से कहीं देश की बदनामी न हो जाए। इसी वजह से मप्र के होशंगाबाद के एक व्यक्ति ने 20 रुपए का ड्रॉफ्ट राहुल गांधी को भेजकर उनसे अपना कुर्ता सिलवाने की अपील की है। साथ ही राहुल गांधी के लिए  एक पत्र भी लिखा है।...

Read More

अब टमाटर ने किसानों को रुलाया

  •  सुनील भावसार/सुनील सोनी

अंजड़/बड़वानी ( एमपी मिरर)। लाल टमाटर की फसल ने किसानों के चेहरे किये लाल, पानी के भाव बिक रहे हैं टमाटर, टमाटर की फसल से किसानों को भारी नुक्सान, लागत निकलना तो दूर फसल को तुड़वाने के पैसे भी जेब से भर रहे है किसान। कई किसानों ने उखाड़ी फसल तो कई बक्खर चलाने की तैयारी में। अंजड़, बड़दा व आवली क्षेत्र में लगभग 500 एकड़ से भी ज्यादा में लगी है टमाटर की फसल, क्षेत्र के किसान सरकार से टमाटर की फसल को समर्थन मूल्य में खरीदने की मांग कर रहे हैं। क्षेत्र के किसानों ने तीन माह पहले अपने खेतो में टमाटर का महंगा रोपा लाकर बड़े जतन से लगाया था तथा महंगा खाद व दवाई डालकर महीनो कड़ी मेहनत से फसल को ये सोच कर सींचा का ठण्ड के दिनों में फसल के अच्छे भाव मिलेंगे लेकिन हुआ उलट टमाटर पानी के मोल बिक रहा है।...

Read More

राजधानी में मास्टर प्लान लागू करने की कवायद शुरू

भोपाल (एमपी मिरर)। राजधानी भोपाल में तेजी से विकास हो रहा है, लेकिन कई स्थानों पर विकास कार्य बेतरतीब हुए हैं। इस कारण राजधानीवासियों को समस्याएं होती हैं। राजधानी में अगर पहले ही मास्टर प्लान लागू हो जाता तो एक सुनियोजित तरीके से विकास होता। अब जब मास्टर प्लान को लागू करने की तैयारी चल रही है तो शहर में विकास कार्य और तेजी से बढ़ जाएंगे। इसके अलावा राजधानी से सटे क्षेत्रों में भी विकास की गंगा दौड़ने लगेगी। 12 साल बाद भोपाल विकास योजना (मास्टर प्लान) का मसौदा चौथी बार तैयार किया जाएगा।...

Read More

चौतरफा घिरे मंत्री पाठक, कभी भी हो सकता है इस्तीफ़ा...

कटनी (एमपी मिरर)। हवाला कांड के आरोपों उलझे मंत्री संजय पाठक की कुर्सी पर खतरा बरक़रार है।संजय पाठक पर लगातार इस्तीफ़ा देने का दबाव  बढता जा रहा है। कटनी के असंतुष्ट भाजपाईयों ने मंत्री पाठक  के खिलाफ जो गोपनीय अभियान चलाया है उसका असर दिखाई देने लगा है। इस पूरे मामले पर भाजपा आला कमान भी अपनी नजर गढ़ाए हुए है। इस मामले का खुलासा करने वाले कटनी एसपी गौरव तिवारी को मध्यप्रदेश में ही नहीं बल्कि पूरे देश में जबरदस्त समर्थन मिल रहा है। इसको लेकर  आरएसएस ने भी  पाठक का इस्तीफ़ा लेने का दबाव बनाना शुरू कर दिया है।...

Read More

सुहास भगत जी अपने संगठन महामंत्री होने का एहसास भी कराएं

  • पवन देवलिया

भोपाल (एमपी मिरर)। मध्यप्रदेश की राजनीति मे इस समय कटनी मे पकडे गये हवाला 500 करोड की आग कटनी भोपाल दिल्ली तक फैल चुकी।मोदी के नोटबंदी के बाद देशभर मे हवाला हुआ।एमपी के कटनी मे तो एसपी गौरव तिवारी के नेतृत्व मे देश का सबसे बडा हवाला पकडा गया।500 करोड के हवाले की रकम मे अभी अभी काग्रेस से भाजपा मे आकर मंत्री बने संजय पाठक के सहयोगियों का नाम आया मंत्री जी को आरोपों मे घिरते देख  आनन फानन मे सरकार ने कार्यवाही करने वाले एसपी गौरव तिवारी को जिले से हटा दिया। एसपी को हटाने की स्थानीय जनता सडको पर उतर आई सरकार के पास यह रिपोर्ट भी आई कि महाकौशल क्षेत्र के संघ प्रचारक भी सरकार के इस निर्णय के खिलाफ हुए और पुराने भाजपाईयो को सरकार के इस कथित निर्णय की खिलाफत करने का संदेश कान टू कान भेजा गया फिर क्या था जो जनता सडको पर थी उसे पीछे से संघ और भाजपा का गुप्त समर्थन मिलते है आग और भडक गई जो आज तक सुलग रही है।...

Read More

कटनी में दमन का काला अध्याय शुरू ...

भोपाल (एमपी मिरर)। आम आदमी की दबाई जा रही है आवाज 2003 से लगातार भारी बहुमत से जनता द्वारा चुनी जा रही भाजपा सरकार की दमकारी नीति शुरू...कटनी वासियों को आई अग्रेजो के शासन की याद...500 करोड के हवाला लेन देन मे काग्रेस से भाजपा मे जाकर मंत्री बने संजय पाठक का नाम आने के बाद ईमानदार अफसर को जिले से हटाने की कार्यवाही के विरोध मे समूचा जिला लामबंद हुआ....शहर के प्रमुख स्थान सुभाष चौक जो हमेशा अभिव्यक्ति के जाना पहचाना स्थान है पर शासन प्रशासन ने जनता की अभिव्यक्ति पर लगाया प्रतिबंध... आगे देखिये सरकार एक खदान व्यापारी से मंत्री बने नेता को बचाने के लिए कैसे आम जनता को प्रदर्शन करने से रोक रही है। आवाज़ दबा रही है। ये तो इमरजेंसी जैस माहौल बनता जा रहा है।कटनी जिला प्रशासन ने सुभाष चौक पर लगे टेंट और ध्वनि विस्तारक यंत्रों को उखाड कर 100 डायल खडी करवा दी है।...

Read More