mp mirror logo

VYAPM Scam : सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद भी निरस्त नहीं हुए एडमिशन

भोपाल। व्यापमं घोटाला.. ज्यादा समय नहीं बीता है जब इस मामले से संबंधित खबरें रोज सुर्खियां बनती थींं। स्कैम, फर्जीवाड़ा, गोरखधंधा ये सारे शब्द इस मामले के सामने बौने पड़ गए थे। तो क्या अब सब कुछ ठीक हो गया है..जी नहीं, यह सरकारी फितरत का ही नमूना है कि इस संवेदनशील मामले में भी लापरवाही साफ नजर आती है। वे 114 मुन्नाभाई डॉक्टर अब भी सरकारी अस्पतालों में लोगों का इलाज कर रहे हैं, जिनके एडमिशन निरस्त करने के आदेश सुप्रीम कोर्ट ने दिए थे। चिकित्सा शिक्षा विभाग ने यह पूरा मामला मेडिकल कॉलेजों पर छोड़ दिया है।

कॉलेजों ने इस मामले से संबंधित रिपोर्ट अब तक नहीं सौंपी है। सूत्रों के मुताबिक 114 मुन्नाभाई डॉक्टरों में से कुछ धार, नरसिंहपुर व रतलाम के अस्पतालों में सरकारी नौकरी कर रहे हैं।

परीक्षा किसी ने दी, एडमिशन किसी और ने लिया

व्यापमं द्वारा ली जाने वाली मेडिकल प्रवेश परीक्षा 'पीएमटी' में फर्जीवाड़ा कर कुछ छात्रों द्वारा एमबीबीएस में एडमिशन लेने का मामला 2009 में तत्कालीन विधायक पारस सकलेचा ने विधानसभा में उठाया था। सकलेचा ने विधानसभा में मांग की थी कि साल 2009 के जिन छात्रों ने मेडिकल कॉलेजों में प्रवेश लिया है, उनकी फोटो का

मिलान उनके पीएमटी के आवेदन पत्र में लगे फोटो से किया जाए।

नवंबर 2011 में इस मामले की जांच के लिए बनाई गई कमेटी ने सरकार को रिपोर्ट दी कि 114 एडमिशन गलत तरीके से हुए हैं, जिसमें परीक्षा देने वाले छात्र और एडमिशन लेने वाले छात्र अलग-अलग थे। जांच रिपोर्ट के बाद छात्रों के प्रवेश रद्द किए गए, लेकिन कुछ छात्र इसके खिलाफ 2012 में हाई कोर्ट चले गए।

हाई कोर्ट ने एडमिशन निरस्त करने पर स्टे देते हुए कहा था कि छात्रों को सुनवाई का मौका हीं नहीं मिला, इसलिए फिर से इन मामलों का परीक्षण कर फैसला लिया जाए। हालांकि बाद में सुप्रीम कोर्ट ने 2009 सहित 2008 से लेकर 2012 तक गलत तरीके से प्रेवेश लेने वाले छात्रों का एडमिशन निरस्त कर दिया।

इन कॉलेजों में इतने छात्रों के एडमिशन होने थे निरस्त

गांधी मेडिकल कॉलेज, भोपाल: 26

महात्मा गांधी मेडिकल

कॉलेज, इंदौर : 08

ग्वालियर मेडिकल कॉलेज : 36

सुभाष चंद बोस मेडिकल

कॉलेज, जबलपुर : 15

रीवा मेडिकल कॉलेज : 08

सागर मेडिकल कॉलेज : 21

"जिलों की ख़बरें" से अन्य खबरें

मध्यप्रदेश में कोविंद के लिए क्रॉस वोटिंग, कांग्रेस और बसपा ने दिए वोट

भोपाल राष्ट्रपति चुनावों में मध्यप्रदेश से बड़ी खबर आ रही है, यहां पर क्रॉस वोटिंग की जानकारी सामने आई है। एनडीए के प्रत्याशी रामनाथ कोविंद को मध्यप्रदेश से 168 की जगह 171 वोट मिले हैं। तय उम्मीद से तीन ज्यादा। माना जा रहा है, इनमें एक वोट कांग्रेस और दो वोट बसपा खेमे से आए हैं।
दरअसल, मध्यप्रदेश विधानसभा में विधायकों की कुल संख्या 230 है। लेकिन एक सीट रिक्त होने और नरोत्तम मिश्रा को वोट डालने का अधिकार नहीं होने के कारण 228 विधायकों ने ही वोट किए। भाजपा विधायकों की संख्या 165 है, जबकि तीन निर्दलीय विधायक भी हैं। कांग्रेस के विधायकों की संख्या 56 है और चार विधायक बसपा के हैं। 

Read More

मध्यप्रदेश प्याज घोटाला : नागरिक आपूर्ति निगम के महाप्रबंधक गिरफ्तार

नई दिल्ली: मध्यप्रदेश में  सरकार की प्याज खरीदी की घोषणा के बाद नागरिक आपूर्ति निगम के अफसर, व्यापारी और दलालों के गठजोड़ ने बड़े पैमाने पर प्याज को अपने स्तर से लाखों रुपये कमीशन लेकर बेच डाला. इस मामले के खुलासे के बाद सरकार की नींद टूटी और उसने आनन-फानन में महाप्रबंधक श्रीकांत सोनी को बुधवार रात निलंबित कर दिया और गुरुवार को भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मामला दर्ज कर उसे गिरफ्तार भी कर लिया गया. 

Read More

पीएफ ने शुरू की निजी कर्मचारियों को होमलोन दिलाने की मुहिम

भोपाल। कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (ईपीएफओ) ने अब निजी क्षेत्र के कर्मचारियों को 'होमलोन' दिलाने की मुहिम शुरू की है। इसके लिए पीएफ कमिश्नर एवं अन्य अधिकारियों की 'हुडको' सहित शहर की हाउसिंग समितियों से भी चर्चा हुई है। सदस्यों को मकान की किस्त पीएफ के जरिए भरने का विकल्प भी दिया जा रहा है।

भविष्य निधि संगठन ने पहली बार अपने आवासहीन खाताधारियों को मकान दिलवाने की योजना हाथ में ली है। इसमें प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत मिलने वाली सुविधाएं भी जोड़ी जा रही है। इससे ब्याज में 4 फीसदी की राहत मिल सकेगी। 

Read More

मूसाखेड़ी में एलजी मार्केट की दुकानों में लगी भीषण आग, देर रात तक नहीं बुझी

इंदौर. मूसाखेड़ी चौराहे पर रविवार देर रात एक मार्केट में भीषण आग लग गई। लोगों ने धुआं और लपटे देखी तो तुरंत फायर ब्रिगेड को कॉल किया। इधर, घटना देख लोगों की भीड़ जमा हो गई। वहीं दुकान के व्यापारी भी मौके पर पहुंचे। 

Read More

गृह मंत्रालय का राज्यों को आदेश- PM मोदी का स्वागत गुलदस्ते से नहीं एक फूल से करें

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के स्वागत में गुलदस्ता भेंट करने पर केंद्रीय गृह मंत्रालय ने एक आदेश जारी किया है. आदेश के मुताबिक, पीएम मोदी का स्वागत फूलों का गुलदस्ता देकर नहीं किया जाएगा. गृह मंत्रालय ने ये आदेश सभी राज्यों को जारी किए हैं.

Read More

राष्ट्रपति चुनाव में नहीं डाल पाएंगे वोट, इस्तीफे का भी बढ़ा दबाव

भोपाल पेड न्यूज मामले में चुनाव आयोग की ओर से तीन साल के लिए अयोग्य घोषित किए गए जनसंपर्क मंत्री नरोत्तम मिश्रा को दिल्ली हाईकोर्ट से राहत नहीं मिलने के कारण राष्ट्रपति चुनाव में उनके मतदान करने की सारी संभावनाएं लगभग खत्म हो गई हैं। चुनाव आयोग पहले ही उनको संशोधित मतदान सूची में अयोग्य घोषित कर चुका है। दिल्ली हाईकोर्ट के याचिका खारिज किए जाने के बाद अब नरोत्तम पर मंत्री पद से इस्तीफा देने का दबाव भी बढ़ गया है।

Read More

मध्यप्रदेश : अब 16 जुलाई तक हो सकेगी अफसर,कर्मचारियों की तूमा बदली

भोपाल। मध्यप्रदेश में अब अधिकारियों और सरकारी कर्मचारियों की एक जगह से दूसरी जगह तूमा बदली अब 16 जूलाई तक हो सकेगी। राज्‍य शासन ने स्‍थानान्‍तरण की अवधि एक बार फिर बढ़ा दी हैं। अब 16 जुलाई तक स्‍थानान्‍तरण किये जा सकेंगे। अब तक यह तिथि 10 जुलाई थी। जो 6 दिन यानि 16 जुलाई 2017 हो गयी है।

Read More

पेड न्यूज केस : सुप्रीम कोर्ट पहुंचे नरोत्तम मिश्रा

भोपाल। चुनाव आयोग द्वारा अयोग्य करार दिए जाने के मामले में मप्र सरकार के मंत्री नरोत्तम मिश्रा ने सुप्रीम कोर्ट की ओर रुख किया है। गौरतलब है कि मप्र हाईकोर्ट इस संबंध में जल्द सुनवाई की याचिका को यह कह कर टाल दिया था इस संबंध में एक याचिका सुप्रीम कोर्ट में भी लगी हुई है इसलिए दोनों याचिका पर सुप्रीम कोर्ट ही सुनवाई करेगा।

Read More

ऐसा क्या कह गए बीजेपी सांसद की कांग्रेस ने भी थपथपा दी पीठ

भोपाल. अमरनाथ यात्रियों पर आतंकी हमले की तीखी आलोचना हो रही है। केन्द्र सरकार पर दबाव बनाया जा रहा है कि अब बातचीत का समय निकल चुका है, सीधे एक्शन हो, लेकिन सरकार इस मामले में खुलकर बोलने से बच रही है।

Read More

जीएसटी से बनी खाई : बड़े व्यापारियों का छोटों के साथ कारोबार से इनकार

इंदौर। गुड्स एंड सर्विसेस टैक्स (जीएसटी) के साथ बाजार में भेदभाव का नया अध्याय शुरू हो गया है। नई कर प्रणाली के लागू होने से बड़े कारोबारी छोटे व्यापारियों से माल और सेवा लेने में हिचक रहे हैं। कई बड़े कारोबारियों ने सीधे तौर पर छोटे वेंडरों से कारोबारी रिश्ते तोड़ लिए हैं। व्यापार बचाने की गरज से छोटे व्यापारियों को मनमानी शर्तों पर कारोबार करना पड़ रहा है।

Read More