mp mirror logo

प्रदेश के मुख्यमंत्री के भावांतर योजना कार्यक्रम का सीधा प्रसारण जिले की ग्राम सभाओ में भी देखा एवं सुना गया। इसके लिए सम्पूर्ण जिले में गुरूवार को विशेष ग्राम सभाओ का आयोजन किया गया था। 

'आज का भारत 1962 से अलग, आतंकवाद के मुद्दे पर किसी को नहीं बख्शा जाएगा': सीएम शिवराज

वाशिंगटन: मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने पाकिस्तान और चीन पर जोरदार हमला बोलते हुए कहा कि आज भारत वैसा नहीं है, जैसा वह वर्ष 1962 में था. साथ ही उन्होंने कहा कि भारत आतंकवाद के मुद्दे पर किसी को ‘‘नहीं बख्शेगा’’.उन्होंने कहा कि भारत अब 1962 वाला देश नहीं रहा और चीन को इस बात का एहसास भी हो गया है जिसके बलों को भारतीय जवानों की दृढ़ता और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में मजबूत भारत के उदय के कारण डोकलाम में पीछे हटना पड़ा. सीएम चौहान अमेरिका की करीब एक सप्ताह की यात्रा पर सोमवार सुबह पहुंचे हैं. वह यहां भारतीय दूतावास द्वारा आयोजित एक स्वागत समारोह में भारतीय अमेरिकी समुदाय को संबोधित कर रहे थे. 

गुजरात चुनावः पाटीदार नेता निखिल सवानी ने भी छोड़ी BJP, खरीद-फरोख्त का लगाया आरोप

नई दिल्लीः गुजरात चुनाव में रोज एक नया मोड़ आता नजर आ रहा है. राज्य की सत्ताधारी बीजेपी में 15 दिन पहले शामिल हुए पाटीदार नेता निखिल सवानी ने पार्टी से इस्तीफा दे दिया है.उन्होंने कहा कि बीजेपी पाटीदार नेताओं को बेवकूफ बना रही है. निखिल सवानी ने कहा है कि नरेंद्र पटेल ने बीजेपी पर जो आरोप लगाए है वह बिलकुर ठीक है. उन्होंने कहा कि बीजेपी पाटीदार नेताओं को खरीदने की कोशिश कर रही है. निखिल ने कहा कि बीजेपी पाटीदारों को तोड़ने की कोशिश कर रही है. उन्होंने कहा कि नरेंद्र पटेल ने जो किया वो सही किया है. आपको बता दें कि निखिल सवानी ने दो साल पहले हार्दिक पटेल का साथ छोड़ दिया था और कुछ दिन पहले ही वह बीजेपी में शामिल हुए थे. निखिल ने कहा कि बीजेपी ने जो वादा किया उसे पूरा नहीं किया. आरक्षण देना, आंदोलन में मारे गए लोगों को नौकरी नहीं दी, मुआवजा नहीं दिया.

दिमाग की क्षमता बढ़ाना चाहते हैं तो बदल डालें अपनी ये आदतें

दिमाग की हमारे शरीर में कितनी अहमियत है यह बताने की जरूरत नहीं। शरीर की हर क्रिया का संचालन दिमाग के बिना संभव नहीं है। सांस लेना, मसल्स कंट्रोल, सोचना, समझना, याद रखना, हार्मोंन्स का नियंत्रण आदि सभी कार्यों का संचालन मस्तिष्क से ही होता है। इसलिए हमारे भोजन का अधिकांश हिस्सा दिमाग के पोषण के लिए चला जाता है। दिमाग से कमजोर व्यक्ति समाज में काफी उपेक्षित होता है इसलिए हर कोई अपने दिमाग की क्षमता बढ़ाने के प्रयास में लगा रहता है। हमारे दैनिक जीवन की बहुत सी आदतें ऐसी होती हैं जो हमारे दिमाग की क्षमता पर असर डालती हैं।